लल्लो-चप्पो करना(खुशामद करना) – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

बचपन से ही महेश का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। स्कूल के दिनों से ही उसे अपने शिक्षक और दोस्तों की लल्लो-चप्पो करने की आदत लग चुकी थी। दोस्तों की नोट्स की नकल और खुशामद करते -करते उसने किसी तरह ग्रेजुएशन पूरी कर ली। महेश के पिता सुरेन्द्र जी सरकारी अधिकारी थे। उन्होंने भी … Read more

“आराधना सिर्फ एक दिन की नहीं” – लक्ष्मी कनोडिया : Moral Stories in Hindi

दिल्ली के पॉश इलाके में रहने वाली अनामिका शर्मा एक शिक्षित और आधुनिक सोच रखने वाली महिला थीं। बड़ी कंपनी में मैनेजर, पति डॉक्टर, और एक प्यारी सी सात साल की बेटी — आरुषि। सब कुछ व्यवस्थित, लेकिन ज़िंदगी बहुत व्यस्त। हर साल नवरात्रि आते ही अनामिका अपनी मां की सिखाई परंपरा निभातीं — घर … Read more

दोगलापन – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

दोनों की जोडी जंच रही थी। एक दुसरे से मेल खाते परिधान, हाथों में हाथ डाल, साथ-साथ घुमते, मुस्कुराते रमा और रोमेश। पार्टी की रौनक बढ़ा रहे थे। रमा सी अनुपम रमणी रोमेश की जीवन संगिनी थी। रोमेश भी लंबा चौड़ा गबरू जवान था। वे दोनों सबके आकर्षण का केंद्र थे। धीरे-धीरे समां बंधने लगा। … Read more

“दिखावे की जिंदगी” – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

एहसानों के तले दबी पारुल सूर्यांश को नाराज कैसे कर सकती थी वो बियर के लिए राजी हो गई दोनों ने एक होटल में जाकर बियर पी और कब नशे में उनमे संवंध बन गए कुछ पता ही नही चला। जब होश आया तो सब कुछ गंवा चुकी थी मगर सूर्यांश ने उसे भरोसा दिलाया … Read more

“दिखावे की जिंदगी” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सुनो जी… इतने बड़े घर में रिश्ता करने से पहले एक बार अपनी हैसियत तो देख लेते, कहां से लाएंगे हम इतना पैसा दहेज के लिए, माना लड़के वालों की तरफ से खुलकर कोई डिमांड नहीं हुई है फिर भी उनके कहने का मतलब तो यही था की शादी बड़ी धूमधाम से होनी चाहिए ताकि … Read more

आत्मिक लगाव – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

  बेसब्री से किसका रास्ता देख रही हो माधवी, मैं तुमसे कल की पार्टी की बातें करना चाहता हूँ,और तुम हो कि टकटकी लगाए दरवाजे की ओर ही देख रही हो,मेरी बातो का तुम पर कोई असर ही नहीं हो रहा।कल अपने घर पर कितनी शानदार पार्टी रही ।‌ कितने लोगों से मिले,कितने बड़े -बड़े लोग … Read more

नफ़रत की दीवार। – अर्चना झा : Moral Stories in Hindi

आज नए घर की शिफ्टिंग के दौरन एक पुरानी एल्बम हाथ लगी मैं सब काम छोड़ कर वह एल्बम देखने लगी जिसमें सबसे पहली फोटो थी सुमंत बुआ की, सुमंत बुआ की बस एक ही फोटो थी मेरे पास ,होती भी कैसे,वो फोटो जो नहीं खिंचवाती थी, जैसे ही कोई शुभ काम हो सुमंत बुआ … Read more

भूल – देवश्री गोयल : Moral Stories in Hindi

मंदिरकी सीढ़ी चढ़ते समय नीलिमा की आंख भरी हुई थी….! और वो बुदबुदाते हुए जा रही थी “मेरी सारी गलती माफ कर दीजिए भगवन बस एक बार और मेरी गोद भर दीजिये…! पता नहीं आज उसका मन क्यों बहुत ही अकुला रहा था…!उसे उसका अतीत जो बेहद काला था …वो याद आ रहा था..! नीलिमा … Read more

पत्नी के दिल का रास्ता!! – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

रसोई यानि कि वह जगह जहां एक स्त्री, अपने परिवार के लिए भोजन बनाती है,और नई नई ब्याही तो अपनी पाक कला आजमा कर ( या फिर उसका भरपूर प्रदर्शन कर) अपने पति के मन को प्रसन्न करने का उपाय ही ढूंढती रहती थी। हां भाई, हमारे समय की बात है ना, फिर कहते हैं … Read more

अन्नपूर्णा – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

राशि अपने पति सुबोध के साथ बड़े शहर में जबकि उसके सास ससुर जी अपने गांव के पैतृक मकान में ही रहते थे। कभी कभार वो 15 से 20 दिनों के लिए अपने बेटे बहु के पास आ जाया करते थे।             राशि पढ़ी लिखी होशियार लड़की थी पर छोटे बच्चों का साथ होने से नौकरी … Read more

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