घर में जगह – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“ आपको जो भी बोलना है सबके सामने बोलो…. सबको जानना ज़रूरी है आख़िर हम भी इस घर का हिस्सा है…. सबकी तरह हमारे भी हक है।” राशि आज चुप रहने के मूड में ज़रा भी नहीं लग रही थी निकुंज मिन्नतें कर कर के थक गया था पर उसकी आवाज़ तेज हुई जा रही … Read more

पापा !अकेली तो सिर्फ माँ हुई हैं… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

छः माह पूर्व गरिमा के भाई का विवाह हुआ था और भाई के विवाह के पश्चात गरिमा पहली बार मायके जा रही थी। छुट्टी न मिल पाने की वजह से उसके पति अभी तो उनके साथ नहीं आए थे, हां बच्चों की छुट्टियां खत्म होते ही उनकी वापसी पर उन्हें लेने आकर सबसे मिलने का … Read more

हमें भी अपनाओ – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” बधाई हो बधाई ललना ने जन्म लिया बधाई हो बधाई !” आँगन मे किन्नरों ने नाचना शुरु कर दिया था । नाचते भी क्यों ना आखिर पांच साल बाद मुस्कान ने बेटे को जन्म दिया था । बहुत खुश थी मुस्कान की सास शर्मिला जी पर साथ ही तनाव मे भी थी क्योकि किन्नरों … Read more

फूटी आंख न भाना – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

मां बाप की जिद्द के आगे न चाहते हुए मानव कुछ बोल न  सका और मनप्रीत से शादी करने को तैयार तो हो गया मगर दिल से अपनाने को नही। मानव ऊंचा लंबा कद एक दम हीरो के माफिक दिखने वाला गबरू जवान था। अच्छा पढ़ा लिखा होने के साथ साथ संस्कारी भी था। उसके … Read more

दोस्त – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

कॉलेज के पहले साल की बात है, हम तीनों दोस्त, अजय, मोहन ओर मैं इकट्ठे पढ़ाई करते थे। टेक्निकल बुक्स काफी महंगी होती थी, इसलिए हम सब 3-3 अलग अलग बुक्स खरीदते ओर 2-2 बुक्स लाइब्रेरी से इशू करा लेते थे। फिर रिटर्न ओर रि-इशू से पूरा साल निकाल देते थे। एग्जाम के दिन थे, … Read more

बड़ा दिल – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुवर्णा ऑफिस से आते समय अस्पताल में भर्ती हुई अपनी सहेली मीनल को देखने गई थी । सुबह घर से निकलते समय ही उसने प्रदीप को बता दिया था कि वह थोड़ी देर से घर पहुँचेगी क्योंकि उसे मीनल को देखने अस्पताल जाना है । प्रदीप और सुवर्णा में अच्छी तालमेल है दोनों मिलकर बच्चे … Read more

दिखावा – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बॉस की रिटायरमेंट फेयरवेल पार्टी चल रही थी। फूटी आंख ना भाने वाले बॉस का आज बढ़ा चढ़ा कर महिमागान हो रहा था।सबको मालूम था आज इनका यहां अंतिम दिन है । मन ही मन सब बहुत खुश थे लेकिन ऊपर से दिखावे के लिए दुख प्रकट कर रहे थे। ये ऑफिस आपके बिना सूना … Read more

सुकून – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  रंजीता और सविता हल्की गपशप संग सैर करते हुए जैसे ही सड़क पर पहुंचीं कि कल के मेले के‌ कारण सड़क के दोनों तरफ पड़ी प्लास्टिक की जूठी प्लेटों, कटोरियों ,गिलास, चम्मच तथा तुड़ी-मुड़ी जूठी पत्तलों को देखकर सविता भड़क उठी,      ‘ उफ़्फ ! यह इधर-उधर बिखरा पड़ा कूड़ा मुझे फूटी आंखों नहीं भाता है। … Read more

निक्कमा बेटा – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

 देखो तो… फिर से रामलाल जी का बेटा नौकरी की तलाश में जा रहा है … हर दिन निकलता है.. और रात में घर लौट ही  आता है हताश होकर… रामलाल जी के सोने के बाद चुपचाप कमरे में जाकर सो जाता है… काहे रामलाल जी इसके पीछे पड़े है कि  नौकरी लगे… बेचारे का … Read more

फुलवा – हेम लता : Moral Stories in Hindi

सुनो” 21 दिन का सरकार ने लॉक डाउन लगाया है “पति के इतना कहते ही मुझे तुरंत बेटे का ख्याल आया. हम अपने गांव में हर नवरात्रि में आते हैं मंदिर में श्रृंगार करने और नवरात्रि मनाने, कन्या पूजन करने .इस बार भी आए थे पर यहां आते ही पता चला कि सरकार ने कोरोनावायरस … Read more

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