स्वयं को ऐसा बनाओ जहाँ तुम हो, वहाँ तुम्हें सब प्यार करे! जहाँ तुम चले जाओ, वहाँ तुम्हें याद करें! जहाँ तुम पहुंचने वाले हो वहाँ तुम्हारा इन्तजार, करें!
रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है, कि लोग अक्सर टूटना पसंद करते है पर झुकना नहीं! हमें स्कूल में
त्रिकोण, चौकोण, लघुकोण, समकोण, षटकोण इत्यादी सब पढ़ाया जाता है.
पर… जो जीवन में हमेशा उपयोगी है वो कभी पढ़ाया नही जाता…. ..वो है.. दृष्टिकोण.जिस घर मे भाईयो में प्रेम और बड़ो का आदर सम्मान होता है| वही ईश्वर का निवास होता है| प्यार बांटा तो रामायण लिखी गई| और सम्पत्ति बांटी तो महाभारत लिखी गयी!
इन्सान का पतन उस समय शुरु हो जाता है| जब वह अपनों को गिराने की सलाह गैरो से लेना शुरु कर देता है!
बुरे समय में दिलासा देने वाला कोई अजनबी भी हो वो “दिल में उतर‘ जाता है और बुरे समय में किनारा कर लेने वाला कोई अपना ही क्यों न हो “दिल से’ उतर जाता है
नदी में पानी मीठा रहता हैं क्योंकि वो देती रहती हैं सागर का पानी खारा रहता हैं क्योंकि वो लेता रहता हैं नाले का पानी दुर्गन्ध पैदा करता है
क्योंकि वो रुका रहता है अपना जीवन भी वैसा ही हैं| देतें रहेंगे तो मीठे लगेंगे लेतें रहेंगे तो खारे लगेंगे रुके रहेंगे तो बेचारे लगेंगे|अपने से उपर वालों को देखो तो लगता है, कुछ भी नहीं है हमारे पास, अपने से नीचे वालों को देखो तो लगता है, बहुत कुछ है मेरे पास,अपने से उपर वालों को देखो तो लगता है, कुछ भी नहीं है हमारे पास, अपने से नीचे वालों को देखो तो लगता है, बहुत कुछ है मेरे पास,ज़िन्दगी में जो मिला है उससे कभी न हो उदास क्योंकि भगवान ने हमारे लिए वही चुना है जो हमारे लिए है खास..किसी की आदत देखनी हो तो उसे इज्जत दो| किसी की फितरत देखनी हो तो उसे आजादी दो| किसी की नीयत देखनी हो तो उसे कर्ज दो|
किसी के गुण देखने हो तो उस के साथ खाना खाओ। किसी का सब्र देखना हो तो उसे हिदायत दे कर देख लो
ख़ुशी पैसों पर नहीं, परिस्थितियों पर निर्भर करती है एक बच्चा गुब्बारा ख़रीद कर ख़ुश था, तो दूसरा उसे बेच कर
सत्य इन्सान के जिन्दगी के हार जीत का फैसला उसकी औलाद करती है अगर संस्कारी और कमाऊ है तो जीत है
अगर औलाद बेकार और आवारा है तो करोड़ों की कमाई हुई पुंजी होते हुये भी हार है