शपथ समारोह में पूरा सभा भवन अतिथियों से खचा खच भरा हुआ था।
पद्मिनी और आनंद भी उस समारोह में राजकीय अतिथि के रूप में शामिल थे।उनके साथ अब भी सुरक्षा गार्ड मौयुद थे।
समारोह में अतिथियों के सुरक्षा की पूरी चाक चौबंद इंतजाम किया गया था।हर आने जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही थी ।वित्त मंत्री की जेब में कैमरा लगा हुआ था जिसे ओम दूर बैठा हर गतिविधि को देख रहा था।ओ मंत्री को फोन पर भी हिदायत दे रहा था की चूकना नहीं है। मौका मिलते ही तुम्हे दीनबंधु ठाकुर आर गोली चला देनी है वरना हमलोग तुन्हार बेटी को गोली मार देंगे ।
वित्त मंत्री दूसरी पंक्ति में बैठे हुए थे।वो फोन पर हां में मिला रहे थे।उनके माथे पर पसीने की बूंदे साफ देखी जा रही थी।वो काफी डरे और घबड़ाए लग रहे थे।
अभी समारोह शुरू में लगभग पन्द्रह मिनट बाकी था । मुख्य अतिथि प्रधान मंत्री जी और बाकी वीआईपी अभी नही आए थे।
तभी पद्मिनी जो आनंद के साथ तीसरी पंक्ति में बैठी हुई थी आनंद के साथ उठ खड़ी हुई और किसी को फोन लगाया।उधर से जवाब मिलते ही वो बाहर की ओर जाने लगी ।
शिक्षा मंत्री उसे गेट पर ही मिल गए।
पदमिनी ने बताया कि अंदर ओम प्रकाश के दो आदमी अतिथियो की कुर्सियों पर बैठे हुए है ।
पहला आदमी वित्त मंत्री को मारने वाला है जैसे ही वो आप पर गोली चलाएंगे।
अगर उसने आप पर गोली नही चलाई तो दूसरा आदमी आपको मारकर फिर वित्त मंत्री जी को मार डालेगा।
अगर पुलिस दस्ता तैयार है तो मैं और आनंद पुलिस को लेकर जाती हूं जहा मंत्री जी के बेटी को अगवा कर रखा गया है।
हमारे आने के बाद ही आप शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू करवाएंगे वरना बहुत बड़ी घटना घट सकती है।
जैसा कि मैंने आपको बताया था लड़की कहा है।वो बहुत ही कड़े पहरे में रखी गई है।
खतरा तो है लेकिन आप निश्चिंत रहें मैं हर हाल में मंत्री जी की बेटी को छुड़ाकर लाऊंगी।
मंत्री जी ने कहा _ मुझे तुमपर पूरा भरोसा है।तुम सावधानी से जाओ और सबके साथ सुरक्षित वापस आओ तब तक मैं बाकी अतिथियों को देखता हूं ।महामहिम राज्यपाल महोदय और प्रधान मंत्री जी के आने का समय हो रहा है।
पदमिनी ने कहा _ साथ ही अपने कमांडो को उन दोनो अपराधियो की निगरानी में लगा दे।जैसे ही मेरा सिंगनल मिले आप उन दोनो को तुरंत गिरफ्तार करवा देंगे ।
ठीक है तुम चिंता मत करो अब जाओ जल्दी सफल होकर आओ।
इतना कहकर मंत्री जी अंदर चले गए।पदमिनी के बाहर निकलते ही पुलिस की दो गाड़ियां उसका इंतजार कर रही थी ।
इधर समारोह में सभी अतिथि आ गए थे।प्रधान मंत्री जी के आते ही सबने उनका जोरदार स्वागत किया ।कुछ और मंत्रियों को शपथ दिलानी थी लेकिन पहले शपथ मंत्री जी को मुख्य मंत्री के रूप में लेना था।अब शपथ ग्रहण का समय होने चला था।उन्होंने अपनी घड़ी ने देखा पदमिनी को गए हुए दस मिनट हो गए थे ।लेकिन वो अभी तक वित्त मंत्री के बेटी को लेकर नही आई।वो काफी चिंतित नजर आने लगे थे।बार बार अपनी घड़ी देख रहे थे।उनको मालूम था वे जैसे ही शपथ लेने के लिए खड़े होंगे इनपर गोली चला दी जायेगी ।
करीब सोलह मिनट बाद पद्मिनी ने उनको फोन किया की हम सफल रहे है अंकल ।मंत्री जी की बेटी हमारे कब्जे में है और पांच अपराधी जख्मी हालत में गिरफतार कर लिए गए हैं।
