गृहप्रवेश (भाग 2) – मंजरी त्रिपाठी
अब बहुत हो गया,अब मेरा इस घर में गुजारा मुश्किल है।आप मुझे एक कमरा लेकर दे दो मैं रह लूंगी पर अब इस घर में नहीं रह सकती,लगभग झुंझलाते हुये नताशा मिहिर से बोली। अभी तीन वर्ष पहले ही इस घर में दुल्हन बन कर आई नताशा एक बेटे की माँ बन चुकी थी,पति मिहिर … Read more