बड़ा दिल किसका – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi
…”तू यह कंबल झोले में डाल… मैं अभी आया… उस चौक पर कोई फिर कंबल बांटने आया है…!” ” जल्दी जाओ बाबा…!” ” हां… तू यहीं बैठी रहना… मैं अभी आया…!” लगभग घंटे भर में बैसाखी टेकता वह लौट आया… हाथ में एक कंबल गोल कर… अपनी फटी कंबल में घुसाए हुए था… ” वाह… … Read more