ननद – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

तुझे खाना ठोकने से फुरसत मील तो बाहर कपड़े पड़े हैं धोने को जब देखो मुहं चलाती रहती है खाने को। न काम की न काज की दुश्मन अनाज की हमारी छाती पे बिठा दी मूंग दलने को। तेरे बाप से तेरे खाने का खर्च पूरा नही हो रहा होगा इसीलिए बिना दहेज के फटाफट … Read more

स्वार्थ – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

आज तो बस हद हो गई, मां से अब बात करनी ही पड़ेगी। भाभी रोज किसी न किसी बहाने से मायके जाती रहती हैं और उनके बदले घर का सारा काम मुझे ही निबटाना पड़ता हैं,”पारुल बर्तन साफ करते करते खुद से बड़बड़ा रही थी।” जैसे ही घड़ी में ग्यारह बजे…दीक्षा, सुनीता जी से इजाजत … Read more

“ भाभी…. आपने मेरी जिंदगी बदल दी” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

है भगवान…. निधि तुमने घर की क्या हालत बना कर दी है मैं अभी 4 घंटे के लिए बाहर गई थी इतनी में तो तुमने पूरे घर की दशा ही बदल दी, न सोफा के कवर सही से हैं ना बिस्तर पर चादर और रसोई का क्या  हाल करके रख दिया ऐसा लग रहा है … Read more

*सदाबहार* – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

” उठो!.. जल्दी उठो!..” चारपाई पर सोई हुई जसोदा को उसके पति हरिहर ने उसे झिंझोड़ते हुए जगाया।   ” क्या हुआ?.. पागल  हो गये हो क्या? .. सुबह-सुबह..”   “ठेला गायब हो गया है, तुमको नींद सूझ रही है..”   “ऐं!.. ठेला नहीं है?.. कल शाम में तो घर के बाहर यहीं पर किनारे रखा हुआ था … Read more

का सन्ग खेलूं होली – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

“इस बार होली पर हम अपने गांव जाएंगे नलिनी।” समर ने ऑफिस से लौटते ही पत्नी से कहा। “गांव… कैसा गांव। समर तुमने तो कहा था कि गांव में अब हमारा कोई नहीं है। ना कोई नाते रिश्ते वाला। ना कोई संपत्ति न जमीन।” “हां मगर गांव तो है ना। और यादें हैं गांव की।” … Read more

खुशहाल गृहस्थी – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

छत पर धूप की तरफ अचार की बरनी रखकर अवन्तिका ने बड़ी और पापड़ बनाने की तैयारी शुरू कर दिया । तभी अनिता जी ने छत पर पहुँचकर देखते हुए कहा..ये क्या बहु ? इतने कम क्यों बना रही है , इतने में क्या होगा? दस दिन बाद होली है । इतने तो हमारे घर … Read more

ननद रानी अभी नासमझ है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

शुचि का स्वर थोड़ा तेज हो रहा था, वो अपनी गलती मानने को तैयार ही नहीं थी, आखिर घर की बेटी होकर कैसे घर की बहू से हार मान लें, बहू तो अभी कुछ महीनों पहले आई थी और वो तो यही जन्मी, पली बढ़ी, और इस घर में सालों से उसका ही वर्चस्व रहा … Read more

आया नहीं, माँ बनूंगी – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

शादी एक खूबसूरत एहसास है। एक हसीन ख़्वाब है। शादी का अरमान और एक प्यार करने वाले पति का सपना, अमीर हो या गरीब, सभी लड़कियों में एक सा होता है। ऐसा ही सपना विनीता ने भी देखा था। शादी भी हुई, परन्तु प्यार करने वाला पति पाने का सपना ऐसे टुटा कि उसने एक … Read more

घमंडी भाभी को ननद ने सिखाया सबक !! – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे कमरे में इस तरह घुसने की और मेरा नेकलेस तुम्हारे हाथ में क्या कर रहा हैं ? प्रिया चिल्लाकर अपनी ननद रागिनी से बोली !! रागिनी बोली भाभी , मैं तो बस आपको मुंह दिखाई की रस्म के लिए बुलाने आई थी , मां ने कहा हैं नीचे सब मेहमान … Read more

ननद-भौजाई – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

रेखा टेबल पर नाश्ते का प्लेट  लगाकर एक ओर खड़ी हो गई। सास-ससुर दोनों ननदें और पति खाने बैठे। ” यह क्या नाश्ते में आलू परांठा , चटनी, दही… मैं इतना भारी नाश्ता नहीं कर सकती… मैं उपमा खाऊंगी ” बड़ी ननद माया तुनककर बोली। ” क्यों तुम्हें तो आलू परांठा बहुत पसंद है “सास-ससुर … Read more

error: Content is protected !!