आखिरी पल – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

————- डॉक्टर रेखा ने राघव को बुलाया और कहा कि “सावित्री जी को घर लेकर जाओ और उनके साथ वक्त बिताओ क्योंकि अब वो कुछ ही दिनों की मेहमान हैं।अब दवा का कोई भी असर उन पर होना बंद हो गया है।चंद सांसें शेष हैं उनके पास। जितनी खुशी दे सकते हो दो और उनकी … Read more

 तकदीर फूटना – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

आयुष एक होशियार इंजीनियर लड़का था | मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी खासी नौकरी छोड़कर खुद का स्टार्टअप शुरु किया | एक ऐप जो गांवो में किसानों को सीधे ग्राहकों को जोड़ता था | दोस्तों ने कहा- अरे यार ! तु पागल हो गया है कि इतना अच्छा पैकेज छोड़कर किस काम पर लग गया | … Read more

 जिम्मेदारी… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…पूरे तेरह लोगों का टिकट कटाया था अनिल ने… संजोग से दो टिकट दूसरे डब्बे में मिल गए…  मां, पापा, भैया, भाभी, दीदी, जीजा जी, खुद वह उसकी पत्नी सुधा, और साथ में सबके बच्चे… सभी को एक डिब्बे में बिठा… वह भैया के साथ दूसरे डब्बे में चला गया…  बड़ा लंबा सफर था… पूरे … Read more

 बेटा, मुझे इस घर से जाना होगा। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

बिस्तर पर लेटे हुए गिरिजा जी को नींद नहीं आ रही थी, आंखों से आंसू लुढ़क कर गालों को गीला कर रहे थे, और वो साड़ी के दुपट्टे से उन्हें पौंछे जा रही थी, लेकिन आंसूओं की झड़ी रूक नहीं रही थी। वो तकिये को मुंह में छुपाने लगी, लेकिन उनकी हिचकियां रह-रह कर उन्हें … Read more

 बदलाव – साहिबा टंडन : Moral Stories in Hindi

खचाखच भरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब विनोदिनी के नए कविता संग्रह ‘मृगतृष्णा’ का लोकार्पण हुआ. सभागार की पहली पंक्ति में बैठे पलाश और ज्योति यह देखकर बेहद खुश हुए. वे विनोदिनी के भईया भाभी थे. विनोदिनी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय उन्हीं को दिया था . वापिस लौटेते वक्त कार में … Read more

 समझदार बहुएँ : घर मे सुख शांति – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

अनुराग जी का पैर बाथरूम मे गिरने के कारण टूट गया था। जिसके कारण डॉक्टर ने प्लास्टर चढ़ाकर तीस दिनों तक आराम करने को कहा था। यह सुनकर उनकी बेटी उनसे मिलने आने वाली थी। अनुराग जी के दो बेटा और एक बेटी थे। तीनो की शादी उन्होंने करा दिया था। दूसरे बेटे की शादी … Read more

 मेरी दोनों बहू आपस में बहनों की तरह रहती हैं – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

नम्रता की शादी को पूरे तीन साल हो चुके हैं… अब तक घर परिवार को उसने बड़े हीं सुव्यवस्थित ढंग से संभाला है…  मंझले देवर के विवाह की तैयारियां चल रही है…  लड़की देखने में तो अच्छी-भली है पता नहीं व्यवहार कैसा होगा??  इस बात की सबसे अधिक फिक्र नम्रता को हीं है…  नम्रता ने … Read more

 प्रायश्चित – खुशी : Moral Stories in Hindi

मधु एक सुघड़ लड़की थी।तीन बहनों में सबसे बड़ी । बीए किया कढ़ाई और इंटीरियर डिजाइन का कोर्स किया।पिताजी श्यामलाल कॉलेज में प्राध्यापक थे और मां शर्मिला टेलीफ़ोन विभाग में थी।मधु से छोटी अन्नू और सबसे छोटी काजल थी वो दोनों अभी स्कूलों में पढ़ रही थी।गंजबासौदा  जैसे छोटे से शहर में परिवार  हंसी खुशी … Read more

 रसोई घर – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

दिन भर रसोई घर में ही लगी रहती हो,सारा वक्त बर्बाद कर देती हो अपना। खाना बनाने के लिए कामवाली क्यों नहीं लगाती हो…. पड़ोसन कंचन जी रेनू को सुना रहीं थीं। रेनू को घर के कामों में बहुत रूचि थी ।क्या किसको चाहिए पसंद ना पसंद और घर को सलिके से रखना उसको अच्छा … Read more

 तकदीर फूटना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

(भाग्य खराब होना) सीता सब्जी खरीद रही थी, अचानक से उनके सर पे किसी ने मारा, सीता जोर से बोली कौन है,पागल अरे—–तू—— ,  सिम्मी ,कैसी है तू? सिम्मी ने बोला,तुम खुद  ही देख लो,, एकदम मस्त हूँ?। सीता तुमने क्या हाल बना रखा है अपना? कुछ ठीक नही लग रही तुम ,क्या हुआ?सब ठीक … Read more

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