ननद – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“चरण वंदना, दीदी। बड़े भाग्य हैं हमारे जो आप पधारी हैं, हमारा मार्गदर्शन करने। आपकी उपस्थिति तो मुझे सभी चिंताओं से मुक्त कर देती है।” भाव विभोर होकर रमा ने अपनी बड़ी और इकलौती ननद सरला जी के चरणस्पर्श करते हुए कहा। “जब तुमने इतने मनुहार से बुलाया तो कैसे न आती? और फिर मेरी … Read more

ननद: दुख ,सुख की सहेली – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

हैलो मां, कैसी हो आप? स्नेहा ने अपनी मां संध्या जी से पूछा। ठीक हूं, मुझे क्या होना है,” संध्या जी रूखे स्वर में बोली। अरे मां, कैसी बातें कर रहे हो। क्यों हो आपको कुछ। चलिए अच्छा बताइए। भाभी कहां है? उनका फोन कैसे बंद है,” स्नेहा ने कहा । यहीं है वो,उसे कहां … Read more

ननद से बन गई भाभी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” बड़ी भाभी.. मैंने कोई जान-बूझ कर तो तोड़ी नहीं..गलती से गिर गयी।और भाभी..मेरे ससुराल वाले मेरी हर इच्छा पूरी कर देते हैं तो भला मुझे आपकी चीज़ों का लालच या ईर्ष्या क्यों होगी।मैं ज़रा नींद में थी तो..।” काजल ने अपनी भाभी को समझाना चाहा।    ” बस-बस..रहने दो अपना नाटक।” छोटी भाभी कामिनी ने … Read more

ननद-मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“बेटा••!अब मैं ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहूंगी•• लेकिन जाते-जाते तुझसे एक वादा लेना चाहती हूं••! रीना जी अपनी बेटी केतकी का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोलीं।  “मां•• प्लीज! ऐसी बात दोबारा अपनी जुबान पर मत लाना आप ठीक हो जाएंगी! कुछ नहीं होगा आपको••!   ये सब तो मन बहलाने वाली बात हैं मुझे … Read more

हर बेटी यही तो चाहती है – संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

” भाभी मैं बुआ बनने वाली हूँ बढ़िया सा नेग लूंगी आपसे !” नीलू अपने मायके आने पर अपनी गर्भवती भाभी आस्था से बोली। ” हां हां क्यो नही नेग तो बनता है तेरा !” आस्था की जगह उसकी सास रेखा बोली । आस्था तो मानो नीलू की बात सुनकर कहीं खो सी गई थी।  … Read more

माँ भाग्यशाली हैं, जो आप-सी बहू मिली – सुनीता परसाई ‘चारु’ : Moral Stories in Hindi

माँ रूपा को देख खुश हो गई। कुल्हे के आपरेशन के बाद वे कल ही घर आयी थीं।      रूपा चालीस किलोमीटर से रोज माँ से मिलने अस्पताल आती थी। वह उनकी जितनी  कर सकती थी सेवा करती। कभी आटो से तो कभी बस से। उसके दो बच्चे थे। बड़ा बेटा पाँचवी में व छोटा बेटा … Read more

प्रेम पुष्प – रश्मि वैभव गर्ग  : Moral Stories in Hindi

आलीशान कोठी, नौकर चाकर, अपार संपत्ति.. बड़ी कंपनी की मालकिन.. सबकुछ तो था सोना के पास। यथा नाम तथा काम..। मिट्टी को हाथ लगाती सोना बन जाता। बस कमी थी तो.. साथी की। एकाकी पन उसे कसक देने लग गया था। अपने माँ बाप की इकलौती संतान होने के बावजूद सोना को विरासत में तो … Read more

नज़ाकत रिश्तों की – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

सुधा की ननद रीना और ननदोई सुरेश अपने छः साल के दो जुड़वा बेटों के साथ राखी के लिए उसके घर आने वाले थे| सुधा और विकास की शादी को छः महीने ही हुए थे, दोनों ने मिलकर अपना छोटा सा फ्लैट बड़े मन से सजाया था| नया फर्नीचर, नये पर्दे, नया कालीन, नई क्राक्ररी, … Read more

जौहरी – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

जब सगाई का सामान लेकर आए श्वेता के होने वाले सास- ससुर को विश्वंभरनाथ जी ने  शगुन का लिफ़ाफ़ा पकड़ाया तो उन्होंने माथे से लगाकर मेज़ पर रखते हुए कहा —- हमारे ख़ानदान में लेने- देने की जगह रिश्तो में प्यार  औरअपनापन  हो , इस बात पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है।आप अपने जीवन की … Read more

तोहफ़े वर्सेस प्यार – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

        राधेश्याम जी के छोटे बेटे की शादी को हुए अभी कुल तीन महीने ही हुए थे कि घर का वातावरण कुछ बोझिल सा रहने लगा। हँसती,खिलखिलाती छोटी बहू दीप्ति के चेहरे पर उदासी साफ दिखाई देती थी।           “क्या बात है मीना? दीप्ति बहू कुछ उदास सी दिखाई देती है। जब शादी होकर आई थी, तब … Read more

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