बंधते रिश्ते – लतिका श्रीवास्तव : Short Stories in Hindi

पापा इस बार मैं घर तभी आऊंगी जब भाभी घर से जाएंगी  वो नहीं दिखना चाहिए मुझे घर में……!नेहा बेटी का वही जिद्दी स्वर …. पर बेटा सुनो तो मेरी बात ….कैलाश नाथजी कहते रह गए और नेहा ने कॉल काट दिया। ………नेहा उनकी इकलौती बिटिया … बहुत ज्यादा लाडली …बचपन से अपनी हर ज़िद … Read more

घुटन ( भाग 2)- माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

रामदयाल जी और राजू के लिए खाना सावित्री देवी खुद ही बनाती थी। रामदयाल जी की अन्य सम्पत्ति भू-भाग जो सावित्री के नाम पर थे व उसके कीमती ज़ेवर गहने सब दोनो बहूओ और बेटों ने आपस में बांट लिया था। सिर्फ एक आलीशान मकान जो कि रामदयाल जी ने लखनऊ के पाश इलाके में … Read more

घुटन ( भाग 1)- माता प्रसाद दुबे : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : घर में पार्टी चल रही थी..डीजे की धुन पर घर के सभी लोग मेहमानों के साथ थिरक रहे थे..उस आलीशान घर के एक कमरे में जीवन के सत्तर बसंत देख चुके रामदयाल जी कमरे में बैठे ख्यालों में खोये हुए थे..नौकरी से सेवानिवृत्त होने के पश्चात वह घर पर ही … Read more

मां तो कभी बच्चों पर किए गए खर्च का हिसाब नहीं लगाती!! (भाग – 3) – अर्चना खंडेलवाल

मैं इस उम्र में तुम्हारे घर की क्या चौकीदारी ही करती रहूंगी। सौरव,  मां हूं तेरी तुझे नौ महीने कोख में पाला है,छोटा है तो तुझे सबसे ज्यादा प्यार दिया है, विनीत से ज्यादा तू मेरा लाड़ला रहा है, तेरी हर जिद पूरी की है, तेरे खिलौने और खेल के सामान का मैंने कभी हिसाब … Read more

मां तो कभी बच्चों पर किए गए खर्च का हिसाब नहीं लगाती!! (भाग – 2) – अर्चना खंडेलवाल

तूने सास-ससुर की सेवा के झंझट से मुक्ति पाने का अच्छा उपाय ढूंढा है, शकुंतला देवी ने ज्योति को सुनाया। नहीं मांजी, मैं इस तरह से रोज आपके तानें सुनकर जीना नहीं चाहती हूं,ससुर जी की कमाई के पकवान भी मेरे लिए फीके हैं और अपने पति की कमाई की दो सूखी रोटी भी मैं … Read more

मां तो कभी बच्चों पर किए गए खर्च का हिसाब नहीं लगाती!! (भाग – 1) – अर्चना खंडेलवाल

मां, अकेले मेरी जिम्मेदारी नहीं है, महीना शुरू हुए इतने दिन हो गये और आपने अभी तक भी पैसे नहीं भेजे?? मैं ही अकेला मां का खर्चा क्यूं उठाऊं? अभी मेरे मकान का भी काम चल रहा है, अब मकान बनवाऊं या मां की बीमारी में पैसा खर्च करूं! मेरे पास भी कोई खजाना नहीं … Read more

कीमती आशीर्वाद – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शादी के बाद नलिनी के ससुराल वाले उसको मायके नहीं आने देते थे नलिनी की सास कहती यहां काम कौन करेगा वैसे भी तेरे मायके वालों पर देने के लिए है ही क्या जो परेशान होना। नलिनी बेचारी चुप रह जाती वो अपने मायके वालों को बेइज्जत भी नहीं करना … Read more

दंभ के घेरे… – शिप्पी नारंग  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : हीथ्रो एयरपोर्ट पर बैठा मैं सोच रहा था कब फ्लाइट में बैंठू और अपने घर पहुंचूं।  मेरा घर, मेरा प्यारा आशियाना जिसकी अहमियत मुझे इन 6 महीनों में हो चुकी थी।  मैं गुलशन सूरी ,..एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर.. एक आजाद पंछी जिसे कोई रोक-टोक,  कोई बंदिश पसंद … Read more

मुझे आपकी दौलत का लालच नहीं है -अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “अरे!! कब से बुला रही हूं, ये बड़ी बहू तो सुनती ही नहीं है, कानों में रूई डाल ली है क्या?” सुमिता जी चिल्लाकर बोलती है, तो गरिमा तेजी से दौड़ती हुई आती है। “मम्मी जी, आपने बुलाया? वो मै छत पर से कपड़े उतार रही थी, तो आपकी आवाज … Read more

लस्सी – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अम्मा की जीभ लपलपा रही है, आज घर में लस्सी बनी है। उनके पोते कुशाग्र का तीसरा जन्मदिन है, बहू के मायके से सभी जने आए हैं, आज भगोना भर के लस्सी बनी है, पूरे घर में लस्सी की खुशबू आ रही है, उनके मुंह में भी पानी आ रहा … Read more

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