बड़ी बहू – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

मीनाक्षी के कानों में अब भी वे ही शब्द गूंज रहे हैं — ‘ अंतर्जातीय विवाह ‘। इससे वह बहुत ही परेशान है। अन्यमनस्क जैसी रहने लगी है।मानो जीवन से वैराग्य ले लिया हो। उसकी दिनचर्या बिलकुल बदली बदली हुई सी। उसकी ऐसी मनोदशाओं को देख देख गोपाल आश्चर्य में पड़ गये थे। उनकी समझ … Read more

माँ मेरी पत्नी की जगह तुम्हारी बेटी होती तो …. – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi

“पाना बाई….. ओ पाना बाई…. घर हो क्या?” “हाँ कमला बहन…. आओ… तुम्हारी ही बाट देख रही थी ..। तुम्हारी तो बहू घर का सारा काम संभाल लेती है । मुझे तो सारा काम करना पड़ता है… । ” कमला बोली “घर का कामकाज मेरे बायें हाथ का खेल है । काम  की कोई बात … Read more

“मां मेरी पत्नी की जगह अगर आपकी बेटी होती तो” – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

सोफे पर लता जी के कानों में रह रहकर बेटे सौरभ के शब्द गूंज रहे थे “मां मेरी पत्नी की जगह अगर आपकी बेटी होती तो”। इन्हीं शब्दों के दरमियां लता जी अतीत में खो गई,किस प्रकार उनकी कड़क मिजाज़ सास उनपर हुक्म चलाती और वो सुबह से शाम चकरघिन्नी सी लगी रहती तथा रात … Read more

नई कार – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

क्या बात है आदि.. पिछले कई दिनों से मानवी नहीं आई अपने घर! मुझे क्या पता.. कहीं बाहर वाहर गई होगी.. अच्छा! पर तुम्हें बिना बताए.. मैंने तुरंत दूसरा सवाल दागा! अब थोड़ा वह झल्ला गया.. मैं क्या उसका सेक्रेटरी हूं.. जो उसके एक एक दिन का हिसाब किताब रखता फिरुं! यह कैसी बेवकूफी भरी … Read more

बड़ी बहू – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

सब लोग जा चुके थे,आज तेरहवीं भी हो गई थी।घर एकदम सूना था, हरिया काका बैठे बड़ी बहू की तस्वीर के सामने बैठे,खो गए यादों में। करीब 13 वर्ष के थे ,वो जब स्कूल में मास्टरजी पढ़ाते पढ़ाते उनकी कक्षा में गिर गए थे।कक्षा के बच्चे और लोगों को बुलाकर लाए,तो पता चला मास्टरजी नहीं … Read more

बड़ी बहु से बड़ी दादी तक का सफर – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

ऐसे ही नहीं बन जाती है कोई घर की बड़ी बहु। वर्षो के त्याग और तपस्या से प्राप्त होता है यह दर्जा। मेरे घर में बड़ी दादी एक रिश्ता नहीं रहकर एक नाम बन गया था। मैंने बचपन से सभी को उन्हें बड़ी दादी ही कहते सुना था। मै तो यह सोच भी नहीं सकता … Read more

बड़ी बहू – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

“तुम बड़ी हो तो क्या छोटों पर रौब गाँठोगी,अपने देवर-ननदों और परिवार  का ध्यान रखा करो ।बड़ी बहू का यही कर्तव्य होता है ।” सास सुचित्रा देवी अक्सर प्रमिला को सीख देती रहतीं । “बड़ों को भी तभी आदर मिलता है जब वे छोटों को स्नेह देते हैं ।” पति भुवनेश भी अक्सर प्रमिला से … Read more

विस्फोट – परमादत्त झा : Moral Stories in Hindi

———– आज रामेश्वर मिश्र ने ऐसा विस्फोट कर दिया कि बेटे बहू हाथ पैर जोड़ने लगे।मगर उनका फैसला अडिग रहा। हुआ यह कि आज सुबह सैर करके जैसे ही रामेश्वर जी आये तो बहू चिल्लाने लगी -लो आ गया बूढ़ा -अभी पोंछा लगाया है – तो-वे सोफे पर बैठते बोले। बाबा-अब आप ऊपर वाले कमरे … Read more

अस्तित्व – संजय मृदुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मुझे किसी से कोई फर्क नही पड़ता। तुम हो या और कोई, समझे।  जी, मैंने सर झुकाए हुए कहा और अपने शरीर को धकेलते हुए कमरे से बाहर ले आई। पलकें नम हो रही थी और ऐसा लग रहा था चीख चीख कर रोऊँ।  क्यों ऐसा होता है कि आप किसी को खुद से ज्यादा … Read more

लव मैरिज वाली बहु – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

सरोज की जब आंखें खुली तो उसने अपने को अस्पताल के बेड पर पाया। धीरे-धीरे उसे सब कुछ याद आने लगा। घर में अचनाक उसकी तबियत खराब हो रही थी..सीने में दर्द सा हो रहा था पर घर में कोई नहीं था।दोनों बेटे ऑफिस गए हुए थे।छोटी बहु अपनी किट्टी पार्टी में गई हुई थी।बड़ी … Read more

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