स्वाभिमान – सुनीता मुखर्जी “श्रुति”: Moral Stories in Hindi

प्रिया ने नौवीं कक्षा में लेट एडमिशन लिया। पाठ्यक्रम काफी निकल चुका था। क्लास टीचर ने आकाश से प्रिया का कोर्स कंप्लीट करवाने लिए के लिए कहा। आकाश अपने सेक्शन का मॉनिटर था। उसने अपनी नोट्स बुक्स देकर पिछड़ा हुआ काम पूरा करवाने में उसकी पूरी मदद की। प्रिया को अपने पढ़ाई में कोई भी … Read more

यह मुझे मंजूर नहीं – डॉ कंचन शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

‘बहू कान खोलकर सुन लो ! तुम्हारी सहेली की बेटी से मैं अपने पोते की शादी नहीं कराऊंगी ये मेरा आखिरी फैसला है इस घर में आज तक वही हुआ है जो मैंने चाहा है और आगे भी यही होता रहेगा मेरे सामने ये बात रखने की हिम्मत तुमने कैसे की कहां हमारा शाही खानदान … Read more

रिश्तो में तुलनात्मक व्यवहार क्यों? – प्राची अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

सुगंधा अपने परिवार में बड़ी बहू थी शुरू से ही। मायके में साधारण घर से थी। लेकिन यहां भरा पूरा परिवार था। कोई भी किसी तरीके का ताना उलाहना नहीं था लेकिन सुगंधा अपने को कमतर आंकती क्योंकि मायके से कमजोर जो थी। यह उसकी अपनी ही सोच थी। इसी उधेड़बुन में उसने चीजें खुद … Read more

आंसू बन गए मोती – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

रात के सन्नाटे में घड़ी की टिक-टिक की आवाज़ कमरे की खामोशी को और गहरा कर रही थी। बिस्तर पर लेटी वृद्धा सावित्री देवी की आंखों में नमी थी। उनकी कांपती उंगलियां एक पुरानी तस्वीर को सहला रही थीं, जिसमें उनका पूरा परिवार हंसते हुए दिख रहा था। लेकिन वह हंसी अब कहीं खो गई … Read more

कन्यादान का पुण्य – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मुश्किल से दो निवाले हलक के नीचे उतारे थे कि चारु का मोबाइल फिर से बजने लगा और साथ ही मां का राग भी लो अभी आई नहीं दो घड़ी बैठी नहीं कि फिर बुलावा आ गया … अरे कोई जरूरत नहीं है फोन उठाने की बजने दे निगोड़े को।दो घड़ी बैठ कर दुनियादारी की … Read more

आंखों में खटकना – राजेश इसरानी : Moral Stories in Hindi

वो अभी 25 वर्ष का था। उसके पिताजी ने बहुत मुश्किल और कठिनाइयों से उसकी पढ़ाई  करवाई थी। अपनी क्षमता से ज्यादा खर्चा कर उसको पढ़ाया था।  उसकी अच्छी जगह नौकरी लग गई थी। और पैकेज भी अच्छा था। जैसे कि आप जानते है ऐसे लड़कों को लड़की वाले ढूंढते ही रहते है।  उसी की … Read more

पाप का फल – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

सरस्वती की जब शादी पक्की हुई तो वो अपने दहेज की चादरों पर कडाई बुनाई का काम करने में लग गई क्योंकि वो कृष्ण की भक्त थी इसलिए चादरों तकियों के कबर पर यहां तक कि तौलिये के कपड़े पर भी उसने  बहुत ही खूबसूरत फूल पत्तियों के साथ साथ राधा कृष्ण की तसबीरें धागों … Read more

एक माफी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिए। – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

दोनों भाई एक दुसरे के साथ-साथ ही अपनी कंपनी में जाते। बडा अनीश, छोटा रोनीश। माता सुलोचना देवी अपने लाडलों को देख निहाल हो जाती। पती सोमेश की मृत्यु के बाद कुछ दिन वे संभल नहीं पायी थी। सोमेश जी थे भी इतने सेवाभावी, मृदुल और स्नेहिल। मिलनसार तो इतने कि सारा गांव उन्हें अपना … Read more

मोह का अटूट बंधन – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

पूरे एक साल के बाद अर्पिता आ रही थी मायके,बेटी(रितु) के संग।आने की जानकारी देते हुए फोन पर बताया था अर्पिता ने रीना को”भाभी,रितु के साथ आ रहीं हूं मैं।चार दिन रुकेंगें हम।वापसी में मां को भी अपने साथ लेकर आऊंगी।अब तो अच्छी तरह चल लेती हैं वो।रितु ने पिछले साल वादा ले लिया था … Read more

सुबह का उजाला – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात, यह कहावत आज रीता पर सटीक बैठ रहा था। बेचारी ने अपने जीवन मे चार दिन का पति सुख प्राप्त किया और आज वह जब उसकी विधवा बनकर रो रही है, चिल्ला रही है, बार बार बेहोश हो रही है, अपने पति का नाम ले लेकर पुकार रही … Read more

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