बेटी ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सीख लिया। – ममता गुप्ता

वह (सोनाली) अपने ऑफिस से निकलने वाली ही थी की बारिश शुरू हो गई बारिश रुकने तक उसने ऑफिस में रुकना ही ठीक समझा अपनी माँ(मीना) को फोन करके कह दिया कि-“माँ आप मेरी चिंता न करना बारिश की वजह से आज घर देरी से आना होगा माँ ने कहा ठीक है अपना ख़्याल रखना। सोनाली ने फोन काट दिया लेकिन उसे अंदर ही अंदर डर लग रहा था क्योंकि ऑफिस का सारा स्टाफ़ जा चुका था आज सोनाली के पास काम ज्यादा था इसलिए उसे देर हो गई। ऑफिस में बस सोनाली और उसका बोस-रोहित ही बचे थे रोहित सोनाली को हमेशा घूरता रहता था या फिर यूँ कहे कि उस पर गन्दी नजर रखता था।

सोनाली एक सुंदर और सुशील लड़की थी जब सोनाली  21 साल की थी तब उसके पिता के देहांत होगा था। छोटे दो भाई बहनों की व घर की ज़िम्मेदारी उसकी के कन्धों पर थी जैसे तैसे सोनाली ने अपनी पढ़ाई पूरी की और एक ऑफिस में नोकरी करने लगी नोकरी के दौरान उसका बॉस उसकी खूबसूरती देखकर उस पर फिदा था लेकिन सोनाली को उसमे कोई रुचि नहीं थी वह बस अपने काम से काम रखती बॉस उसे किसी न किसी बहाने से छूने का प्रयास करता लेकिन सोनाली इन बातों को देखकर इग्नोर कर देती।

एकदिन उसने यह बाते अपनी माँ से भी कही की-“माँ वो ऑफिस में बॉस है ना रोहित। वो किसी न किसी काम के बहाने से मुझे यहाँ वहां छूता रहता है बड़े गन्दे गन्दे इशारा करता है। यह सब देखकर मुझे बहुत गुस्सा आता है लेकिन क्या करूँ मैं तो वहाँ एक छोटी सी पोस्ट पर हूँ ग़र किसी से इस बारे में कहूँगी तो सब मुझे ही दोषी ठहरा देंगे क्योंकि चाहे मर्द कितना ही गलत हो उसे कोई गलत नहीं समझता। और औरत चाहें कितनी भी सही हो उसे ही सब गलत समझने लगते है अब आप बताओ मै क्या करूँ।

सोनाली की माँ ने कहा-ग़र तुम्हारे साथ ऑफिस में कुछ गलत होता है तो आवाज तो तुम्हे ही उठानी होंगी। इसकी परवाह मत कर की तेरे आवाज उठाने से तेरी नोकरी चली जायेगी तो घर का खर्च कैसे चलेगा बल्कि यह सोच की जो शराफ़त का नकाब ओढ़े बैठा है  उसकी असलियत सभी के सामने आ जाएगी ताकि और लड़कियां भी ऐसे ऑफिस और बॉसों के खिलाफ आवाज उठा पायेगी उन्हें हिम्मत मिलेगी।अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सीख… ताकि ऐसे लोगो को पता चले कि हम  स्त्रियां कमजोर नही होती।

माँ की बात सुनकर सोनाली को हिम्मत मिली।

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आज बारिश तेज़ थी रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। सोनाली पहले से ही डरी हुई थी लेकिन अपनी माँ की बातों को याद करके उसमें हिम्मत आ गई। और अपने केबिन में बैठकर बारिश रुकने का इंतज़ार करने लगी तभी उसके बॉस रोहित की उस पर नजर पड़ीं उसके शैतान मन में न जाने क्या क्या विचार आने लगे शायद मौके का फायदा उठाना चाहता था उसने किसी काम के बहाने से सोनाली को अपने केबिन में बुलाया” और बोला। चलो अच्छा हुआ कुछ वक्त तो हम दोनो को साथ बिताने को मिला मै भी अकेला

