” बहुत छोटा प्रायश्चित” – गीता वाधवानी  : Moral Stories in Hindi

 आज जब रेखा आंटी ने फिर से उसका आभार माना और धन्यवाद दिया, तो मनीषा की आंखें भर आई। आंटी जब कमरे से चली गई तो वह कमरे का दरवाजा बंद करके खूब फूट-फूट कर रोई और काजल की फोटो को सीने से लगाकर उससे माफी मांगने लगी। पिछले 5 वर्षों में वह न जाने … Read more

 प्रायश्चित – नीलम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

शिवानी………। अलमारी में नीली शर्ट पर प्रेस न हुई देख अक्षय बहुत जोर से चिल्लाया। उसकी आवाज में वही कर्कशता थी, जिसको सुनते ही शिवानी को अपना शरीर सुन्न सा पड़ता महसूस होने लगता। शिवानी जो कि रसोई में उसका नाश्ता तैयार कर रही थी। सब कुछ छोड़कर भागती हुई आई। उसे देखकर अक्षय चिल्ला … Read more

 तक़दीर फूटना – डॉ बीना कुण्डलिया  : Moral Stories in Hindi

रूपा और उसकी सहेली को ऑफिस के काम से दूसरे शहर जाना था इसलिए उन्होंने अपनी सहूलियत के हिसाब से अपनी ही कार को माध्यम चुना सुबह जल्दी निकल पड़ी क्योंकि दोपहर तक पहुँचना जरूरी और रास्ता चार पाँच घन्टे का लगभग तीन घंटे का रास्ता तय कर चाय पीने की ललक ने एक चाय … Read more

 तकदीर फूटना – ऋतु यादव  : Moral Stories in Hindi

जबसे विभा शादी कर ससुराल आई, वह प्रयास करती कि घर में सभी का ख्याल रखे, सास ससुर की सेवा सुश्रुषा में कोई कसर न रहे, घर में प्रेम और हंसी खुशी का माहौल बना रहे।  यूं तो विभा में कोई कमी नहीं थी पढ़ाई लिखाई, सिलाई कढ़ाई, घर का काम सभी में दक्ष थी … Read more

 फौजी – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

मॉ, मैं जब भी घर आता हूँ, तुम मेरी शादी की ही बात करती हो, अब मैं छुट्टी लेकर घर नहीं आऊँगा, ये कहना था हवलदार करतार सिंह का। बेटा, हर मॉ की चाहत होती हैं, बहू पोते का मुंह देखे, तेरे साथ के सभी लड़के 2-3 बच्चों के बाप बन गए हैं, क्या तू … Read more

 प्रायश्चित – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

 कभी-कभी जीवन की सच्चाईयाॅं  वर्षों के प्यार को पल भर में क्षत-विक्षत कर देती हैं।मेरी (आनंद) ज़िन्दगी बड़ी ही सुंदर और सुव्यवस्थित ढंग से चल रही थी । उसमें माॅं की यादों का  अनमोल पिटारा, बड़ी बहन का स्नेह -दुलार और छोटे भाई के प्यार की खुशबू बसी हुई थी।  पिता भी मुझे प्यार करते … Read more

 इज्जत इंसान की नही, पैसे की होती है – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi

प्रिया जब अपने भाई के विवाह में आई तो बहुत प्रसन्न थी ,आज उसकी वर्षों की इच्छा जो पूर्ण हो रही थी।कितनी मन्नतें और कितनी बार भगवान से उसने प्रार्थना की थी- कि मेरे भाई पढ़ -लिखकर खूब उन्नति करें। आज उसका यह स्वप्न पूर्ण होने जा रहा है। बड़े अच्छे घर में ,उसके भाई … Read more

 सम्मान की सूखी‌ रोटी – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

गांव की कच्ची गली में जैसे ही जानकी ने अपने घर की कुंडी खोली, सामने से रमिया दौड़ी चली आई। आंखों में आश्चर्य, होंठों पर हल्की मुस्कान लिए उसने पूंछा, “अरे जिज्जी, तुम आ गईं? तुम तो कह रही थीं कि दो-तीन महीने गर्मी भर रुकने वाली हो, फिर इतनी जल्दी कैसे लौट आईंं?” जानकी … Read more

 ” तकदीर ” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” तकदीर “ ” मम्मी मुझे माफ कर दो आज के बाद ऐसा नहीं होगा !” ग्यारह साल का दक्ष रोते हुए अपनी मां निशा से बोला। ” नहीं आज तुम्हे सबक मिलना जरूरी है इसलिए आज तुम चुपचाप यही बाहर खड़े रहो !” निशा आंख में आंसू पर चेहरे पर गुस्सा लिए बोली । … Read more

 तकदीर फूटना – हेमलता श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

ससुराल की दहलीज पर कदम रखते ही मैं समझ गई थी कि ये डगर आसान नहीं होगी मेरे लिए. आसान तो मायके में भी जीना नहीं था,‌‌ जन्म देते ही मां का साया उठ‌ गया था बुआ और भाभी की शरण में पली‌ बढ़ी मां ने होने का दर्द हमेशा सालता रहता। लोगों की नजर … Read more

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