ननद – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi
“चरण वंदना, दीदी। बड़े भाग्य हैं हमारे जो आप पधारी हैं, हमारा मार्गदर्शन करने। आपकी उपस्थिति तो मुझे सभी चिंताओं से मुक्त कर देती है।” भाव विभोर होकर रमा ने अपनी बड़ी और इकलौती ननद सरला जी के चरणस्पर्श करते हुए कहा। “जब तुमने इतने मनुहार से बुलाया तो कैसे न आती? और फिर मेरी … Read more