भाई जैसा मित्र नहीं और भाई जैसा शत्रु नहीं दोनों ही देखने को मिल जाएंगे – मंजू ओमर 

भइया आप हमारे घर क्यों आए हैं ,जरूर पैसे मांगने आए होंगे।आप तो हम लोगों को सुकून से रहने ही नहीं देते।जब देखो तब चले आते हैं मुंह उठाकर।हमें नहीं रखना आप लोगों से कोई मतलब आप समझते क्यों नहीं।अरे नेहा मैं तो बस छोटे से मिलने आया था बहुत दिन हो गए थे उससे … Read more

भाई जैसा मित्र नहीं – विधि जैन 

गुड़िया तीन बहने तीनों बहनों में सबसे छोटी गुड़िया थी दोनों की शादी बहुत अच्छे घर में हुई थी । गुड़िया की शादी मीडियम परिवार में हुई थी परिवार में देवर देवरानी और ननद ननद अपनी पढ़ाई कर रही थी।  गुड़िया हमेशा अपने काम में परफेक्ट रहती थी लेकिन फिर भी उसकी सास उसके प्रति … Read more

बेवकूफ बहन – शुभ्रा बैनर्जी 

मां के असमय गुजर जाने के बाद,सबसे छोटी पायल वास्तव में अनाथ हो गई।बड़ा सा घर था पुश्तैनी।बचपन में बिजली और पानी की समुचित सुविधा नहीं थी।घर की छोटी होने के कारण, हैंडपंप से पानी उसे ही लाना पड़ता था।मिक्सी नहीं था तो, सिलबट्टे पर मसाला पीसना भी उसी के जिम्मे आता था।खाने की शौकीन … Read more

अपने तो अपने होते है – विमला गुगलानी

   कैनेडा में रात के दो बजे का समय, हरवंश को भारत से उसके खास मित्र जीवन का फोन आया। दिन भर के थके मांदे हरवंश का बिल्कुल मन नहीं था फोन पिक करने का लेकिन उसे लगा कि कोई खास ही बात होगी नहीं तो जीवन को भलीभातिं मालूम है ये समय हरवंश को फोन … Read more

दोस्त या दुश्मन – एम. पी. सिंह 

लबान गाँव के संपन्न किसान गोबरी लाल के दो बेटे थे, मोडू लाल और लटूर लाल. कहने को तो वो दोनों सके भाई थे, पर उनका रिस्ता दोस्तों जैसा था, क्योंकि उम्र में ज्यादा अंतर नहीं था. स्कूल में अगर किसी एक को कोई कुछ बोल देता, तो दूसरा उससे लड़ने लगता. दोनों एक दूसरे … Read more

*भाई जैसा मित्र नहीं ना भाई जैसा शत्रु…* – तोषिका

हेलो! प्रणाम मां दिया को लड़का हुआ है। मीरा को भी यह खुशी सुना देना वो भी इंतजार कर रही होगी।तभी मीरा पूछती है फोन पे कौन है दादी? दादी बोली, मीरा बेटा बधाई हो तुम अब एक बड़ी बहन बन गई हू। अब तुम्हारा एक छोटा भाई है जिसके साथ तुम खूब खेल सकती … Read more

भाई जैसा मित्र नहीं भाई जैसा दुश्मन नहीं – बबीता झा

रात 8:00 बज रहे थे। विनोद बरामदे पर टहल रहा था और बार-बार घड़ी की ओर देख रहा था। घड़ी में 8:00 बज गए। संजू अभी तक घर नहीं आया है। उसको तो 5:00 बजे तक घर आ जाना चाहिए था ना। मां, उसका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। सब दोस्तों से भी … Read more

भाई जैसा मित्र नहीं न भाई जैसा शत्रु – परमा दत्त झा

आज सोहन मंडल अपने भाई रमेश मंडल को सुनाकर कह रहा था “मैं गांव का कुछ भी नहीं दूंगा।पूरी जिंदगी यहीं बरवाद कर दी।यह शहर में घूमता रहा था”। दूसरी ओर रमेश मंडल चुपचाप बड़ा भाई होने के नाते तेरहवीं और बाकी कर्मों को निपटा रहा था।वह बाहर के कमरे में पत्नी के साथ टिका … Read more

इज्जत से जीना कोई गुनाह नहीं – रश्मि प्रकाश 

“शर्मा जी, क्या गजब करते हैं आप भी! सुना है बड़ा बेटा विदेश में लाखों छाप रहा है और छोटा यहाँ सरकारी अफ़सर है, फिर भी आप इस तपती दुपहरी में फाइलों का बोझ उठाए घूम रहे हैं? लगता है बेटों की कमाई में बरकत नहीं है, या फिर बुढ़ापे में आपको नोट गिनने का … Read more

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