शक का कीड़ा-मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

बस दीदी बस•• बहुत हो गया ••अब इतनी भी बेज्जती मत करो मेरी•••! मैं तो यहां सिर्फ तुम्हारे लिए आई  और तुमने मेरे कैरेक्टर पर ही सवाल खड़ा कर दिया •••? मममममम•• मेरा•• मतलब कहने का ये नहीं था छोटी••!  कहते हुए रजनी के हाथ पैर ठंडे हो गए। वह अंदर ही अंदर कांपने लगी … Read more

बड़ा दिल – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

******** आज फिर मम्मी ने सदैव का अपना वही ब्रह्म वाक्य दोहरा दिया – ” ‌तुम बड़े भाई हो। तुम्हारा कर्तव्य है अपने छोटे भाई का ख्याल रखना। तुम्हारा बड़ा दिल होना चाहिये क्योंकि बड़ा भाई तो बाप की जगह होता है।” बचपन से ही चन्द्रार्क यही सुनता आया है। दो वर्ष का ही था, … Read more

बड़ा दिल किसका – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”तू यह कंबल झोले में डाल… मैं अभी आया… उस चौक पर कोई फिर कंबल बांटने आया है…!” ” जल्दी जाओ बाबा…!”  ” हां… तू यहीं बैठी रहना… मैं अभी आया…!”  लगभग घंटे भर में बैसाखी टेकता वह लौट आया… हाथ में एक कंबल गोल कर… अपनी फटी कंबल में घुसाए हुए था… ” वाह… … Read more

पड़ोसियों और परिवार में यही तो अंतर होता है बेटा – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

पूरा दिन तुम्हारी बीबी गाय भैंस गोबर घास के काम मे लगी रहती है एक मिनट कभी उसे आराम करते नही देखा। और छोटी वाली बस चार रोटियां बना दी या थोड़ी बहुत साफ सफाई कर दी भला ये भी कोई काम हुआ। कहना तो नही चाहती मगर तुम्हारी बीबी को नौकर बनाकर रखा है। … Read more

बड़े दिल वाली – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

अल्पना कुछ दिनों से अपने पति विजय की बेरुखी को नोटिस कर रही थी। वह काफी दिनों से उसकी तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा था और ना ही बच्चों की तरफ ध्यान दे रहा था।   सारा समय हीरो की तरह तैयार होकर अपने सैलून  में पड़ा रहता था। एक तरफ अल्पना का ब्यूटी पार्लर … Read more

फिरोजी रंग की बॉर्डर वाली साड़ी – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

    अलमारी खोलकर जैसे ही अतुल्या ने फिरोजी रंग की बॉर्डर वाली साड़ी निकाली….  देखते ही तुरंत अंश ने कहा…    अरे …आज ये वाली साड़ी पहनोगी अतुल्या…..? मां की साड़ी …?    आज उनकी पहली बरसी है ….सारे रिश्तेदार , मेहमान आएंगे ….    हां अंश, आज मां जी की बरसी पर उनकी ही ये साड़ी पहनूंगी ….. … Read more

आदर्श सास – बहू की मिसाल – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

 विदाई की घड़ियाँ नजदीक आ रही थीं । तनु विशाल की ओर मुख करके कभी उसे पढ़ने की कोशिश करती तो कभी अपना सजा – सलोना रुप देखकर मचलती । ऐसा नहीं है कि  तनु को विशाल ने पसन्द किया था । पसन्द तो पहले घरवालों ने ही किया था बस उनकी पसन्द पर विशाल … Read more

आंखो पर चर्बी चढ़ना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

बेटा ,बेटा रोहन आज मेरी दवा ले आना | रामदास जी ,चार दिनों से रोहन  को बोल रहे थे |ठंड के कारण रोहन बाहर नहीं जाना चाह रहा था | रोहन ने बोला पापा में दवा  की दुकान पे फोन करके बोल देता हूं| आपकी दवा   आ जाएगी | बेटा पैसा बहुत अधिक लेता … Read more

बड़ा दिल – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

शीला की दो बेटियां दोनों बेटियां पढ़ने के लिए बाहर गई हुई थी बड़ी बेटी पुणे में रहती थी बीटेक कर रही थी शीला हमेशा अपने बच्चों से कहती थी कि घर का खाना खाया करो एक फ्लैट लेकर रखा था जूही उसके साथ एक सहेली भी रहती थी मम्मी पापा गांव में रहते थे … Read more

बहू बड़ा दिल रखो। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

रश्मि जब से शादी करके ससुराल आई थी, तब से उसने एक बात समझ ली थी कि इस घर में पत्ता भी उसकी ननद आशी की मर्जी से हिलता था, आशी की शादी हुए अभी दो साल हो गये थे, पर एक ही शहर में रहने के कारण वो कभी भी आ धमकती थी, और … Read more

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