मीठी छुरी चलाना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

काॅलेज में खुबसूरत शीना को देखते  ही अमन उस पर लट्टू  हो गया था।  अमन दिलफेंक  किस्म का इंसान था।उसे पढ़ाई -लिखाई से कोई मतलब नहीं था।वह काॅलेज में शीना के आगे -पीछे घूमा करता था। आखिरकार अपनी चिकनी -चुपड़ी बातों से उसने शीना को अपने प्रेम जाल में फाॅंस ही लिया। सामान्य परिवार की … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

   आयुष मां को पड़कर कमरे में लाता है और जोर-जोर से रोने लगता है—– मां आपको नौकरों की तरह काम करता देखकर मेरा मन दुखी हो जाता है——- पूरे दिन आप काम करती रहती हो! कोई भी आपका खाने-पीने का ध्यान नहीं रखता!——- आज मैं इंजीनियर हो गया हूं अब मैं अपने लिए सोचूंगा?—- और … Read more

 सात फेरे – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बड़ी मन्नतों के बाद लाली का विवाह तय हो पाया था। गुणों की खान थी,बात व्यवहार और मददगार के रूप में पूरे गांव में सबकी जुबान पर सिर्फ लाली का नाम रहता था,पर क्या ही मायने रहता है इस समाज में जहां रूप ही सबसे ज्यादा मायने रखता है। सांवली सलोनी सी थी लाली यही … Read more

 इंसान हूं रोबोट नहीं – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज आफिस से निकलने में श्रुति को पूरा एक घंटा लेट हो गया था । कुछ काम आ गया था जिसको पूरा करना था आज के ही आज बांस का आदेश था कि फाइल आज पूरी होनी चाहिए। फिर बाहर आकर बस पकड़ने में भी देरी हो गई क्योंकि रोज जो एक घंटे पहले बस … Read more

 बहुएं – खुशी : Moral Stories in Hindi

गीता जी  और मोहन जी दोनो पति पत्नी थे।गीता जी जहां मिलनसार थी मोहन जी नपा तुला बोलने वाले वो बैंक में क्लर्क थे और अपने परिवार से दूर  रुड़की में रहते थे। उनके दो बेटे थे देव और विपुल बेटे भी पिता जैसे ही शांत स्वभाव के थे।इसलिए गीता को बेटी की बड़ी चाह … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – विमला गुगलानी  : Moral Stories in Hindi

  “ अरी अचला, जल्दी हाथ चला,अभी तक तुझसे चादरें नहीं बदली गई, दोनों कमरे अच्छें से साफ करना, रावी को धूल मिट्टी से बहुत एलर्जी है” मनु बस पहुंचने ही वाला होगा” सावित्री ने मेड अचला को डांटते हुए कहा।  “ और तुम प्रीति अभी तक तुमसे रसोई का काम पूरा नहीं किया गया, भटूरे … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – अमित रत्ता  : Moral Stories in Hindi

आज आप फिर कोई सब्जी लेकर नही आए क्या बनाऊंगी मैं आपको तो पता है ना माँ जी को सर्दी हुई है भला हम तो लस्सी और आचार के साथ खा लेंगे मगर माँ जी को क्या बोलूंगी कैसे  दूंगी खाना। आज फिर मुझे चार बात सुननी पड़ेंगी। चलो देखती हूँ उनके लिए चाय अचार … Read more

 मुझे अधिकार आता है लेना – डॉ बीना कुण्डलिया  : Moral Stories in Hindi

खट खट खट दरवाजे पर जोरों से होती आवाज जैसे ही राधा ने दरवाजा खोला पति सुनील खड़ा था। राधा को देखते ही गिड़गिड़ाने लगा मुझे माफ कर दो राधा मैं बहुत शर्मिन्दा हूँ  सुबह का भुला अगर शाम को घर वापस आ जाये तो उसे भुला नहीं कहते ।अच्छा बहुत बढ़िया इसका मतलब सुबह … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अमन अभी-अभी ऑफिस से आकर खड़ा ही हुआ था, कि उसके पांच साल के बेटे अनमोल ने पूछा। पापा आप चॉकलेट नहीं लाये। सॉरी बेटा मुझे थोड़ी देर हो रही थी। तो मै भूल गया। मैं अभी लेकर आता हूंँ। अरे क्या आप भी रहने दीजिए एक दिन। अरे नहीं मैं अभी आता हूंँ। तुम … Read more

 मेरी दोनों बहु आपस में बहन जैसे रहती हैं : Moral Stories in Hindi

बनारस शहर’ की एक छोटी सी गली में ‘घनश्याम श्रीवास्तव’ जी का एक परिवार रहता था| उनकी (पत्नी) शकुंतला जी बनारस के इंटर कॉलेज में टीचर का काम करती थी|उनके दो बेटे रवि और राजू थे | रवि (बड़ा बेटा) और राजू (छोटा बेटा) था, दोनों की शादी हो चुकी थी ,रवि के पत्नी का … Read more

error: Content is protected !!