वरुथिनी एकादशी व्रत कथा

अथ वैशाख कृष्ण एकादशी   धर्मरा‍ज युधिष्ठिर बोले कि हे भगवन्! वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है, उसकी विधि क्या है तथा उसके करने से क्या फल प्राप्त होता है? आप विस्तारपूर्वक मुझसे कहिए, मैं आपको नमस्कार करता हूँ। श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजेश्वर! इस एकादशी का नाम वरुथिनीहै। … Read more

कामदा एकादशी की व्रतकथा

धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन्! मैं आपको कोटि-कोटि नमस्कार करता हूँ। अब आप कृपा करके चैत्र शुक्ल एकादशी का महात्म्य कहिए। श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे धर्मराज! यही प्रश्न एक समय राजा दिलीप ने गुरु वशिष्ठजी से किया था और जो समाधान उन्होंने किया वो सब मैं तुमसे कहता हूँ। प्राचीनकाल में भोगीपुर … Read more

सोमवार व्रत कथा

एक बार भगवान शिव जी पार्वती जी के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक की अमरावती नगर में पहुँचे. उस नगर के राजा ने भगवान शिव का एक विशाल मंदिर बनवा रखा था.शिव और पार्वती उस मंदिर में रहने लगे.एक दिन पार्वती ने भगवान शिव से कहा- ‘हे प्राणनाथ! आज मेरी चौसर खेलने की इच्छा हो … Read more

गणगौर की पौराणिक व्रत कथा

एक बार भगवान शंकर तथा पार्वतीजी नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन एक गाँव में पहुँच गए। उनके आगमन का समाचार सुनकर गाँव की श्रेष्ठ कुलीन स्त्रियाँ उनके स्वागत के लिए स्वादिष्ट भोजन बनाने लगीं।   भोजन बनाते-बनाते उन्हें काफी विलंब हो गया। किंतु साधारण कुल की स्त्रियाँ … Read more

श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा

एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले- हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चैत्र व आश्विन मास के शुक्लपक्ष में नवरात्र का व्रत और उत्सव क्यों किया जाता है? इस व्रत का क्या फल है, इसे किस प्रकार करना उचित है? पहले इस व्रत को किसने किया? सो विस्तार से कहिये। बृहस्पतिजी का ऐसा प्रश्न सुन ब्रह्माजी ने … Read more

मोतीचूर के लड्डू – ऋचा उनियाल बोंठीयाल

पांच रुपए का सिक्का अपने पुराने से स्टील के डब्बे में डाल कर भोलू ने एक गहरी सांस ली। आज की उसकी बोनी हो चुकी थी और आगे अच्छी कमाई की उम्मीद लिए उसने फिर ज़ोर से आवाज़ लगाई   “बूट पॉलिश…., बस पांच रुपए में … बूट पॉलिश करा लो….” महज़ 10 साल का … Read more

वैंपायर की मुहब्बत – नीलिमा सिंघल

आस्था बचपन से ही कल्पनाओं के सागर मे गोते लगाती रहती थी,,,कभी उसको लगता कहीं से ऐसी गाड़ी मिल जाए जो बटन दबाने से बड़ी हो जाए जो तैर सके उड़ सके,,,, कभी सोचती उसको सिंड्रैला की तरह परी मिल जाए जो उसको बहुत प्यार करे और अपनी जादू की छड़ी से सब कुछ अच्छा … Read more

नीनू चली जादू नगरी –  सरला मेहता

#जादुई_दुनिया दीवाली के लिए मम्मा ने गुजिया लड्डू बनाकर ऊँची रेक पर रख दिए।नीनू सोचने लगी मैं गुड़िया बहियन की छोटी गुजिया केही विधि पाऊँ ? लेकिन उसके सारे प्रयास विफ़ल।  नीनू ललचा कर माँगती है,” बस एक गुजिया दो ना मम्मा,सच्ची बस एक ही। “ माँ फटकार लगा देती है, ” बिलकुल नहीं, सब … Read more

स्त्री का चरित्र – पूजा मनोज अग्रवाल

नेहा एक स्वछन्द स्वभाव की हँसमुख सी लडकी थी । बचपन से ही आत्मविश्वास से लबरेज नेहा अपने दम पर कुछ करने की चाह रखती थी,,,एम बी ए  के आखिरी वर्ष मे ही थी,,,कि  माता-पिता ने लड़का देखना शुरु कर दिया । नेहा अभी अगले कुछ वर्षों  तक विवाह करने की इच्छुक ना थी,,,वह आत्मनिर्भर … Read more

“सच्चा प्यार दुर्लभ” – दीपा साहू

आर्या ने आर्यन से कहा- “यार ये प्यार व्यार का रिश्ता नही चाहिए यार तुम मेरे बड़े अच्छे दोस्त हो।” सफर ज़िन्दगी का कट रहा , प्यार की तोहमत न लगा मेरे दोस्ती पर। मैं तुमसे प्यार करता हूँ,आर्या तुम मेरी हो किसी और के बारे मे सोचना मत तुम  तुम सिर्फ मेरी बनोगी।तुम्हे कभी … Read more

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