बेटा ऐसे तोहफ़े मँगवाना अच्छा नहीं है – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

दरवाज़े की घंटी बजते राशि ने जैसे ही दरवाजा खोला…“ मैम मिस राशि के नाम का कुरिअर है।” डिलीवरी बॉय ने राशि से ही कहा

” हाँ दीजिए ।” मुस्कुराते हुए राशि ने कहा और पैकेट लेकर दरवाज़ा बंद कर दिया

“ ये फिर तूने क्या मँगवाया है बेटा?” सुमिता जी ने राशि से पूछा

“ अरे ये मैंने नहीं मँगवाया है… ये आपके होने वाले दामाद ने गिफ़्ट भेजा है।” राशि कहकर गिफ़्ट खोलने लगी

उसमें से एक खूबसूरत सी साड़ी निकली…

“ अरे वाह ये तो बहुत सुन्दर है… मान गए ननदोई जी की पसंद ।” पीछे से राशि की भाभी निशिता आकर बोली

“ भाभी ये आपको अच्छी लगी …. चलो फिर मुझे भी आपकी पसंद का सही-सही अंदाज़ा होने लगा है ।” राशि भाभी के गले लग कर बोली

“ अच्छा ये मस्का किसलिए लगाया जा रहा है..?” निशिता ननद को छेड़ते हुए बोली

“ कुछ नहीं भाभी…।” कहते हुए राशि वो पैकेट जाकर कमरे में रख कर आ गई

“ बेटा ये जब तब निकुंज जी तुम्हें कुछ ना कुछ भेजते रहते हैं ये अच्छी बात नहीं है…अरे अभी शादी नहीं हुई है और ऐसे तोहफ़े भेजते रहना सही नहीं है….तुम अब साफ़ साफ़ मना कर देना।” सुमिता जी बेटी को समझाते हुए बोली

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“ मम्मी जी आजकल लोग ऐसे ही ऑनलाइन शॉपिंग के दीवाने हुए बैठे हैं…. मनपसंद चीज जब कम दाम में मिल जाती है तो लोग लेते ही है और आपको तो पता ही है हमारी ननद रानी शौक़ीन कितनी है…. जरा सा कह देती होगी ये अच्छी लग रही बस ननदोई जी भेज देते होंगे … क्यों राशि सही कह रही हूँ ना? ” निशिता राशि को मोबाइल पर चैटिंग करते हुए…. मुस्कुराते देख कर बोली

“ हंऽहँऽ आपने मुझसे कुछ बोला क्या भाभी?” राशि झेंपते हुए बोली और मोबाइल मेज के किनारे पर रख दी

“ कुछ नहीं राशि अभी से आपका ये हाल है आगे क्या होगा…?” निशिता छेड़ते हुए बोली

“ तुम दोनों बात को घुमाओ मत…. देख राशि निकुंज जी से मना करना यूँ तुम्हें तोहफ़ा भेजना… कुछ वार त्योहार हो तो समझ आता है … ऐसे ही बिना मतलब का अभी से उनसे तुम्हें कुछ लेने की ज़रूरत नहीं है समझी।” सुमिता जी को ये सब चोचले जरा भी पसंद नहीं आ रहे थे ये देख राशि ने कह दिया ठीक है मना कर दूँगी ।

दो दिन बाद निशिता का जन्मदिन था….

राशि ने माँ से कहा,“ माँ इस बार भाभी का जन्मदिन मना ले…. मेरा मन है… क्योंकि अगले जन्मदिन पर तो मैं यहाँ होऊँगी नहीं….मैंने भैया से बात कर ली है… वो भी तैयार है।”

“ ठीक है बेटा पर तुम्हें पता ही है हम ऐसे बड़ों के जन्मदिन पर बस घर के ही लोग होते हैं ।” सुमिता जी ने कहा

“ अरे हाँ माँ बस हम रात के बारह बजे भाभी को सरप्राइज़ देंगे… तुम सो मत जाना कल ।”राशि ने कहा

रात के बारह बजे रितेश भी जाग ही रहा था… निशिता आदतन सो चुकी थी क्योंकि ऐसा वो सपने में भी नहीं सोच सकती थी कि रात के बारह बजे उसका जन्मदिन भी मनाया जाएगा

राशि ने केक आर्डर किया था वो और एक पैकेट लेकर निशिता के कमरे में आ गई…

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रितेश निशिता को उठाया और सबने जन्मदिन की बधाई दी….निशिता ये सब देख कर आश्चर्य कर रही थी…. राशि ने जल्दी से कैंडल जलाया और केक काटने को कहा… आख़िर में उसे एक तोहफ़ा देते हुए कहा ये हम दोनों मतलब निकुंज और मेरी तरफ़ से…. इतने में राशि के फोन पर निकुंज का कॉल आ गया…. उसने भी निशिता को बधाई दी और कहा,“ तोहफ़ा कैसा लगा बताइएगा भाभी…।”कुछ और बातें कर फ़ोन काट दिया

निशिता ने जैसे ही पैकेट खोला आश्चर्य से राशि को देखने लगी …. ये तो वही साड़ी है जो आपके लिए निकुंज जी ने भेजा था…

“ नहीं मेरी प्यारी भाभी ये हम दोनों की तरफ़ से आपके लिए है…. वैसे सच बताऊँ….ये सब आइडिया उसी का था…. दरअसल उसके घर में वो लोग सबके लिए ऐसे ही तोहफ़े भेजते…. और रात को ही सेलिब्रेट करते हैं… कुछ दिन पहले उसकी भाभी का जन्मदिन था तब वो मुझसे साड़ियाँ पसंद करवा रहे थे

मैंने पूछा किसके लिए तो बोले भाभी को भेजना है अब तुम भी इस घर का हिस्सा हो तो मदद करो… तभी मेरे मुँह से निकल गया कुछ दिनों बाद तो मेरी भाभी का भी जन्मदिन आने वाला बस क्या था…. निकुंज ने हम दोनों की तरफ़ से आपके लिए भी तोहफ़ा भिजवा दिया वो तो कुरिअर वाला ऐसे वक़्त पर आ गया कि आप भी सामने आ गई नहीं तो ये सरप्राइज़ रहने वाला था ।” राशि कहते हुए साड़ी निशिता के उपर डाल दी

“ ओहहो तभी मैं समझूँ हमारी ननद रानी इतनी सयानी कैसे होती जा रही है…. देखा मम्मी जी ये सब निकुंज जी की संगत का असर है…. आप बेवजह इन्हें तोहफ़े को लेकर सुना दी ये तो मेरे लिए था।” कहते हुए निशिता हंस दी

“ पर राशि ऐसे निकुंज जी से तोहफ़े लेना…?” रितेश कुछ सोचते हुए बोला

“ भैया तुम चिन्ता मत करो… अभी जब तक शादी नहीं होती मैं खुद उनसे ऐसे कुछ भी नहीं लूँगी।”राशि भाई की चिंता समझ बोली

सुमिता जी अपने होने वाले दामाद की सोच पर मन ही मन खुश हो रही थी…. अभी से जो परिवार को परिवार समझ रहा मेरी बेटी को सच्चे दिल से प्यार करेगा…. भगवान मेरे बेटी दामाद को किसी की नजर ना लगें।

दोस्तों आपको क्या लगता है शादी से पहले लड़की को इस तरह से तोहफ़े लेने चाहिए और नहीं….

रश्मि प्रकाश

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