आज सुबह सुबह सुजाता की बेटी नीरा ने फोन खटका दिया,मां मैं कुछ दिनों के लिए घर आजाऊ कया? तबियत कुछ ठीक नहीं है।
हां हां बेटा तेरा ही घर है, परंतु तेरी आवाज़ कुछ परेशानी भरी लग रही है,और तेरा वो लिव इन पार्टनर विनय बह कहां है, क्या उसको तेरी तबियत का जरा भी ख्याल नहीं है।
तू तो उसके साथ शादी करने को सपना संजोए बैठी है ,और वह तो तेरा अभी ख्याल नहीं रखता तो बाद में कैसे रखेगा।जबकि इस बीच तेरे पापा ने तेरे लिए एक से एक अच्छे परिवार के पढ़ें लिखे लड़कों की बावत तुझसे बात की है परन्तु तू है कि बस विनय से ही शादी करने की जिद पर अड़ी है।
ओह ,मां मैं इस समय अधिक बात करने के मूड में नहीं हूं घर आने पर सब बताती हूं।
सब ठीक तो है न तेरे व विनय के बीच , क्या उसने अपने पेरेंट्स से तुम्हें मिलवाया?
अच्छा,चल तू घर आजा फिर बात करते हैं ,बैसे भी तेरे पापा ऑफिस के काम से एक सप्ताह के लिए टूर पर है।
नीरा उसी शहर में अपने वॉय फ्रैंड विनय के साथ पिछले चार महीनों से लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी।जब नीरा ने अपनी मां से विनय के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने की बात कही थी,तो मां ने बहुत समझाया कि बेटा ये सब तुम आधुनिक नई पीढी की सौगात है , जिसका परिणाम कभी कभी बहुत भयानक निकलता है।यदि किसी के साथ रहना ही है तो शादी करके रहो उसके साथ।
साथ ही नीरा की मां ने अपने पति से भी यह बात छुपाई,उसके पापा को कहा कि नीरा को जॉव की तरफ से कुछ महीनों के लिए एक प्रोजेक्ट करना है सो बाहर जाना हैऑफिस के लोग भी साथ में होंगे।
परंतु ऑफिस केलोग भी साथ हैैं यह जान कर नीरा के पापा ने भी इजाजत दे दी।
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तुम्हारी यह दलील कि शादी से पहले एक दूसरे को जानने समझने के लिए एक साथ रहने में कोई बुराई नहीं है।
बेटा,कभी कभी पूरी उम्र साथ रहने पर भी किसी को पूरा नहीं समझा जाता। मुझे तो तेरी सोच पर बहुत चिन्ता होती है।
साथ ही मुझे अपने ऊपर भी गुस्सा आरहा है कि क्या # मेरी अक्ल घास चरने गई थी जो मैने तुझे विनय के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने की इजाजत दे दी।
नीरा जब मां के पास पहुंच ती है तो मां के दरवाजा खोलते ही मां से लिपट कर फूट फूट कर रोना शुरू कर देती है। जिससे उसकी मां के मन में आशंका के बादल मंडराने लगते हैं।नीरा चक्कर आने पर गिर जाती है।उसकी मां का चिंता के मारे बुरा हाल होता है।पानी पिलाकर नीरा के शांत व नॉर्मल होने पर उससे पूछताछ करती हैं तो पता चलता है कि नीरा को दो महीने की प्रेग्नेंसी है।यह जान कर उनके पैरों के तले से जमीन खिसक जाती है।
अच्छा इन चार महीनों में उस तेरे विनय ने तुझे अपने पेरेंट्स से मिलाकर शादी की बात क्यों नही की।
मां मैं जब भी उससे इस बाबत बात करती तो कहता इतनी जल्दी क्या है तुम्हें शादी की।हो जायगी शादी भी जब होनी होगी।बैसे भी मेरे पेरेंट्स कुछ पुराने ख्याल रखते हैं , उन्हें समझाने में टाइम लगेगा।
तू तो बड़े कसीदे कहा करती थी ,मां मेरा विनय ऐसा है बैसा है औरों से अलग है,अब कया हुआ उन सब बातों का
पिछले कुछ दिनों से विनय मेरे साथ कुछ अजीब सा व्यवहार करने लगा,एक दिन ड्रिंक करके आया और मेरे साथ मेरे ही रूम में आकर सो गया,मुझसे जोर जबरदस्ती करके उसने वह सब किया जो शादी से पहले नहीं होना चाहिए था।#अकल तो मेरी भी घास चरने चली गई थी#जो मैंने आपकी बात नही सुनी
।जब मुझे उल्टी आने लगी तो कहने लगा कि इस मुसीबत से जितनी जल्दी हो सके छुटकारा पालो।बैसे भी इन हालातों में तो मैं तुमसे शादी करने से रहा।यह कह कर घर छोड़ कर चला गया।फोन भी उसका स्विच ऑफ आरह ाहै। मैं क्या करू कुछ समझ नहीं आ रहा।
बेटा कहने से तुम्हें बुरा तो लगेगा लेकिन ये जो तुम लोग अपने को प्रोग्रेसिव मानते हो न ,यह गलती उसी का परिणाम है। प्रक्रिति ने और समाज ने जो नियम बनाए हैं शादी करक साथ रहने के उनका भी तो महत्व है।सोचो यदि ऐसे नियम नहीं हों कि शादी से पहले एक दूसरे के साथ रहना गलत है।
तो समाज का संतुलन ही बिगड़ जायगा,किसी की किसी के साथ जिम्मेदारी नही होगी। शादी कोई बंधन नहीं है यह तो सदियों से चली आ रही एक पवित्र प्रथा है,जिससे समाज में अराजकता नहीं फैलने पाती।
खैर छोड़ो,इन बातों को तुम्हारे पापा के आने से पहले ही हमको इस परेशानी से निजात पानी है।तुमको अपनी गलती का एहसास हो गया यही बहुत है
मेरी बचपन की फ्रेंड है वह गाइनेकोलॉजिस्ट है उससे बात करती हूं , शायद वह इस मामले में हमारी कुछ मदद कर सके।
नीरा की मां अपनी फ्रेंड से बात करके मिलने का टाइम फिक्स कर लेती है,उसकी बात सुन कर पहले तो नीरा को बहुत बुरा भला कहती है फिर आखिर में नीरा को इस अनचाही मुसीबत से छुटकारा दिलाने में कामयाब हो जाती है
घर पास आने पर नीरा मां से कहती है प्लीज़,पापा को यह सब कुछ मत बताना।अब पापा जोभी लड़का मेरे लिए पसंद करेंगे मैं उसी से शादी कर लूंगी। मैं अपनी गलती के लिए बहुत शर्मिन्दा हूं।
स्व रचित व मौलिक
माधुरी गुप्ता
#अकल घास चरने जाना पर कहानी।