और तुम भी अकेली चलो दोनों मिलकर एक हो जाते है। कितने दिनों से इस मौके की तलाश में था कि”तुम्हे अपनी बाहों में भरूं। बस आज मेरी बात मान लो तुम्हें कल प्रोमोशन मिल जाएगा सोनाली अपने बॉस अपने आप को बचाती रही और बहुत डर रही थी आज बॉस के इरादे उसे ठीक नहीं लग रहे थे लेकिन उसने माँ की बातों को याद करके हिम्मत से काम लिया-और ठान लिया कि इस बॉस की हकीकत सभी के सामने लानी है उसने अपने मोबाईल में रिकॉडिंग शुरू रखी और बॉस की अश्लीलता भरी बातें मोबाइल में रिकॉर्ड कर

ली और वहा से भागने में सफल हुई अब भी बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी जैसे तैसे सोनाली अपने घर पहुँची उसे घबराते और रोते देखकर माँ मीना ने कहा- क्या हुआ? क्यों इतनी घबराई है?माँ वो बॉस! ! बॉस क्या? सोनाली कुछ बोल नहीं पा रही थी तभी उसने वो रिकॉर्डिंग अपनी माँ को सुनाई रिकॉर्डिंग सुनकर माँ मीना को रहा नहीं गया उस दरिंदे की यह मजाल। जो मेरी बेटी की इज्ज़त पर हाथ डाले.मेरी ही बेटी क्या देश की बेटियों की इज्ज़त न करने वाले लोगो को सजा जरूर मिलनी चाहिये।

माँ ने सोनाली को समझाया और कहा-तेरे पास सबूत है तू कल ऑफिस जा और पूरे स्टॉफ को यह रिकॉर्डिंग सुना। ताकि ऐसे लोगो का सच सामने आ सकें। सोनाली अगली सुबह माँ के कहे अनुसार ऑफिस गई और अपने बॉस के आने का इंतजार करने लगी तब तक ऑफिस का पूरा स्टॉफ भी आ चुका था। बॉस(रोहित) भी कुछ समय बाद ऑफिस में आया-सोनाली -“गुड़ मॉर्निंग” सररोहित-“गुड़ मॉर्निंग” सोनाली (गंदा इशारा करते हुए कहा) सोनाली -“सर कल जो काम अधूरा  रह गया वो काम हम आज पूरा कर ले”रोहित-अरे हा!!

क्यो नहीं ऑफिस की छुट्टी होने के बाद पूरा करते है या फिर देखता हूँ समय निकलता हूँ। (अन्दर ही अंदर लड्डु फुट रहे थे) सोनाली-ऑफिस की छुट्टी में तो बहुत समय है अधूरा काम पूरा जल्द से जल्द होना चाहिए यह आप ही कहते है ना सर जी। तो ये लो आज मै अभी अपना काम पूरा कर देती हूं। सोनाली ने पूरे आत्मविश्वास के साथ वह रिकॉर्डिंग पूरे स्टॉफ के सामने सुनाई। यह सुनकर रोहित आश्चर्य चकित था-और डर भी गया कि उसकी असलियत सभी के सामने आ गई है सोनाली ने बॉस के गाल पर जड़ते हुए कहा-हम लड़कियां यहाँ काम करते है तो यह मत समझना कि हम कमजोर है  यहाँ काम करते है तो तुम्हारे इशारों पर चलेंगे या हम आवाज़ नहीं उठा सकते।

हम सब कुछ कर सकते है! सोनाली ने फोन करके पुलिस को बुलाया और बॉस को छेड़खानी के जुल्म में अन्दर किया गया। स्टॉफ ने तालियां से सोनाली की हिम्मत का स्वागत किया। मीना को गर्व था कि उसकी बेटी ने जुल्म के लिए आवाज़ उठाना सीख लिया है। 

#अन्याय 

ममता गुप्ता

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