मेरी पत्नी को तो दिनभर टोकती है मम्मी अपनी बेटी को भी कुछ कहों। – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी मैंने सबका खाना बना कर रख दिया है अब मैं जाऊं भाई को राखी बांधने। अरे कहां जा रही हो बहू अभी तुम्हारी ननद वंशिका आ रही है उसके पसंद का खाना कौन बनाएगा। लेकिन मम्मी जी मैंने तो खाना बना दिया है और आपसे मैंने बताया था न कि भाई कई सालों … Read more

सबक – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

राधा अनंत का प्रेमपत्र हाथ में लिए बैठी रही। क्या करूं? कैसे हो गया ये सब? भावनाओंके उद्रेक में, अनंत के प्रेमजाल में फँसी, छटपटा रही थी वह। खुद ही हैरान थी, उसकी मीठी-मीठी बातों में कैसे उलझ गयी वह। शादी का झांसा देकर वह चला गया। किसे कहे, उसके साथ उसने कैसा खेल खेला … Read more

प्यार – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधा और मोहन दोनों बनारस से ताल्लुक रखते थे पर मोहन के पिताजी का असमय देहांत होने के कारण 3 बहने और घर में एक छोटा भाई सुनील था।मोहन ने बस पढ़ाई पूरी कर ली थी वो एक मैकेनिकल इंजीनियर था।रोजगार के लिए उसे शहर आना पड़ा और इसी कारण से राधा और मोहन शहर … Read more

सोने की मुर्गी! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह जैसे ही मानसी के बाबा बरामदे में रक्खी कुर्सी पर आ कर बैठे, मोहिनी जी ने चाय-नाश्ते की ट्रे कांच के टी-पॉय पर रख दी और खुद सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई। मानसी के पिताजी रतनचंद जी शहर के नामी-गिरामी कॉलेज में प्रोफेसर थे। राज्य सरकार के अधीन महाविद्यालय होने के कारण उनकी … Read more

सुनो, बहू क्या लाई हो – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

शादी को अभी कुछ ही वक़्त हुआ है… मायके से ससुराल वापसी पर…सासू मां और संग सहेलियां पूछने लगती हैं अक्सर …. मायके गई थी क्या लायी… एक तो वैसे ही मायके से आकर मन वहीं के गलियारों में भटकता रहता है… उस पर सभी का बार बार पूछना। हो सकता है ससुराल के हिसाब … Read more

माँ मुझे माफ़ कर दो – रत्ना पांडे : Moral Stories in Hindi

राजीव का घर दुल्हन की तरह सजा हुआ था रंग-बिरंगे फूलों से बने हार, रंगीन बल्बों की सीरीज, बेहद आकर्षक मंडप और कानों को प्रिय लगे ऐसा लाजवाब संगीत चल रहा था। कोई भी राह से गुजरने वाला व्यक्ति दो मिनट रुककर, उस बंगले को देखता ज़रूर था। घर में आने-जाने वालों की भीड़ लगी … Read more

अपनत्व तो अनमोल है – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi

 निमन्त्रण पत्रों के वितरण का कार्य चल रहा था । परमानन्द ने सुमित को कहा ” ध्यान रखना, कुटुबं, परिवार और रिश्तेदारों में से किसी को कार्ड देना भूल मत जाना ।”                   सुमित की माँ सुलक्षणा अलमारी खोलते हुए बोली “हाँ, बाद में कोई यह शिकायत नहीं करें कि हमें याद नहीं किया । “ … Read more

“छोटी ननद” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

सरिता जी की छोटी ननद अपने हाथ में एक सुन्दर सी थैली लेकर धीरे से घर में आई  और उन्हें इशारे से अपने पास बुलाकर बोलीं-” भाभी आप पहले इधर आइये … देखिये इसमें कुछ गहने हैं जो मैं अपने पसंद से बदलकर इला के लिए लाई हूँ। इसको जल्दी सम्भाल कर रख दीजिये।फिर हाथ … Read more

एक प्यारी सी ननदिया – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

मम्मा अब तो कंट्रोल नहीं हो रहा ऐसा लगता है कि जल्दी से उड़कर आपके पास पहुंच जाऊं। सलोनी को देखने की , उससे मिलने की इच्छा तीव्र हो रही है पर क्या करुं बच्चों की परीक्षा, अंकित का प्रोजेक्ट। खैर मम्मा पंद्रह दिनों की बात और है फिर सब खत्म हो जाएगा और हम … Read more

सुजाता – इंदु विवेक : Moral Stories in Hindi

अचानक ऊंघते हुए उसके हाथ से कलम गिर गई,वो हड़बड़ा कर उठी,तब तक नींद उसकी आँखों से दूर जा चुकी थी। वह डूब गई जीवन के तमाम उतार चढ़ावों में।                 सुजाता यही नाम था उसका,,,,,,जब दुल्हन बन कर आई तो कैसे वह सुजाता से राधिका हो गई,अब घर के सभी लोग उसे राधिका कहते।उसके पुराने … Read more

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