भाई जैसा मित्र नहीं और भाई जैसा शत्रु नहीं दोनों ही देखने को मिल जाएंगे – मंजू ओमर
भइया आप हमारे घर क्यों आए हैं ,जरूर पैसे मांगने आए होंगे।आप तो हम लोगों को सुकून से रहने ही नहीं देते।जब देखो तब चले आते हैं मुंह उठाकर।हमें नहीं रखना आप लोगों से कोई मतलब आप समझते क्यों नहीं।अरे नेहा मैं तो बस छोटे से मिलने आया था बहुत दिन हो गए थे उससे … Read more