“आत्मा की पुकार” – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

संध्या की हल्की धूप आंगन में बिखरी थी। पुरानी हवेली के झरोखों से रोशनी छन-छनकर भीतर आ रही थी, जैसे समय खुद थम गया हो। उसी हवेली के एक कोने में बैठी थी शांत, गम्भीर और अपने ही ख्यालों में डूबी हुई सरोजनी… वो कभी इस हवेली की रानी थी, मन से भी और प्रेम … Read more

 नारी वस्तु नहीं होती – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

सुलोचना ताई सोच लो बेटी तो चली हीं गई अब कहीं ये दुधमुंही पोती भी !!!!  तुम इसको भी???  आंखों में बेशर्मी और लहजे में हरामीपन लिए गुड्डी का ज्येष्ठ जब सुलोचना ताई से बोला तो सुलोचना ने झट से पोती को सीने से लगा लिया। गुड्डी का ज्येष्ठ होंठों पर कलुषित मुस्कान लिए आगे … Read more

 मुंह मोड़ना – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

चेहरे पर गंभीरता की चादर ताने अक्षर अक्सर कालेज में अकेला हीं रहा करता था। उसके दो चार गिने चुने दोस्त थे जिनके सामने वो जी भर कर हंसा करता था। और उनसे हीं अपनी भावनाएं सांझा किया करता। अंतर्मुखी स्वभाव के कारण वो नये लोगों के सामने कम हीं घुल-मिल पाता था। लड़कियों के … Read more

 समझदार जीवनसाथी – अलका शर्मा : Moral Stories in Hindi

ग्रामीण क्षेत्र में पली बढी, कृषक परिवार से संबंधित, रुपाक्षी जब स्नातक डिग्री प्राप्त करने के लिए अपनी मौसी के यहाँ शहर में गई तो मन में विचरते विचारों को भी जैसे पँख लगने लगे।हमेशा मर्यादाओं की सीमा में रहने वाली रुपाक्षी को शहर में पढने के लिए भेजने से पहले सभी नसीहतें दी गई। … Read more

 “क्या आधुनिक लड़कियां इतनी संस्कारी भी हो सकती हैं?” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

इशिता बहु.. तुम एक-दो दिन में अपनी रसोई अलग कर लेना मतलब की ऊपर वाले हिस्से में तुम अपना सारा सामान व्यवस्थित कर लेना इसमें मैं भी तुम्हारी मदद कर दूंगी! अभी 2 दिन पहले ही अपने हनीमून से लौटी और 15 दिन पहले ही ब्याह कर आई बहू इशिता से उसकी सास रमा देवी … Read more

 मर्यादा – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

मैं चुपचाप कमरे की छत को एकटक देखे जा रही थी और कुछ कर भी तो नहीं सकती । याद आ रहे थे वो पल जब मैंने भावुक होकर रिश्ते निभाए और बदले में पाया विश्वासघात, सिर्फ विश्वासघात। क्या कोई अपना इतना निर्मम हो सकता है?? पर ये कैसा प्रश्न ?? इतनी निर्ममता के कारण … Read more

 मुँह मोड़ना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

पति और बच्चों के जाने के बाद मधु घर समेटने में व्यस्त थी।उसी समय उसके फोन की घंटी बज उठी।उसने जल्दी से आकर हाथ में मोबाइल उठाया और हैलो  कहा।उधर से आई आवाज सुनकर उसके चेहरे पर आश्चर्यमिश्रित खुशी छा गई।फोन उसके छोटे भाई की पत्नी नीरजा का था। नीरजा ने कहा -“दीदी!आपके भतीजे की … Read more

 मुँह मोड़ना – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

छोटे से गाँव में रहने वाले रघु काका एक ईमानदार, दयालु और मददगार इंसान थे। जब भी कोई मुसीबत में होता, काका सबसे पहले पहुँचते। चाहे खेत में काम हो या किसी की बीमारी, उन्होंने कभी किसी से मुँह नहीं मोड़ा। वे एक साधारण किसान परिवार से थे लेकिन जब भी किसी को मदद की … Read more

 औलाद की खातिर सब सह गई – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

ये क्या मम्मी ये आप अपना बैग और सामान लेकर कहां जा रही है ,मैं जा रही हूं बेटा यहां से , मगर कहां जा रही है, वृद्धाश्रम, वृद्धाश्रम पर क्यों ?अब बाकी की जिंदगी में वही गुजार लूंगी ।अब यहां रहकर बहू का अपमान और तेरा सब नजरंदाज करना मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा … Read more

संयुक्त परिवार में  बिटिया नहीं ब्याहना … – रश्मि प्रकाश 

हरीश जी और गायत्री अपनी इकलौती बेटी काव्या की शादी के लिए परेशान थे और बहुतेरे घर ,परिवार और लड़का देखने के बाद भी उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था… कहीं परिवार पसंद नहीं आ रहा था तो कहीं लड़का नहीं जम रहा था…।  बहुत सोच विचार और खोज बीन करने के बाद एक … Read more

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