गृहलक्ष्मी-2 – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  रंग-बिरगी बल्बों की लड़ियों से पूरा ‘जानकी निवास’  जगमगा रहा था।मनोहर बाबू लाॅन के बीचोंबीच अपनी आरामकुर्सी डालकर बड़े प्यार-से अपने घर की शोभा निहार रहें थें।बरसों बाद दीवाली के दिन उनके घर में इतनी चहल-पहल हो रही थी।बच्चे छोटे थे तब यहाँ की रौनक देखते बनती थी,उनकी पत्नी जानकी … Read more

गृहलक्ष्मी की तपस्या – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “माली काका…!” सुजाता जी की आवाज पर रामदीन पास आते हुए कहा  “जी मालकिन !” “आज अपने पैसे ले लेना।” ठीक है मालकिन यह कहकर रामदीन अपना काम करने लगा। “जल्दी-जल्दी हाथ चलाओ।आज शाम तक मुझे घर बिल्कुल परफेक्ट मिल जाना चाहिए ।” “जी मालकिन!” घर में रंग रोगन का … Read more

गृह लक्ष्मी – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ला बेटा सब्जी धोकर मुझे लाकर दे दे मैं अपना सीरियल देखते देखते काट दूंगी तुझे सुबह से लगे लगे कितना वक्त हो गया है कल अहोई का व्रत है ना हम दोनों का, कल सब्जी नहीं काटनी है। अहोई के दिन मेरी सास सब्जी नहीं काटने देती थी मुझे … Read more

दीयों की चमक – डॉ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  रमा तिलमिला उठी.. परिस्थिति ने उसे कठोर और असहिष्णु बना दिया था.   बड़ी भाभी की तीखी बातें नश्तर सी चुभो रही थी.. कैसे इतनी कड़वी बातें कह जाते हैं वे लोग ….वह भी मुन्ने के सामने.. उनकी तीखी कड़वी बातों का मुन्ने के बालमन पर कितना दुष्प्रभाव पड़ेगा ….वे जरा … Read more

और अंधेरा मिट गया – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : प्रिया अपना टिफिन रख लो… देखो तुम्हारी प्रैक्टिस फाइल बाहर ड्राइंग रूम में टेबल पर ही पड़ी है… तुम टीवी देखते – देखते डायग्राम बना रही थी ना… रख लो वरना भूल जाओगी।  नीरज आपने अपना बैग देखा.. देखिए ये फाइलें अभी भी बाहर पड़ी हैं… फिर आप भूल जाएंगे … Read more

ममता – महजबीं: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज भी मुझे अपनी बायोलॉजी की टीचर ज़ोया मैंम याद हैं। जिनका एक पैर जन्म से ख़राब था। वह एक हाथ में बैसाखी ले कर चलती थीं तथा दूसरी ओर से उन्हें किसी का हाथ पकड़ना पड़ता था। वह रिक्शे से आती थी।मैं अपनी फ्रेंड्स के साथ उनकी प्रतीक्षा करती … Read more

आपसी तालमेल और सामंजस्य : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ‘राज क्या बात है? मैं दो दिन से देख रही हूँ आप बहुत परेशान दिख रहे हो। न ठीक से सो पा रहे हो, न खा पा रहै हो। बताओ ना क्या बात है?’ तुम तो जानती हो सुमी सौलह दिन बाद रज्जो की सगाई है। आफिस में काम का … Read more

एक गृहलक्ष्मी की चाह “आत्मसम्मान” – संध्या सिन्हा: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रसोई का सारा काम निपटा कर विभा अपने बेडरूम में आयी तो देखा वैभव बड़े आराम से सो रहे थे लेकिन तकिया नीचे गिरा हुआ था। उसने एक प्यार भरी निगाह ड़ालते हुए तकिया बेड़ पर रख कर शावर लेने चली गयी। लौट कर आयी तो वैभव को कोई किताब … Read more

गैरों की ममता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मैं अपनी बाइस दिन की बेटी को लेकर इस दो कमरे के मकान में रहने को आई थी । मकान मालिक का भरा पूरा परिवार था चार ,चार बेटे और एक बीस साल की बेटी ।मैं अपने परिवार में मेरे पति और बूढ़ी सास बस इतने ही लोग थे । … Read more

छुपी रुस्तम – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज रूपा को लड़के वाले देखने आने वाले थे,सारे घर में सुबह से ही चहल पहल थी,रूपा खूबसूरत,पढ़ी लिखी,सरकारी जॉब पर कार्यरत एक आधुनिक लड़की थी।हालांकि उसका दिल नहीं था इस तरह विधिवत देख दिखाने के बाद शादी करने का पर अपने पापा के डर की वजह से और मम्मी … Read more

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