अनकहा दर्द – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi
कहने को तो सबिता शादी के मंडप में बैंठी थी, दुल्हन बन कर, पंडित जी शादी के मन्त्रों का उच्चारण कर रहे थे, लेकिन शादी कीखुशी के बजाय उसका दिल किसी समुद्र में उठती लहरों की तरह बेतहाशा धडक रहा था,जबरनअपने आंसुओं को रोकने की बेकार सी कोशिश कर रही थी।उसके अरमान इस तरह कुचल … Read more