मधु की रसोई – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बस एक ही काम तो इसकी मां ने इसे सिखाया है खाना पकाना अरे उसमें कौन सी बुद्धि लगानी पड़ती है जिसमें बुद्धि लगानी पड़ती है वह तो इसे राई रत्ती नहीं आता है मेरे बेटे के तो करम फूट गए जो ये मूढ़ उसके पल्ले पड़ गई…. सासू मां मालती ने बेटे प्रखर के … Read more

अपमान बना वरदान – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“पापा कल पीटीएम में आप मेरे साथ चलोगे। मम्मी को इंग्लिश बोलना आता नही है और जब हिंदी में बात करती हैं तो मुझे अच्छा नहीं लगता। मेरी सभी सहेलियों की मम्मी इंग्लिश में बात करती है तो मुझे अपमान सा महसूस होता है” पाखी बेरुखी से बोली दरवाजे के बाहर खड़ी सौम्या ने सब … Read more

‘आम की एक फाॅंक’ – श्वेता अग्रवाल। : Moral Stories in Hindi

गर्मियों के दिन थे। नीता अपने बच्चों के साथ ऑंगन में बैठी आम के मजे ले रही थी। प्लेट में पीले, मीठे,रसीले आम के टुकड़े रखे थे और वे सभी बहुत खुश होकर खा रहे थे। मोनिका का छह साल का बेटा अंशु भी वहीं खेल रहा था। आम देखकर उसके छोटे-छोटे हाथ आम की … Read more

थैंक यू बेटा – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      हाथ में चाय का कप लिये शैलेश अखबार पढ़ रहा था कि उसकी नज़र हेडलाइन पर ठहर गई,’ बेस्ट सेलर किताब- वरदान के लेखक ‘ श्री शिव मंगल जी’ का सम्मान समारोह’।नीचे छपी तस्वीर देखकर वो चौंक पड़ा,” पापा जी!” उसे यकीन नहीं हुआ।उसने बड़े भाई शीलेश को फ़ोन किया,” भईया..आज की हेडलाइन देखी..।”   ” … Read more

एक फोन काॅल से बदली जिन्दगी। – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

उस कस्बे के खपरैल घर में रहनेवाली नीता विधवा थी।उसके पति की मृत्यु वर्षों पहले बीमारी से हो गई थी। उसकी एक पुत्री रंभा और एक पुत्र अरुण थे। वह अपने घर में सिलाई का काम करके अपना और अपनी संतान की जीविका चलाती थी।.                      … Read more

विश्वास! – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  ‘वाऊ ममा ! यू आर सच अ कांफीडेंट स्पीकर ! हाउ डिड यू रिमैंबर‌ सो मच टू स्पीक ? आय एम‌  सो प्राउड आप यू !’       नोटिफिकेशन की आवाज से जैसे ही उन्होंने अपना मोबाइल खोला तो हर्ष युक्त कई इमोजीजके साथ अपनी बेटी के उपर्युक्त व्हाट्स एप संदेश को पढ़ते ही उनके मुख पर … Read more

जिजीविषा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

रीता अपने तीन बच्चों के साथ घर -घर काम करके गुजारा करती थी।उसका पति कमाता तो बहुत था। कारीगर था सो अच्छा पैसा मिलता था किन्तु उसका सहयोग परिवार खर्च में नगण्य था, कारण वह सब पैसा शराब पीने में उड़ा देता और कभी कभी तो रीता से उसके पैसे भी झपट लेता।न देने पर … Read more

गम – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

रामदीन जी सेवा निवृत्त अध्यापक थे उनकी पत्नी देविका जी की अचानक हृदयाघात से मृत्यु हो गयी थी । उनका पार्थिव शरीर बड़े बेटे हर्ष के इंतज़ार में रखा हुआ था । जीवन संगिनी के जाने का गम रामदीन जी को अंदर ही अंदर खाए जा रहा था । घर में सभी परिवार रिश्तेदारों की … Read more

बी.ए. पास – कविता झा ‘अविका’ : Moral Stories in Hindi

“खबरदार जो मेरी बाईक को हाथ भी लगाया तो… पढ़ाई होती नहीं है लाड साहेब से और दिन भर बाईक लेकर आवारागर्दी करने अपने दोस्तों के साथ निकल जाएंगे।” रोशन ने रुपेश को अपनी बाइक से दूर करते हुए तेज आवाज में कहा तो रुपेश बोला… “भाई प्लीज़ थोड़ा धीरे बोलिए ना।”   गेट के बाहर … Read more

वरदान – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

मीरा दीदी मैं अपनी किटी पार्टी में जा रही हूं रिम्मी और सिम्मी दोनों स्कूल से आती होंगी आप उनके कपड़े चेंज करवा कर उन्हें खाना भी खिला देना और उसके बाद उनका होमवर्क भी देख लेना मुझे देर हो रही है मेरी सहेलियां इंतजार कर रही होंगी , सीमा अपनी जेठानी मीरा से बोलकर … Read more

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