सम्मान की सूखी रोटी : अनामिका मिश्रा : Moral Stories in Hindi

प्रियांशी मध्यम वर्ग के परिवार की एक पढ़ी-लिखी महिला थी। दो बच्चे थे और साथ में पति राकेश,उसकी भी एक साधारण सी नौकरी थी,प्रियांशी भी प्राइवेट जॉब कर रही थी दोनों मिलकर परिवार की गाड़ी खींच रहे थे। प्रियांशी बहुत ही महत्वाकांक्षी थी,वो ऊंचे ओहदे के ख्वाब देखती थी। उसके ऑफिस में एक नए मैनेजर … Read more

 संस्कार : सोमा शर्मा : Moral Stories in Hindi

छोटे से गांव में रहने वाला अर्जुन अब एक नामी कंपनी में मैनेजर बन चुका था।  अच्छी सैलरी, बड़ा फ्लैट, और हर सुविधा से भरपूर जीवन — सब कुछ था उसके पास, सिवाय एक चीज़ के… अपनों की मौजूदगी। पिता के गुजर जाने के बाद माँ अकेली गाँव में रह गई थीं।  अर्जुन ने कई … Read more

 आपको बहू नहीं चलता फिरता रोबोट चाहिए : कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“मीना ओ मीना!अरे बहूजी कब तक सोती पड़ी रहोगी;आज की तारीख में चाय मिलेगी भी या ना?सुनते ही हड़बड़ाकर नमन की बाहों से अपने आप को जबरन छुड़ाती हुई मीना कपड़े और बालों को संभालती हुई कमरे से बाहर निकल आई! मीना के जाते ही झुंझलाकर नमन ने मन ही मन सोचा आज छुट्टी का … Read more

 बदलते रिश्ते : प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

————— जोड़ियां तो ऊपर वाला पहले से लिखकर पृथ्वी पर भेजता है पर हर किरदार जो इस धरती के रंगमंच पर उतरता है वो अपने उन रिश्तों में चाहे वो मां – बाप हों ,भाई – बहन, खानदान और समाज सभी से भी जुड़ा होता है। हमारे समाज की एक अजीब-सी धारणा चली आ रही … Read more

 रज्जी ! : उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

     आज रज्जी ने बुझे मन से घर में प्रवेश किया। हमेशा ही घर में चहकते हुए प्रवेश करने वाली अपनी गृह सहायिका रज्जी के उतरे चेहरे को देखकर जब सरिता जी ने उससे उदासी का कारण पूछा तो उसने बताया कि नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाली उसकी आठवीं से नौंवी में पहुंची छोटी बेटी के … Read more

 कभी धूप कभी छांव : बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

” अम्मा बार बार तुम्हारे नाम की चिठ्ठियॉ आ रही हैं, जो निर्णय करना हो एक बार जाकर सब कुछ खतम कर दो।” ” तुम लोग कोई सलाह देते नहीं हो, मैं कोई निर्णय कर नहीं पा रही हू्ॅ, क्या करूॅ, कहीं ऐसा न हो कि बाद में तुम लोगों को लगे कि मैंने जो … Read more

 बहु नहीं रोबोट चाहिए। : मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

आपको बहु नहीं चलता फिरता रोबोट चाहिए और खुद भी कंप्यूटर बनी हुई हैं, घर में सेना के जैसे नियम बनाए हुए हैं। प्रिया अपने कमरे में जाते हुए यूं ही बड़बड़ा रही थी और जाते ही बिस्तर पर पौटी करे हुए अपने बेटे कृष को देखकर गुस्से में झल्ला भी रही थी।         राधिका जी … Read more

 मतभेद क्यों : नीलम नारंग : Moral Stories in Hindi

जैसे ही रिया ऑफिस से घर आई देखा सुमन भाभी ( जेठानी)और सासू मां के बीच खूब तकरार चल रही थी। अक्सर ही इस तरह की तकरार का सामना उसे करना पड़ जाता था।  रिया को  बड़ा अजीब लगता कि सुमन भाभी कितना भी काम कर ले लेकिन  सासू मां को उनका कोई काम पसंद … Read more

 गिरह : विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   ” सुलोचना जी..सैर करने जा रहा हूँ..अपनी फ़रमाईशों की लिस्ट दे दीजिये…लौटते वक्त सब लेता आऊँगा…।” थोड़े ऊँचे स्वर में गिरधारी लाल जी अपनी पत्नी से बोले तो सुलोचना जी रसोई से निकलीं और उन्हें कपड़े के थैले के साथ एक पर्ची थमाती हुई बोलीं,” लिस्ट के साथ थैला दे रही हूँ..प्लास्टिक की थैलियों में … Read more

 आपको बहू नहीं चलता-फिरता रोबोट चाहिए : डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शाम की धीमी रोशनी कमरे में फैल रही थी, और खिड़की से आती हवा में भी जैसे कोई थकावट घुली हुई थी। जानकी चुपचाप चारपाई पर लेटी थी, आँखें बंद थीं पर नींद कोसों दूर। सिर दर्द से फटा जा रहा था, लेकिन उससे भी ज्यादा उसका मन टूट चुका था। दस साल से इस … Read more

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