मैं किस्मत वाली हूं – मंजू ओमर 

तू कितनी किस्मत वाली है वैशाली, परिवार में कोई भी नहीं है न सास ने ससुर देवर जेठानी ननद अपना आराम से तू और विकास मौज मस्ती में रहते हैं । वैशाली की सहेली भूमि ने कहा। हां सास ससुर है भी तो वो अपने घर में रहते हैं यहां तुम्हारे पास नहीं । अच्छा … Read more

बेटियां घर की शान – सुनीता माथुर

प्रगति, जागृति, रचना तीनों ही लड़कियों के कारण ज्योति बहू को घर में सास के बहुत ताने सुनते पड़ते थे। सास हमेशा यही ताने मारती कि——– एक बेटा होता, घर का बारिस होता, कम से कम—– वंश का नाम तो——- बना रहता! लेकिन——— बहू के तो तीन लड़कियां हो गईं यह सब सुनकर ज्योति दुःखी … Read more

किस्मत वाली – गरिमा चौधरी 

“दीदी… मैं बिटिया की शादी के बाद ही लौटूंगी।” मीरा ने चूल्हे पर रखी दाल की आंच धीमी की और रसोई के दरवाज़े पर खड़ी लक्ष्मी की तरफ देखा। लक्ष्मी के शब्द सीधे उसके दिल में उतर गए थे। चेहरे पर थकान थी, मगर आंखों में कुछ ऐसा था—जैसे कोई खुशी और चिंता एक ही … Read more

किस्मत वाली – दीपा माथुर

वो रिक्शे में बैठी बार बार पीछे मूड मूड कर देख रही थी। ये वही है ना? दिमाग उसी में चक्करघिनी सा बन गया। लगा तो वो ही…. कितना हसमुख  चेहरा था । कॉलेज में कितनी ही लड़कियां इसपर मरती थी और मैं भी तो उनमें से एक थी। रिक्शे वाले भैया से पीछे मोड़ने … Read more

फर्क बस यहीं हो जाता है – रोनिता कुंडू

वेदिका, कहां रह गई तुम? इतने कामों में एक काम तुम्हें ढूंढना भी रहता है, वेदिका..! वेदिका..! अनुज चिल्लाते हुए घर के हर एक कमरे में आवाज़ लगा रहा था।  तभी अनुज की मां अर्चना जी पूछती है, मिली क्या वेदिका? हे भगवान, बहू के बिना तो सभी के आंखों के आगे अंधेरा ही छा … Read more

अहसास – बीना शर्मा

,”मौसी जी आपने इतने सारे कपड़े क्यों रख दिए?” इनमें से कुछ कम कर दीजिए…. अब हमको समाज में दिखावा नहीं करना…… बस जरूरी कपड़े दे दीजिए* आकाश ने अपनी बहन की सास वंदना से कहा तो वंदना आकाश की बात सुनकर आश्चर्यचकित हो गई थी।         कुछ महीने पहले जब उसने अपने बेटे विनय का … Read more

किस्मत वाली – अर्चना झा

जब से दिल्ली से मुंबई शिफ्ट हुई हूं दोस्तों ,रिश्तेदारों का फोन हमेशा आता है कि कैसा लग रहा है मुंबई ,वहां का क्लाइमेट कैसा है , दोस्त बने कि नहीं,अच्छा तो लग रहा है ना , इसी सिलसिले में मेरी मौसी की बेटी अल्का का फोन आया बोली कैसी हो बताओ और बताओ कैसा … Read more

हाथों की लकीरें – विमला गुगलानी

 अविनाश के घर दूसरी बार भी लड़की ने जन्म लिया तो एक बार तो सब उदास हो गए, लेकिन बच्ची की दादी आरती खुले विचारों वाली महिला थी। उसने कहा, ये तो हमारे लिए खुशी का मौका है, लक्ष्मी आई है। धन्यवाद करो उपर वाले का जिसने इस सूने आंगन में खुशिंया भर दी। लड़का … Read more

किस्मत वाली – नीलम गुप्ता

कुसुम और लता बचपन की दोस्त थीं। साथ-साथ पली बढ़ीं ,एक ही स्कूल में पढ़ीं।दोनों पढ़ाई में अच्छी थी मगर कुसुम के पिता उसे आगे पढ़ाने में असमर्थ थे ।अतः उसने कॉलेज जाने की अपेक्षा घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया और साथ-साथ प्राइवेट बीए की पढ़ाई करती रही । लता ने … Read more

वो लड़की – रश्मि प्रकाश 

उसे फ़िक्र नहीं थी कि उसकी क़िस्मत की लकीरों में क्या लिखा है… वो बस अपनी ही धुन में ज़िन्दगी जीने की चाह लिए जी रही थी…. उसे पहली बार मैं अनाथ आश्रम में देखी…. वो तक़रीबन पाँच साल की होगी….अपने छोटे बेटे के  जन्मदिन पर मैं उस आश्रम में गई थी… सभी बच्चों के … Read more

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