मेरी आत्मा को तकलीफ़ देकर तुम कैसे खुश रह सकती हो – मंजू ओमर

अपने नन्ही पोती को देखकर सुमन की आंखों से आंसू बह निकले। क्या जिंदगी बना दी है भगवान तूने मेरी बच्ची को देखने को छूने को तरस रही हूं , उसकी एक मुस्कुराहट को तरस रही हूं। क्यों तूने मेरे सारे अरमानो पर पानी फेर दिया है। क्या कुसूर था मेरा और सुमन चेहरे को … Read more

संयुक्त परिवार-मनीषा सिंह

” मैं नहीं रह पाऊंगी यहां••! चार महीने से गर्भवती शक्ति पसीना पोछते पति अनिल के सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए बोली।  अब तनिक आराम तो कर लो श्रीमती जी••! अनिल फौरन शक्ति के पैरों को अपने गोद में रखते हुए बोला । आराम••? ये आराम वाली बात  ना ही बोल तो अच्छा है••! … Read more

 संयुक्त परिवार_ फायदे या नुकसान – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“अरे दीदी इस समय कैसे टाइम मिला अपनी बहन से बात करने का  ये तो तुम्हारे रसोई में रहने का टाइम है” सुधा ने बड़ी बहन प्रभा से कहा (जब कई दिनों बाद उसका फोन आया और जब फोन आता तो दोनों बहन का एक घंटा कब निकल जाता पता ही नहीं चलता) “अरे आज … Read more

 समझदारी – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

आज रावी ऑफिस में बहुत थक गई थी। वह अपने कमरे में आकर निढाल पड़ गई।तभी रोहित भी आ गया। थोड़ी देर में सुधा जी उन दोनों के लिए कमरें में चाय ले आई। रावी ,रोहित लो बेटा चाय पी लो। रावी ,सुधा जी से चाय लेते हुए बोली ,” मां आपको क्या पता कि … Read more

 वक्त – खुशी : Moral Stories in Hindi

मोहिनी 2 भाइयों की अकेली बहन थी।पिताजी रतन सिंह की अच्छी बल्ब बनाने की फैक्ट्री थी। भाई नरेश और सुरेश भी पिता के कारोबार से जुड़े थे।उनकी मेहनत से एक की दो फैक्ट्री हो गई थी।मोहिनी घर भर में सबकी लाडली थी हद से  ज्यादा लाड प्यार पर मा, पिताजी ,भाभिया भाई  सब नाज नखरे … Read more

 संयुक्त परिवार का साथ – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 अशोक और आशा जी अपनी बेटी शगुन की शादी के लिए बहुत चिंतित थे। अब तक जो भी रिश्ते आए थे वह उन्हें जँच नहीं रहे थे। अबकी बार जो रिश्ता आया था उसे परिवार में सब कुछ अच्छा था और लड़का शुभम तो बहुत ही बढ़िया था।अशोक जी जब से उससे मिलकर आए थे … Read more

 खुशियों की कुंजी संयुक्त परिवार – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

 ये लड़की भी न बहुत जिद्दी हो गई है अपनी मन की करनी है  इसे बस और कुछ नहीं, एक तो आपने भी ना इसको ज्यादा ही छूट दे रखी है । रमा देवी अपने पति सोमेश से बोली अब देखो, अच्छा भला लडका, सुन्दर है अच्छी नौकरी शिक्षित परिवार और क्या चाहिए ..? मैं … Read more

अम्मा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

    भैया देख ना , फ्रिज में ताला लगा है…. पक्का मां मिठाई मंगवाई होगी…. मामा , मामी आने वाले होंगे…. तन्वी ने तरुण का हाथ पकड़ कर फ्रिज के सामने लाकर खड़ा कर दिया… तरुण ने भी फ्रिज का हैंडल अपनी ओर खींचते हुए कहा…. हां तन्वी ये तो बंद है….।        बस फिर क्या था…. … Read more

 मुंह मोड़ना – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

साधारण रंग रूप मगर गुणवान तनिषा को उसकी जेठानियाँ और ननदे सांवली होने के कम अहमियत देते थे।     तनिषा का रंग रूप भले ही सांवला था मगर मन की एकदम साफ।जो लोग उसे कम पसंद करते फिर भी वह उनके हर काम के लिए तत्पर रहती।            कुकिंग,पेंटिंग, सिलाई, बुनाई हर कार्य में निपुण। … Read more

 लड़ाई – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अरे! आज फिर कूड़ा डाल दिया मेरे अहाते में? जया गुस्से में बड़बड़ाई..ये मालिनी भी न जाने कब मैच्योर होगी? मम्मी!मालिनी आंटी हमसे चिढ़ती हैं,हमेशा नज़र लगाती हैं हमारी खुशियों पर और जब तब चोरी छिपे ये ओछे काम करती रहती हैं। श्वेता बोली। नहीं ..अब मैं और चुप नहीं रहूंगी..आज उसको समझा के ही … Read more

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