अफसोस – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

दादी मां आप छोटे को ले आइए तब तक मैं घर के छोटे मोटे काम निपटा लेती हूं… गौरी ने दादी किशोरी देवी को कहा और काम मे लग गई। काम से फ्री होकर सोचा मां से बात कर लूं शायद मां घर लौट आये। मां प्लीज इस बार लौट आइए न हम हम दोनो … Read more

मां की ममता – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

शादी को पाँच साल हो गए थे, पर  मीना को कोई बच्चा नहीं हुआ था। हर तरह का इलाज करवा कर हार मान चुकी थी। अब उसने अपनी तकदीर भगवान पर छोड़ दी थी। इन्हीं दिनों उसके देवर की शादी हो गई। संयोग से देवरानी शादी के तुरंत बाद गर्भवती हो गई और जुड़वां बेटों … Read more

आँचल पसारना – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

सुबह की ठंडी हवा में बारिश की सोंधी गंध घुली हुई थी। सड़कें भीगी थीं, चमकती हुई। रामकिशन अपना पुराना ऑटो-रिक्शा चलाते हुए स्टेशन की ओर बढ़ रहा था। उसकी आँखें थकी हुई थीं, पर चेहरे पर एक जिद्दी संकल्प था। आज अस्पताल में पत्नी माया का आखिरी इलाज था। बिल चुकाना था। जेब में … Read more

कर्मठता – पूनम अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नवीन अब नौ साल का हो गया ।  कुछ कुछ समझने भी लगा कि क्यों मां हर समय दुखी रहती है । क्यों मेरे पापा  मेरे और मां के साथ नहीं रहते । लेकिन अभी वह इतना बड़ा भी नहीं कि कुछ मां को समझा पाये । कभी कुछ कहने की कोशिश भी की तो … Read more

ऑंसू पीकर रह जाना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

कुछ दिनों पहले डॉक्टर निभा के पिता का स्वर्गवास हो गया।क्रिया-क्रम समाप्त हो चुका है। उसने अपने  छोटे भाई   और दोनों बहनों को नम ऑंखों से विदा किया। उनलोगों के जाने के बाद अतीत की डगर पर चलते-चलते ऑंखों के सामने ज़िन्दगी की हर घटना किसी फिल्म की तरह प्रतिबिंबित होने लगी थी। घर … Read more

आंसू पीकर रह जाना – रेखा सक्सेना : Moral Stories in Hindi

सुजाता एक पढ़ी-लिखी, समझदार और संस्कारी लड़की थी। उसके माता-पिता ने एक अच्छे परिवार में उसकी शादी की। पति की कपड़ों की दुकान थी, जीवन सामान्य था और शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा था। एक वर्ष बाद उनकी एक प्यारी-सी बेटी का जन्म हुआ। लेकिन वक्त ने करवट ली। पति की संगत कुछ … Read more

आंसू पी कर रह जाना – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रीना को जब पता चला कि वह फिर से गर्भवती है, उसका मन डर और खुशी से भर गया। पहली बार उसका गर्भपात हो गया था, इसलिए यह ख़बर उसके लिए बहुत मायने रखती थी। उसने पूरे नौ महीने संभलकर बिताए। जब बेटी का जन्म हुआ, रीना की आंखों में खुशी के आंसू थे। पर … Read more

अब और नहीं सहना – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

   सुबह सुबह निशा तेजी से हाथ भी चला रही थी और माला के लिए कुछ भला बुरा बोलने के साथ साथ चितिंत भी थी। माला उसकी मेड थी, जो घर का सारा काम संभालती थी। दो दिन से उसके न आने से घर का सारा काम बिखरा पड़ा था।निशा किसी तरह काम निपटा कर आफिस … Read more

आँसू पीकर रह जाना – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

कभी कभी जीवन में आँसू पीकर रहजाना पड़ता है क्योंकि कुछ बातें हमारी पहुँच से दूर होती हैं और हम वहाँ कुछ नही कर पाते।    एक निर्धन परिवार में जन्मा भोला अपने नाम के अनुरूप ही सहज सरल था।उसकी एक वृद्ध बीमार माँ थी– पिता बचपन में ही चलेगए थे– एक छोटी बहन थी।बेचारा भोला … Read more

“दादी का अडिग फ़ैसला” – ज्योति आहूजा  : Moral Stories in Hindi

कमरे के कोने में धूप धीरे-धीरे उतर रही थी — वहीं, जहाँ रीमा बैठी थी। टेबल पर बिखरी किताबें, कॉपियों के बीच बच्चों के बनाए रंगीन कार्ड — थैंक यू मैम, यू आर द बेस्ट टीचर ।उसकी मेहनत और आत्मनिर्भरता के साक्षी थे। वो विज्ञान की अध्यापिका थी — पढ़ी-लिखी, समझदार और सबसे बड़ी बात, … Read more

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