काला चिठ्ठा – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

मनोरमा मैंने तुम्हें मना किया था ना कि छोटे के विवाह में सविता बुआ को मत बुलाना…… शीला जी ने अपनी बहू मनोरमा को फटकारते हुए कहा। परंतु मां जी….. सविता बुआ क्यों नहीं आ सकतीं हमारे यहां…. ये मायका है उनका…. उन्हें पूरा हक है अपने घर आने का…. मनोरमा ने कहा। मनोरमा जब … Read more

हमारा बुरा वक्त हमारे जीवन को नई दिशा दे जाता है – लक्ष्मी कानोडिया : Moral Stories in Hindi

सरिता पुणे के एक मध्यमवर्गीय परिवार से थी। पढ़ाई में अव्वल, सुंदर और दिल से सरल। उसकी जिंदगी का सपना बहुत साधारण था — एक छोटा-सा घर, एक प्यार करने वाला पति और हँसी-खुशी भरा परिवार। शादी के शुरुआती दिन उसकी उम्मीदों जैसे ही थे। अमित, उसका पति, एक बड़ी कंपनी में नौकरी करता था। … Read more

हम सब साथ हैं – लक्ष्मी कानोडिया : Moral Stories in Hindi

आगरा की व्यस्त गलियों के बीच, राजा मंडी में एक तीन मंज़िला पुराना लेकिन मजबूत घर था, जहां शर्मा परिवार कई पीढ़ियों से साथ रह रहा था। घर की सबसे ऊपरी मंज़िल पर दादी-जी रहती थीं—सफेद बाल, मुस्कुराती आँखें और कहानियों का खजाना। बीच वाली मंज़िल पर रमेश शर्मा, उनकी पत्नी काव्या और दो बच्चे—ध्रुव … Read more

समझौता अब नहीं! – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

“मैं भी इन गुब्बारों की तरह मुक्त गगन में उड़ना चाहती थी पर चाहकर भी नहीं कर पाई।जिम्मेदारियों की बेड़ियों ने ऐसा जकड़ रखा है कि आसमान तो बहुत दूर घर से भी बाहर निकलना  हो तो सोचना पड़ता था “काश! मैं भी एक गुब्बारा होती, कोई मुझे अपने हाथों से आजाद कर देता और … Read more

लालच – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in Hindi

अक्षरा..!! इतनी जल्दी-जल्दी घर मत आया करो..! ऐसा नहीं है तुम्हारे आने से मुझे अच्छा नहीं लगता, लेकिन इतना दूर से आने- जाने में बहुत पैसा खर्च होता है। वह पैसा कहीं और काम आएगा। मांँ सुनंदा बोली। अक्षरा ने कहा मांँ साल में दो बार ही तो आती हूँ, मुझे भी तो मन करता … Read more

पत्नी तो कब बन गयी थी परंतु बहू और भाभी तो आज बनी है। – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

‘भाभी दवा खा लो ,-ननद रमा दवा और दूध लेकर हाजिर थी। वह उठकर दवा खाली और दूध पी लिया।तब तक बूढ़ा श्वसुर दवाई और बाकी समान लेकर आ गया था।सास ने इसके कपड़े धोये थे।समान ठीक किया था।मैके से कोई झांकने नहीं आया था।यह दुखी होकर रो रही थी। अरे मत रो,सब ठीक हो … Read more

अब बहू घर के तौर तरीके सीख गई है। – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

पवन ने बहुत बार अपनी माताजी और बहनों को समझाया भी था कि उसकी पत्नी रानी को घर का इतना काम करना नहीं आता।वह बहुत थक जाती है और रोती रहती है।  उससे घर का इतना काम ना करवाया करो।  पवन तो यह कह कर चला जाता था परंतु पराई लड़की ने मेरे बेटे और … Read more

सच का आइना – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

घर के आँगन में अदरक वाली चाय की सोंधी खुशबू के साथ अजीब सी खामोशी घुली हुई थी। लीला जी खामोश थीं,  उनकी आँखों की थकान उम्र की नहीं आत्मा व मन की ,अनकहे  जज़्बातों के उपेक्षा की थी। उनका बेटा विवेक, हमेशा से, ऑफिस से लौटते ही लैपटॉप में घुस जाता। घर को आफिस … Read more

आपबीती – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मेरा नाम गीतिका है,छोटे से कस्बे की शर्मीली और पढ़ाकू लड़की कब विनोद से शादी करके ससुराल चली आई और उसकी पत्नी बन गई,पता ही नहीं चला।दिल में कितने अरमान थे कि पढ़ाई करके ये करूंगी,वो करूंगी पर शादी के बाद कुछ याद ही नहीं रहा सिवाय इसके कि सुबह अलार्म बजते ही उठ जाना … Read more

नुकसान – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शोभित! जब देखो मोबाइल से चिपके रहते हो..कभी पढ़ लिया करो! शोभित की मां ने कहा तो वो मुस्करा दिया…”मां! मैं पढ़ाई ही तो कर रहा हूं।” “क्या सच में?”रीमा आश्चर्य से बोलीं,पता नहीं आजकल कैसी पढ़ाई हो गई है,किताबें छोड़ कर सब कुछ मोबाइल पर मिलता है। शोभित ने अपनी मां को झूठ बोल … Read more

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