Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

तकदीर – डा.शुभ्रा वार्ष्णेय निहारिका को हर किसी ने कहा, “तुम लड़की हो, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्या करोगी? यह तो लड़कों का काम है। तकदीर भी तुम्हारा साथ नहीं देगी।” निहारिका ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। उसने रात-दिन मेहनत कर कोडिंग सीखी और एक नई एआई एप्लिकेशन तैयार की, जो स्वास्थ्य से … Read more

अनकहा दर्द – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

बाबा के घर आते ही मेरा सबसे पहला काम होता किसी पुलिस वाले कि तरह उनकी जेबों की तलाशी लेना। उनकी जेबें किसी हलवाई की दुकान से कम नही थी जब भी हाथ डालता कुछ न कुछ मिल जाता कभी टॉफियां कभी गच्चक कभी बिस्कुट तो कभी कागज में लिपटा हुआ लड्डू। और यकीन मानिए … Read more

जीवन की सांझ – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज सुबह सुबह ही कमला नीरजा भाभी को बता गई कि सरस्वती बहन जी आ गई है और आपको याद कर रही थी ।अरे इतनी जल्दी कैसे आ गई भाभी जी, कोई भारत में थोड़े ही थी कि इतनी जल्दी आ गई । अमेरिका गई थी ।और मुझे तो ये भी लगा कि  शायद लौटकर … Read more

एक दूजे के लिए – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

दिसंबर का महीना अपनी अलसाई आँखें जल्दी खोलना नहीं चाहता था, ऐसे में भला सूरजदेव भी नहीं दिखते थे , और दिखते भी तो किसी बुजुर्ग स्वभाव वाले मानव की तरह ठंडे, जिसे समय ने विनम्रता का चोला पहना दिया हो । खैर , मुझे तो उठना ही पड़ेगा ,सोचते हुए शुक्ला जी उठ बैठे … Read more

ढलती सांझ – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

” चाचाजी, कल जो अंकल यहाँ आये है ं ना, उन्होंने कल से कुछ भी नहीं खाया है | सुबह की चाय भी नहीं पी है और अब नाश्ता भी नहीं कर रहे हैं |” मालती ने रमाशंकर जी से कहा |          ” तुमने पूछा नहीं , क्यों नहीं खा रहे  हैं? ” रमाशंकर जी … Read more

जीवन की इस ढलती सांझ में उन्हें आपसे क्या चाहिए – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

 राजन घड़ी दो घड़ी बस आपका साथ आप उनसे उनका थोड़ा बहुत हाल पूछ लो उनके पास बैठकर प्यार से बात कर लो इसके अलावा उन्हें नहीं चाहिए कुछ, क्यों पेंडुलम की तरह नचा रहे हो दोनों भाई अपने ही पिता को। लेकिन राधिका मैं पिछले 6 महीने से पापा को अपने साथ रख रहा … Read more

नई सुबह – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” ममता…ज़रा मेरी पीठ खुजला दे…।”       ” अभी आई…।” कहकर ममता शकुंतला जी की तरफ़ बढ़ी ही थी कि शीलप्रभा जी ने उसे आवाज़ दे दी,” ममता बहन..मेरी चोटी तो बना दे..।”       ” अभी आई शील दीदी..।” कहते हुए ममता  शकुंतला जी पीठ खुजलाकर शीलप्रभा जी के बिस्तर पर बैठकर उनकी चोटी बनाने लगी।तभी पास … Read more

बट्टा लगना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

कुछ बच्चे माता-पिता की प्रतिष्ठा  धूमिल  कर  उनकी इज्ज़त  पर बट्टा लगा देते हैं, जिससे समाज में उनका सिर शर्म से झुक जाता है। शशि भूषण सिंह ने सपने  में भी  कभी नहीं सोचा था कि अपने बेटे निखिल की करतूतों  के कारण उन्हें समाज में शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। शशि भूषण सिंह के … Read more

“ढलती सांझ और मजबूत होते प्यार के बंधन” – कविता अर्गल : Moral Stories in Hindi

अविनाश और शीला जी गुलाबी गुलाबी ठंड में अपने आंगन में आती कुनकुनी धूप में बैठकर चाय का आनंद ले रहे थे।उनके अब तनाव रहित आराम के दिन गुजर रहे थे। वें दोनों बच्चों की सारी जिम्मेदारियों से मुक्त हो चुके थे,और बहू -बेटे के साथ जीवन की संध्या का ये समय बड़े मजे से … Read more

माँ तुम तो समझो – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ देखो अपने लाड़ले पर जरा लगाम कसो… नहीं तो कल को मेरे हाथों कुछ हो जाएगा तो फिर मुझे दोष मत देना… जाने कितने मन्नतों के बाद हमारे घर ये बेटा पैदा हुआ पर हमारी क़िस्मत पर बट्टा लगाने में लगा है ।” महावीर सिंह ग़ुस्से में बोले जा रहे थे उधर कमरे के … Read more

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