प्रायश्चित – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

 आज सिया मेरे पीछे पड़ गई कहने लगी ! दादी हम होटल जा रहे हैं ! मम्मी पापा भी जा रहे हैं! आप भी चलो!  मैं तुरंत सिया से बोल उठी! नहीं बिटिया अब इस उम्र में होटल कहां जाऊंगी ?तुम लोग बाहर खा कर आओ ! मैं अपने लिए घर पर ही कुछ बना … Read more

 मुंह मोड़ना – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

दिल तोड़ने वाले तुझे दिल ढ़ूंंढ रहा है…. पार्श्व में गाने के बोल मंजरी के कानों में पिघले शीशे से लग रहे थे और वह न चाहते हुए भी आंसुओं के समुद्र में भीगी जा रही थी। रह रह कर वह खूबसूरत पल उसे याद आ रहे जो उसने अमित के साथ गुजारे थे, हाथों … Read more

 सुहाना सफ़र  – पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

हर सोमवार की तरह आज भी मैं निकला था सफर पर उसी जानी पहचानी रास्ते पर जिस पर चलते हुए अब लगभग साल भर हो चुका है। बस अभी दस मिनट में चलेगी, क्योंकि सवारी आए या नहीं आए इसे नियत समय पर निकलना होता है। सही है समय का बंधन भी कितना जरूरी है, … Read more

 प्रायश्चित- पूनम सारस्वत : Moral Stories in Hindi

जेल( लॉकअप )की अंधेरी कोठरी में बैठकर आंसू बहाने के सिवाय उसके पास कोई चारा भी नहीं था । ये आंसू पश्चाताप के थे या अपने अपमान के? वह खुद भी यह नहीं समझ पा रहा था। रह-रह कर दांत भिंच जाते और अपनी बेबसी पर अपनी ही मुठ्ठी को दीवार में मार देता। वह … Read more

पश्चाताप – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

एक माँ के बलिदान की ये वो ह्रदयविदारक तसवीर थी जिसने न सिर्फ सुंदर लाल को बल्कि पूरे गांव की आत्मा को झंकझोर दिया था हर किसी की आँखे छलक रहीं थी हर कोई यही दुआ कर रहा था कि भगवान ऐसा बक्त किसी पर न लाए। वो माँ चाहती तो अपनी जान बचा सकती … Read more

देने वाले हांथ – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

प्रतिमा से अब रहा नहीं जा रहा था।रागिनी से मिलकर उसे ताने मारने का मौका मिला था साल भर बाद।रागिनी उसकी बचपन की सहेली थी।शादी के बाद कभी -कभार मायके में गर्मी की छुट्टियों में मुलाकात हो जाती थी।प्रतिमा और रागिनी की शादी प्रायः एक ही समय में हुई थी।रागिनी ने कभी ऊंचे-ऊंचे सपने नहीं … Read more

तकदीर फूटना – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

       जशन बाईक पर से जा रहा था तो अचानक उसे रोशन दिखा। एक छोटी सी चाय की गुमठी के पास बैठा चाय पी रहा था। उसे मिलने की इच्छा से बाईक उसी और मोड़ दी। पास आने पर देखा कि वह कुछ परेशान सा दिख रहा था। चिंता की लकीरें साफ उसके माथे पर नजर … Read more

प्रायश्चित – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

गाँव की सीमा पर बिखरी झाड़ियों और सूखे पेड़ों के बीच एक टूटी-फूटी कोठरी में विश्वनाथ रहता था। उम्र के पचासवें पड़ाव पर खड़ा वह व्यक्ति, जिसके चेहरे पर गहरी झुर्रियाँ नहीं, बल्कि उसके अंतस की उधेड़बुन दर्ज थी। गाँव वाले उसे “पंडितजी” कहकर पुकारते, क्योंकि वह संस्कृत का विद्वान था और कभी मंदिर में … Read more

तकदीर फूटना – खुशी : Moral Stories in Hindi

रमन एक आलसी लड़का था l वो कोई काम नहीं करना चाहता था।उसके घर में मां शांति और पिता रामपाल थे। रामपाल बढ़ई का काम करते थे अच्छी दुकान थी आमदनी भी अच्छी होती। दो बहने मीरा और योगिता के बाद रमन पैदा हुआ तो मां बाप का लाडला था।पिता तो कभी फटकार लगा भी … Read more

जीने की कला – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मैं ज़रा दो घड़ी कल्याणी के पास जाने की सोच रही हूँ । चाय पीनी हो तो बना दूँ ? , मंगला ने अपने पति से कहा । अभी तो चाय की इच्छा नहीं…. बहुएँ तो घर में ही है ना ? पीनी होगी तो कह दूँगा चाय बनाने को …. तुम जाओ । कब … Read more

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