ओम फिर भाग गया ।आप तुरंत उन दोनो बदमाशो को गिरफ्तार करवा दे ।
मंत्री जी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।
शपथ समारोह शांति पूर्ण तरीके से ही गया।प्रधान मंत्री जी ने दीनबंधु ठाकुर को मुख्य मंत्री बनने की हार्दिक बधाई दिया और और संभव सहयोग देने का वादा किया राज्य के विकाश हेतु।
मुख्य मंत्री जी ने पदमिनी और आनंद का परिचय प्रधान मंत्री जी से करवाते हुए उनके बारे में जब उनको बताया तो वो आश्चर्य से उन दोनो को देखते रह गए ।उन दोनो ने पैर छूकर उनको प्रणाम किया ।खुश होकर प्रधानमंत्री जी ने कहा _ ये दोनो तो देश के लिए धरोहर है ।इनको तो मेरे पास होना चाहिए ।
मुख्य मंत्री जी ने कहा _ बिलकुल सर आप ले जायेंगे लेकिन अभी मैं नया नया मुख्य मंत्री बना हु मुझे इनकी जरूरत पड़ेगी ।
ठीक है जब जरूरत पड़ेगी मैं इन दोनो को दिल्ली बुला लूंगा ।
वित्त मंत्री अपनी बेटी को पाकर बहुत खुश हुए ।उन्हे जब पता चला की उनकी बेटी को बचाने में पद्मिनी और आनंद का बहुत बड़ा योगदान है तो वे कृतज्ञ होकर दोनो का आभार व्यक्त किया।
ओम अपने अड्डा पर गुस्से से पागल हो रहा था।ये लड़की बार बार मुझे मात दे रही है मेरा लाखो का नुकसान करवा रही है ।मेरे कई आदमियों को मरवा दिया और कितनों को गिरफ्तार करवा दिया ।इसका अब स्थाई इलाज करना होगा ।
उसने अपने लोगो को कुछ निर्देश दिया और कहा जाओ खाली हाथ मत आना।वरना तुम सब अपनी जान से हाथ दो बैठोगे ।
जैसे ही काम हो जाए मुझे खबर कर देना मै जश्न मनाऊंगा तुम सबको इनाम भी दूंगा ।
एक दिन डॉक्टर प्रिया आनंद के घर फल फूल मिठाई ,महंगा मोबाइल और ब्रांडेड पेंट शर्ट लेकर पहुंच गई ।
उसको देखकर आनंद को बड़ा आश्चर्य हुआ।
इतने सारे गिफ्ट देखकर उसने कहा _ इसकी क्या जरूरत थी डॉक्टर साहिबा ।आपने जितनी तत्परता से मेरा इलाज किया है उल्टे मुझे आपको उपहार देना चाहिए ।
कोई बात नही आनंद ।दरअसल मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं ।मैं तुमसे विवाह करना चाहती हूं ।तुम मुझे बहुत पसंद हो आनंद ।प्रिया ने बेझिझक अपने दिल की बात कह दिया।
उसकी बात सुनकर आनंद बिस्मय से उसे देखता रह गया।
डॉक्टर प्रिया देखने में काफी सुंदर जवान और स्मार्ट थी।कोई भी लड़का उसका प्रस्ताव ठुकरा नही सकता था।लेकिन वो तो पद्मिनी से प्यार करता था।
ये आप क्या कह रही डॉक्टर साहिबा मैं आपसे विवाह नही कर सकता।मैं पद्मिनी से प्यार करता हूं और उसी से विवाह करूंगा ।।उसकी बात सुनकर प्रिया ने कहा _ उसमे क्या है जो मुझमें नहीं है।तुम इंकार मत करना ।
अगले सप्ताह मेरे पापा आयेंगे तुम्हारे घर मेरे रिश्ते की बात करने ।तुम तैयार रहना ।इतना कहकर वो चली गई।
पदमिनी अपने घर में अपनी आंखे बंद किए यह सब देख रही थी ।उसे प्रिया पर बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन आनंद की बाते सुनकर वो काफी प्रसन्न हुई ।उसे उस पर और भी प्यार आया।
तभी उसे एक भयावह दृश्य दिखा ।प्रधान मंत्री जी एक सभा को संबोधित कर रहे हैं तभी उनके मंच पर एक बड़ा विस्फोट होता है।उसने तुरंत मुख्य मंत्री जी को फोन कर इस दृश्य के बारे में बताया और कहा तुरंत प्रधान मंत्री को सूचित कर अगली सभा की जानकारी ले और उन्हे सावधानी बरतने के लिए बोले।
शेष अगले भाग _ 36 में
लेखक _ श्याम कुंवर भारती
बोकारो, झारखंड