हमारे खानदान में लेने देने की जगह रिश्तों में प्रेम और अपनापन हो इस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi
आज कलाकृति जी की बहू सच्शमिता, अपने भाई की शादी के बाद मायके से आई है। कलाकृति जी आते ही पोते को गोद में लेते हुए बोली, हाय!! एकांश मेरा लाडला, मेरा तो बिल्कुल मन नहीं लग रहा था तेरे बिना। एकांश भी अपनी तोतली आवाज़ में बोला दादी मुझे भी आपकी बहुत याद आई। … Read more