दिखावे की जिंदगी – राजेश कुमार : Moral Stories in Hindi

अमीरचंद नाम के ही अमीर नहीं थे धन दौलत जमीन जायदाद हर उस चीज के मालिक थे जो एक धनाढ्य की पहचान होती है। बस नहीं था तो एक दिल जो किसी के काम आ सके। वैसे वो कई मंदिर कई संस्थाओं के ट्रस्टी थे। जहां कही भी नाम आ सके वहां वो अपने धन … Read more

जीना इसी का नाम है – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

शादी से पहले बहुत समझदार व सुलझा हुआ व्यक्तित्व माना जाता था उसका । भाभी हो मौसी हो दीदी या बहन की दोस्त ही ,सब परेशानी में सलाह उससे ही माँगते थे । जब कभी वो कहती कि इस मामले(शादी, बच्चे आदि)  में मैं कैसे कुछ कह सकती हूं तो जबाब होता कि नहीं आपकी … Read more

दिखावे की जिंदगी – डाॅ संजु झा। : Moral Stories in Hindi

आधुनिक समय में दिखावे की जिंदगी के लिए कभी-कभी व्यक्ति पैसे कमाने की चाहत में अंधा हो जाता है।हालात और परिस्थितियाॅं भी उसके लिए जिम्मेदार होती हैं, परन्तु अंत में पछतावा ही हाथ लगता है। दिखावे की जिंदगी में आज व्यक्ति अपनी इच्छाओं और महत्वकांक्षाओं का गुलाम बन बैठा है। एक-दूसरे से दिखावे की होड़ … Read more

आखिर माँ जो हूँ – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

मैं अपने छोटे से परिवार में बहुत खुश थी। एक बेटा 17 वर्ष का व बेटी 10 वर्ष की  जो अपने भाई पर जान छिड़कती थी । सब अपने –अपने कार्यों के प्रति सजग और शांत ।  पिछले कुछ दिनों से शहर मे पाकिटमारी के एक गिरोह की चर्चा हो रही थी । जिसमें ज़्यादातर … Read more

“ स्वार्थी रिश्ता” – प्रीति उपाध्याय “प्रीत” : Moral Stories in Hindi

ये कहानी सत्य घटना से प्रेरित है, कुहू अपने मम्मी पापा से बोहत प्यार करती थी। घर में उसके दादा जी और छोटा भाई किशु था,  बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी और सब बड़ों का बहुत ही आदर करती, उसकी मम्मी उसे खुद ही पढ़ती थी ताकि वह अच्छे नंबरों से पास हो … Read more

औलाद के मोह के कारण वह सब सह रही थी – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

दुर्गा – नाम ही नहीं, उसका स्वभाव भी वैसा ही था। पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर सोच की महिला। बचपन से ही किसी पर बोझ बनना नहीं सीखा था। स्कूल में जब किसी दोस्त के पास फीस भरने के पैसे नहीं होते, तो वह अपनी गुल्लक तोड़ देती। उसके लिए दूसरों का दर्द बाँटना कोई अहसान नहीं, इंसानियत … Read more

श्रीहरि आश्रय – सीमा गर्ग मंजरी : Moral Stories in Hindi

श्रीहरि आश्रय स्थल की आवश्यक मीटिंग समाप्त करने के बाद श्रीकांत जी ने समय देखा तो रात के बारह बज रहे थे। दिसम्बर माह के अंत में चलने वाली शीत हवाओं से पूरा मौसम बेहद सर्द था।‌ चिल्ले वाली सर्दी के भयंकर प्रकोप से बचने की उम्मीद में जन-मानस घर में दुबके पड़े थे। अतः … Read more

उधार की जिंदगी – मनीषा भरतिया : Moral Stories in Hindi

सुधा सुन रही हो क्या?? यह फ्रीज खाली कर देना…. अभी साइड बाय साइड नया फ्रिज थोड़ी देर में आ जाएगा….”पर सुरेश एक बात पूछूं… हमारा डबल डोर फ्रिज तो एकदम ठीक चल रहा है…. ज्यादा टाइम भी नहीं हुआ.. उस फ्रिज को सिर्फ 4 साल ही तो हुए हैं… फिर तुम उसे क्यों बदलना … Read more

मोह – खुशी : Moral Stories in Hindi

सुधा एक साधारण ग्रहणी थी।परिवार में पति आदित्य जो बिजली विभाग में क्लर्क थे।सास सावित्री ,ससुर निवास और ननद सुनीता। इतना सा ही परिवार था।ससुर निवास की  घर में ही परचून की दुकान थी। जिससे घर के छोटे मोटे खर्चे वो पूरे कर देते ।सुनीता की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी उसके लिए लड़के देखे … Read more

मैं अशुद्ध होना चाहती हूं। – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

अजी सुनिए ना… चुन्नी के बापू  आपसे चुन्नी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें करनी हैं। जानकी ने चुन्नी के पिता से कहा। बृजेश ने कहा – हां बोलो.. देखिए ना चुन्नी ने सोलह वर्ष पूरे कर लिए सत्रहवें में प्रवेश कर लिया मगर अब तक उसमें शारिरिक परिवर्तन नहीं हुआ। स्त्रियों वाले वो लक्षण … Read more

error: Content is protected !!