मन की गहराई से। –  प्रतिभा परांजपे : Moral Stories in Hindi

मोबाइल बज उठा ,अंदाज़ तो था ही सुप्रिया का ही होगा । ‘हाय सखी कैसी हो, जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं’ वगैरह बातें हुई।  “और बता ,कितने दिन हो गए मिले ही नहीं! मायके आने का समय नहीं मिला क्या?” मैंने उसे उलाहना दिया। ‘ अरे आयी थी ,दो ही दिन के लिये ,  बहुत जल्दबाजी … Read more

मूल्यांकन – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राहुल मेहरा 35 साल का युवा उद्यमी था, जिसने "ग्रीनलाइन टेक" नाम से एक ग्रीन एनर्जी स्टार्टअप खड़ा किया था। कुछ ही सालों में वह कंपनी 100 करोड़ की वैल्यूएशन तक पहुंच गई। राहुल अपने आइडियाज को लेकर जुनूनी था, लेकिन उतना ही आत्मकेंद्रित भी। जल्द ही, निवेशकों का दबाव बढ़ा और राहुल ने मुनाफा … Read more

अपने घर में रहूंगी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

विमला जी ने अपना बिखरा सामान समेट कर बैग में रख लिया और अटैची में अपने कपड़े करीने से लगा दिए । टेबल पर रखी पति की फोटो भी उठा कर रख ली और बाहर निकल पड़ी । गार्ड को फ्लैट की चाबी दी और नारायण राय जी के साथ कैब से स्टेशन आ गई … Read more

पापों का प्रायश्चित – साहिल जैन : Moral Stories in Hindi

कहानी है नेहा की—एक बहू, एक पत्नी और सबसे बढ़कर एक इंसान की। वो हँसमुख, शिक्षित और संस्कारी लड़की थी, जिसने अरमानों से भरकर रोहित से शादी की थी। शुरू-शुरू में सबकुछ ठीक चला, लेकिन शादी के दो साल बाद नेहा को ब्रेस्ट कैंसर होने का पता चला। जैसे ही रिपोर्ट पॉज़िटिव आई, घर का … Read more

इंतजार – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

———- कमला जी गांव में रहती थी।उनके दो बेटे थे और जो गर्मी की छुट्टियों में परिवार के साथ आते और मां के साथ वक्त बिताया करते थे। लड़के तो कुछ दिन रहते थे और अपनी नौकरी पर चले जाते पर परिवार गांव में ही रहता था कुछ दिनों के लिए। कमला जी को इस … Read more

मंझला बेटा – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

ऑपरेशन की सफलता के पश्चात् उन्हें ऑपरेशन थियेटर से बाहर उनके निजी कमरे में लाया गया। तीनों पुत्रों के चेहरे खुशी से चमक उठे। ये माँ थी उनकी,जिसने वैधव्य के संघर्ष पूर्ण जीवन को जीकर आज उन्हें इस बड़े नगर के सर्वोत्तम अस्पताल में उनका उपचार करने के लायक बनाया था।      कुछ समय की अचेतावस्था … Read more

देवरानी नहीं बहन – डा०विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शहर की हलचल से कुछ दूर, एक शांत मोहल्ले में जानकी जी अपने पति अवध नारायण जी और दो जुड़़वां बेटों अमित और नमित के साथ रहती थी। एक बड़ी बेटी शुचिता थी जिसका विवाह हो चुका था। दोनों भाई न सिर्फ सूरत में एक जैसे थे, बल्कि उनके विचार और व्यवहार भी इतने मिलते-जुलते … Read more

अम्मा की आखिरी यात्रा – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

3 महीने कोमा में रहने के बाद अम्मा  का अनकहा इंतजार खत्म हुआ और उनकी आत्मा को को आखिर इस देह और स्वार्थी संसार से मुक्ति मिल ही गई। संसार तो वो तभी त्याग चुकी थी जब वह धीरे-धीरे कोमा में आई थी। लेकिन सांसों की माला के आखिरी मोती गिरने तक कोई भी प्राणी … Read more

सिलवटें – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राम दयाल एक रिटायर्ड प्रधानाचार्य थे,सारी उम्र कड़े अनुशासन, नियम कानून से कटी,सोचते थे कि रिटायर होकर चैन से पत्नी और परिवार के साथ दिन काटूंगा,सर्विस के दौरान इधर उधर स्थानांतरण के चलते कभी सब के साथ रहना ही नहीं हुआ था। खुशी खुशी घर लौटे लेकिन कुछ ही अंतराल में पत्नी की आकस्मिक मृत्यु … Read more

नज़रिया – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

     क्या बताऊं कृति…. ये गर्मी आते ही ना एक नया टेंशन शुरू…. एक तो गर्मी की छुट्टियों में बच्चे वैसे भी घर में धमा चौकड़ी मचाए रहते हैं….ऊपर से नंद रानी भी अपने बच्चों को लेकर आ जाती है….!        वो क्या है ना कृति ….तु जितना अपनी नन्द को करती है ना उतना तो कोई … Read more

error: Content is protected !!