ग्लानि – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सानिया अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर बहुत ही सजग रहती। छोटी सी जान उसके पीछे पड़ी ही रहती सानिया। 12 वर्षीय अनिका सारे दिन किताबों में घिरी रहती। ट्यूशन में अगर टीचर छुट्टी कर लेती तो बबाल मचा देती सानिया। काम वाली बाई का भी एक-एक दिन का हिसाब गिन कर रखती क्योंकि सुघण … Read more

पिपासा – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

#आँखों में खटकना  रंभा के स्कूल से आते ही आठ साल के तन्मय ने अपना हाथ दिखाते हुए कहा,” मम्मी, बंसी दीदी ने मारा और नाखून भी चुभा दिए। रंभा का अंदर से जी ज़ार ज़ार रो रहा था। हे भगवान! क्या करूं इस लड़की का। कौन कहदे, पांच साल बड़ी सगी बहन है। क्या … Read more

लकी चार्म – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

प्राची बहुत खुश थी कि आज वो अपने पति रवि के साथ अकेले ही पिकनिक पर जाने वाली थी,संयुक्त परिवार में कभी कोई कभी कोई संग जाता ही था और प्राची कुछ पल अकेले होने को तरसती। वो निकल ही रहे थे कि प्राची की विधवा ननद शांति ने कहा..भाभी!लौटते वक्त मेरे लिए ये मेडिसिन … Read more

आंसू बन गए मोती – कविता अर्गल : Moral Stories in Hindi

होली आने में इतने कम दिन बचे हैं, एक हफ्ता ही रह गया है,और घर में इस बार कोई माहौल ही नहीं दिख रहा है कहीं कोई उत्साह ही नहीं है, बच्चे भी गुमसुम से लग रहें हैं।आज आशीष जब ऑफिस से आया तो उसने इस बात को महसूस किया और सोचने लगा की क्या … Read more

नफरत की दीवार – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

आज रमेश फूट-फूट कर रो रहा था,-बडे पापा, मैंने आपको क्या समझा और आप? क्या हुआ रमेश? क्यों रो रहे हो,-बडे पापा सिर पर हाथ फेरते हुए बोले। पापा आपने मेरी मां,पापा मेरे भाई को नहीं मारा था?-वह बिलखते हुए पूछा था। अरे वे मेरे परिवार थे, तुम्हारे पापा मेरा छोटा भाई था? भला मैं … Read more

आंसू बन गए मोती – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

नया नोहर बानी कनिया   पियवा धरावे हंसुआ ए रामा चईत  हो मासे……गांव की प्यारी सी भोर सुबह भी नहीं हुई थी… चार बज रहे थे…कानों में चैता का मधुर स्वर मनु के  मन मस्तिष्क को झंझोर गए… दरवाजा खोल कर बाहर निकल आई… महुआ के पेड़ से आ रही मादक खुशबू उफ्फ….. काश कि … Read more

ऑंखों में खटकना – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

रिटायरमेंट के बाद जब सुभाष जी और सरिता जी एक दूसरे के साथ वक्त बिताते ये बात रिचा की आंखों में खटकता था। राहुल!” पापा जी को कुछ वक्त बाहर भी बिताना चाहिए अपने हमउम्र दोस्तों के साथ और मम्मी जी को इस उम्र में भजन-कीर्तन करना चाहिए” रिचा अक्सर ऐसी बातें पति राहुल से … Read more

माफी से रिश्ते सुधर गए – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

जानकी जी गोदी में मोनू को बिठाकर नवरात्रि में माता रानी   का धन्यवाद कर रही थी।        आइए आपको जानकी जी के परिवार से मिलवाएं। जानकी जी के पति वर्मा जी सेवानिवृत  सरकारी आफिसर थे। उनके परिवार में उनका बड़ा बेटा जतिन एक कंपनी में सिविल इंजीनियर,  उसकी पत्नी राधिका और उनके 5 वर्ष की … Read more

बड़ी बहू – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

राधिका की शादी की बात रोहित से चल रही थी। रोहित पढ़ा लिखा स्मार्ट लड़का था, घर परिवार भी अच्छा था, पर राधिका को एक ही बात परेशान कर रही थी कि रोहित दो भाइयों में छोटा है और राधिका भी घर में छोटी है। घर में भाभी की इम्पोर्टेंस थी, अब ससुराल में जेठानी … Read more

तारीफ़ से पैसे नहीं मिलते… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“क्या बात है शेखर आज तेरा लंच बॉक्स किधर है…भई हम तो इंतज़ार करते रहते हैं कब लंच टाइम हो और हमें तेरे साथ खाने को मिले…।” ऑफिस में ही साथ काम करने वाले तनय ने कहा  ” यार अब से मैं ऑफिस कैंटीन में ही लंच करूँगा…. मेरे बस का कहाँ रसोई में जाकर … Read more

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