बड़ों का आशीर्वाद : hindi stories with moral

hindi stories with moral : संजीव के तीसरी बेटी की भी शादी आज निपट गई,सारे मेहमान चले गए ।काम से निवृत्त होकर संजीव मम्मी के कमरे में डले पलंग पर थोड़ा आराम करने के लिए लेट गये । सामने टेबल पर मम्मी की मुस्कुराती हुई तस्वीर संजीव उठकर बैठ गए मम्मी के फोटो के सामने … Read more

मेरी ननदें मेरे लिए बोझ नहीं है ( भाग -3) – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुरेखा ने उसे देखते ही ताना मारा और मुंह बनाया, पर नीरजा ने इसकी परवाह नहीं की, और अपनी मम्मी सुनीता जी को बताया कि उसकी सास उसकी नौकरी करने के लिए राजी हो गई है, वो अपनी मार्क शीट, सर्टिफिकेट और डिग्री लेने आई है। ये सुनते ही सुरेखा … Read more

मेरी ननदें मेरे लिए बोझ नहीं है ( भाग -2) – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “भैया, आप मुझे बार-बार बोझ कहकर बुला रहे हो, कल को आपकी बेटी भी बड़ी होगी तो वो भी बोझ होगी, उसकी शादी भी जल्दी ही बिना उसकी मर्जी के कर दोगे क्या” ? नीरजा ने सवाल किया तो रमेश और सुरेखा चुप हो गये। भाई और भाभी के दबाव … Read more

मेरी ननदें मेरे लिए बोझ नहीं है ( भाग -1) – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ये क्या तुम वापस मायके आ गई!! तुम्हें शर्म नहीं आती, जब देखो मुंह उठाकर चली आती हो? ससुराल में मन नहीं लगता क्या? सुरेखा भाभी ने ताना मारा तो नीरजा अंदर तक हिल गई, पर वो भाभी का ये कड़वा ताना भी सह गई। अभी दो साल पहले ही … Read more

अमोल आशीर्वाद – गीता वाधवानी : hindi stories with moral

hindi stories with moral :  अभिनव और अनुष्का की खूबसूरत खूबसूरत जोड़ी को देखकर लगता था कि मानो दोनों एक दूसरे के लिए ही बने हों। दोनों सुंदर, पढ़े लिखे और संस्कारी और अमीर परिवारों से थे। अभिनव और अनुष्का दोनों एक दूसरे के परिवारों का भरपूर आदर करते थे और उनके परिवार भी दामाद … Read more

देवी का रूप है – विभा गुप्ता : hindi stories with moral

hindi stories with moral :  ‘ अक्षरा धाम ‘ का लाॅन लाल-पीली बत्तियों से जगमग कर रहा था।हवा के झोंकें के साथ ताज़े फूलों की खुशबू नलिनी के नाक तो आई तो उसका तन-मन महक उठा।लोगों की भीड़ में उसकी नज़रें किसी अपने को तलाशने लगी कि तभी घर की वरिष्ठ महिला ने आकर उसका … Read more

उदारता – बालेश्वर गुप्ता : hindi stories with moral

hindi stories with moral : मनीष दो वर्ष तुम्हारी पत्नी रही हूँ, पत्नी होने का स्थान तो तुम छीन ही रहे हो,अब कम से कम मेरे आत्म सम्मान, मेरी खुद्दारी पर तो चोट मत करो।प्लीज।        अरे माधुरी मेरा ऐसा कोई इरादा नही था।देखो हम सहमति से अलग हो रहे हैं तो मेरा भी तो कुछ … Read more

हमारी नयका : एक अव्यक्त प्रेम कहानी(भाग-1) – साधना मिश्रा समिश्रा : hindi stories with moral

hindi stories with moral : आज का पूरा दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। नयका को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस व्यक्ति के साथ वह सुखपूर्वक पिछले पंद्रह साल से सुखी गृहस्थ जीवन गुजार रहीं थीं। वह पति कहीं और भी प्रेम की पींगे चढ़ा रहा था और इस पराकाष्ठा … Read more

कैसा ये इश्क है ( भाग – 14) – संगीता अग्रवाल : hindi stories with moral

hindi stories with moral : केशव एक बार तो आवाज़ देते मुझे मैं सब भुला लौट आती पर तुमने तो यूँ मुंह फेर लिया जैसे कोई रिश्ता ही नही था हममे !” मीनाक्षी के दिल से आवाज़ आई। ” मन कर रहा है अभी तुम्हे बाहो मे भर लूँ और कहूँ तुम होती कौन हो … Read more

अखंड सौभाग्यवती भव – भगवती सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रवीना की जेठानी रमा का स्वर्गवास बीस दिन पहले हुआ था, और आज जेठ जी रात को ऐसे सोये कि सुबह उठे ही नहीं। उम्र भी पचहत्तर के करीब हो चली थी। शाम तक लोगो का आना जाना होता रहा, क्रिया कर्म के बाद जब रात को थक कर चूर हो बिस्तर पर पड़ी तो … Read more

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