बड़ी बहू – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi
अरे राधाऽऽऽ ओ बहुरानीऽऽऽ बेटा कहां हो इसके बिना तो हम बिल्कुल अपाहिज से होकर रह गये हैं…थोड़ा गर्म पानी दे दो बिटिया, सुबह से गले में जकड़न सी हो रही है सोच रही गरारे कर गला साफ कर लेती । “ हे भगवान ये बैठे बिठाए क्या मुसीबत गले पड़ आई” क्या कल जाना … Read more