टूटते रिश्ते फिर से जुड़ने लगे – निभा राजीव निर्वी : Moral Stories in Hindi

वंशिका अपने माता-पिता और भाई के साथ गाड़ी से उतरी ही थी तभी सामने दूसरी गाड़ी से अपने परिवार के साथ वैभव उतरता हुआ दिखाई दिया अचानक दोनों की दृष्टि आपस में जा टकराई दोनों के चेहरों पर अनकही पीड़ा की लकीरें उभर आई। वंशिका ने देखा कि वैभव काफी दुबला हो गया है।              वंशिका … Read more

* पति पत्नी का रिश्ता कोई खेल नहीं है* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

आशा ने कहॉ – ‘आ बेटा शुभि’….. फिर दरवाजे की ओर देखते हुए बोली- ‘यह क्या अकेली आई है, जमाई बाबू नहीं आए? आज तो रविवार की छुट्टी है, आ जाते तो अच्छा रहता।’ शुभी ने कुछ तमक कर कहॉ- ‘यह क्या हर पल जमाई बाबू…जमाई बाबू की रट लगाए रहती हो, तुम्हें मेरे आने … Read more

वो अनाम रिश्ता – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 मुझे नये कार्यालय में आये दो महीने ही हुये, ऑफिस के पास ही घर ले लिया….,  ऑफिस जाते हुये अक्सर एक उदास मासूम चेहरा मुझे दिख जाता, जाने उन आँखों में क्या कशिश थी जो निगाहें बरबस बगल के घर की ओर उठ जाती थी..,खिड़की के जंगले को पकड़े वो उदास ऑंखें, होठों पर ख़ामोशी … Read more

स्वाभिमान – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

फोन की घंटी बज रही थी राखी बाथरूम में थी बाहर आकर देखा तो भाई का फोन था। उसने काल बैंक किया हलो भइया हां राखी कैसे हो भइया ठीक हूं राखी ‌‌‌‌‌‌लेकिन ये बताना था कि मां ठीक नहीं है उनको हार्टअटैक आया था अच्छा अब कहां है मां अपने घर में या अपने … Read more

रिश्तों के जुड़ाव के लिए स्पष्ट संवाद जरूरी है… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  शाम को ऑफिस के बाद अमन जैसे ही घर पहुंचा तो रागिनी को किचन में न पाकर, ‘कहाँ हो भई ? मेरा नींबू पानी नहीं बनाया आज ?’ कहते हुए तीव्र गति से ड्राइंग रूम की ओर मुड़ गया। रागिनी को वहाँ भी न पाकर वह तुरंत अपने बैड रूम में पहुंचा। दरअसल गर्मियों में … Read more

माता पिता की जिद – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

माँ माँ आपसे एक बात करनी थी सुनील थोडी जल्दी मे था ऋषी के स्कूल से आया था।”क्या हुआ इतनी हडबडी मे क्यूं हो आँचल से गीले हाथो को पोछती हूइ” माँ बोली।मा अब मुझे रुपा और ऋषी को अपने साथ शहर ले जाना होगा ऋषी का रिजल्ट बहुत अच्छा आया हैं उसे अच्छे स्कुल … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – खुशी : Moral Stories in Hindi

रामचंद्र शहर के बहुत बड़े समाजसेवक थे।उनके परिवार में उनकी पत्नी रजनी 3 बेटे महेश,सुरेश और नरेश थे और बहुएं गायत्री,अनीता और विद्या। सारा परिवार मिलकर रहता था।तीनों भाई पिता का जमाजमाया कारोबार संभालते थे।उनकी बहुत बड़ी साड़ियों की दुकान थी। भाई सुबह दुकान पर जाते और बहुएं घर पर रहती।बाकी सभी कामों के लिए … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वाकिंग के लिए गए हुए राजेश जी घर पहुँचे तो देखा पत्नी सीता कामवाली बाई से बात कर रही थी वह बता रही थी कि कल रात अचानक फर्स्ट फ्लोर में नए आए हुए प्रतीक जी की तबीयत खराब हो गई थी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था । सीता ने कहा अरे … Read more

कल की आई – अन्नु गोन्द : Moral Stories in Hindi

“सुजाता ओ सुजाता जल्दी आओ, देखो मयंक हम सब को छोड़ कर जा रहा है”- दीनानाथ चिल्लाते हुए पत्नी सुजाता को बुलाया रहे थे । दीनानाथ जी की आवाज सुन सुजाता जी कमरे से बाहर आ गई | बाहर आकर उन्होंने जो घर का नजारा देखा तो उनकी आँखों को विश्वास नहीं हुआ । बाहर … Read more

मोह मोह के धागे – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मुख्य सड़क से हटकर कच्चे पक्के मकानों के बीच इतराती बल खाती विलुप्त होकर पुनः सामने आती बेहिसाब गलियां….उसी एक गली में आज बेहद हलचल मची हुई थी लाउडस्पीकर से गीत की स्वरलहरियां हवा में दूर तक फैल रहीं थीं जो एक छोटे पक्के मकान से आ रहीं थीं। छोटी सी ही कथा रखी गई … Read more

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