‘ एक मुलाकात ‘ – विभा गुप्ता

   दोस्तों, जीवन में हम जब भी किसी से मिलते हैं या यूँ कहे कि ईश्वर जब हमारी मुलाकात किसी भी व्यक्ति से कराता है तो उसका एक उद्देश्य होता है।वह व्यक्ति या तो हमें एक संदेश देता है या फिर एक सबक।किसी से हमें दुख मिलता है या कोई हमें एक मुस्कान दे जाता है।ऐसी … Read more

  वो घुंघरूं की छुन…छुन.. – लतिका श्रीवास्तव

 #जादुई_दुनिया … छुनन…. छूनन…. छुन….. छुन की धीमी आवाज क्रमश: तेज होने  लग  गई थी…..और उसके साथ ही मेरे दिल की धड़कनें भी……!अब तो मैं थोड़ा डरी कही सही में तो कोई चुड़ैल नही है !!!!आज तो मेरी खैर नहीं थी …..मैने फिर हिम्मत करके कदम आगे बढ़ाए आवाज और तेज हो गई…प्रतीत हुआ मानो … Read more

वो अनजान मददगार – रश्मि प्रकाश

#जादुई_दुनिया कभी कभी ज़िन्दगी में कुछ ऐसा हो जाता है कि हम सोच समझ पाने की स्थिति में नहीं रहते पर जब वो बात गुजर जाती तब जाकर सोचते हैं ऐसा क्यों हुआ… वो कौन अचानक मदद को आ गया…बस आज की कहानी उसी को इर्द-गिर्द घूमती हुई है ।जादुई दुनिया होती है और नहीं … Read more

गोवा का जादुई जिन्न – पूजा मनोज अग्रवाल

पिछ्ले हफ्ते हम अपने पति के साथ गोवा घूमने आये थे ,, ट्रिप के लास्ट डे का प्लान था पानी मे कैंडोलिम बीच पर मस्तीखोरी करना । मुझे वैसे भी ताल – तैलैया , नदियां – झीलें , झरने  व  समुद्र मतलब जलीय स्थान बहुत पसंद है,,,, इसके बाद शाम सात बजे हमारी गोवा से … Read more

समय का पहिया  – ज्योति सिंघल

मेरी बुआ की शादी करीब 30 साल पहले हुई थी तब मैँ करीब 8 वर्ष की थी। मेरे फूफाजी के तीन छोटे भाई हैं ओर सबसे छोटी एक बहिन है घर मे वो सबसे बड़े हैं। जब से में समझने लगी थी तब से मैंने उन्हें अलग ही रहते देखा था।मेरी मम्मी बताया करती थी … Read more

वजन ! – निरंजन धुलेकर

बेटे ने एम टेक किया और उसकी सर्विस दूर शहर में लग गयी , छै सात साल से वो अपने घर साल में दो तीन बार ही आ पाता था गाडियाँ भी बदलनी पड़तीं । पहले होस्टल और अब रूम पर उसके लौटते समय घर का वारावरण बोझिल हो जाता ।  ये एक दो दिन … Read more

“इन्द्रधनुष के रँग ” – सीमा वर्मा

नमिता आज थोड़ी खुश है। शाम में सैर के लिए निकलते वक्त उसने सुधीरजी के लिए टिफिन में दो कटलेट्स बना कर   बैग में रख लिए हैं। सोचा आज उन्हें अपने हाँथ के बने कट्लेट्स टेस्ट कराऊंगी। उन्हें दूर से ही आते देख कुछ सोच अनायस ही मुस्कुरा दी। सुधीर ने कटलेट्स के टुकड़े … Read more

ग़लती – नीलम सौरभ

अपनी बड़ी-सी गाड़ी में लम्बे सफ़र से ऊब कर वे दोनों पति-पत्नी, बेटी के साथ रोड साइड की उस चाय की टपरी को देख रुक गये थे, चलो, चाय ही पी ली जाये। बेहद शरारती दोनों नाती भी साथ थे, अपनी गेंद लेकर वे भी उतर पड़े थे। छनाकsss! गेंद आकर लगी और तेज आवाज़ … Read more

जन्म जन्म का साथ है तुम्हारा हमारा – सुधा जैन

कबीर दास जी की शादी हुई, लाली नाम की लड़की से ,कबीर दास जी गरीब थे, लाली दुल्हन के रूप में उनके घर आई, लेकिन बहुत उदास, गुस्से में ,कबीर दास जी ने प्यार से पूछा कि तुम इतनी उदास क्यों हो ? उसने बोला तुम से मेरी शादी मेरे पिताजी ने जबरदस्ती कर दी, … Read more

छाती पर जमा दुख – सरिता गर्ग ‘सरि’

    मैं समझती थी प्रेम में स्त्रियाँ ही दुख भोगती है, व्याकुल होती हैं, रोती या तड़पती हैं ,पर सच तब जाना जब उसे देखा।         न जाने क्या था उसमें , मेरी सखी राखी उससे लिपटी रहती थी। वो अचानक दुनिया से चली गई । उससे बिछड़ कर वह पात विहीन ठूँठ -सा दरख्त बन कर … Read more

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