बहुरानी – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

द्दुल्हन बनी बैठी थी सुनीता | बहुत ही सुंदर लग रही थी | सारे रिश्तेदार सुनीता को देखने आते | सब बोलते कमला जी आपकी बहु तो बहुत ही सुंदर है | कमला जी बोलती मेरी बहुरानी को नजर नही लगाओ , और मन ही मन बहुत खुश होती |सारा दिन बहुरानी बहुरानी करती रहती | सुनीता बहुत खुश थी |

खुशी खुशी घर के सारे काम करती कमला जी की हर बात मानती ,उनकी सेवा भी करती | कम पढ़ी लिखी थी सुनीता | आज कल के लड़कियों के जैसे नही थी | उसको व्हाट्सएप फेसबुक का कोई ज्ञान नही था | लेकिन घर के सभी काम उसको बहुत अच्छे से आता था |

शादी को २साल हो गए थे | सुनीता गर्भवती नही हुई थी | इस कारण अब कमला  जी थोड़ा सुनीता से उखड़ी उखड़ी रहती थी | बात बात पे ताने मरती थी , बहुरानी २ साल हो गए है , पोते का मुंह देखे बिना ही ऊपर भेजना चाहती हो क्या? सुनीता बस आखों में आसू लिए उनके  बातो का कोई जवाब नही देती  थी | धीरे धीरे कमला जी ने उसकी जिंदगी नरक बना दी | काम करा करा के| अब तो उसका आराम करना भी कमला जी को पसंद नही था | 

कमला जी की बेटी आई | कमला जी अपनी बेटी को देख , मानो और चौड़ी हो गई | बोली तुम ही कुछ समझाओ बहुरानी को , मेरी तो सुनती ही नही है | मां आप ऐसे क्यों बोल रही है भाभी को ? क्या हुआ? कुछ भाभी ने गलती कर दिया क्या? आप तो दिन भर बहुरानी बहुरानी कहते नही थकती थी ,आज ऐसा क्या हो गया?….तुमको बुआ नही बनाएगी तेरी भाभी समझी? 

बस करो मां भगवान के लिए चुप हो जाओ | और बहुत जोर जोर से रोने लगी | कमला जी डर गई बोली क्या हुआ ? क्या हुआ बेटा कुछ बोलो भी ? बोली मां मैं अपने ससुराल से भाग के आई हु , क्यों की मेरे पूरे ससुराल वाले हमको मारने का प्लान बना रहे थे | कमला जी सुन्न सी रह गई , बोली ऐसे क्यों कर रहे है वो लोग? क्या हुआ?

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बताओ भी कुछ बेटा? तुम अपनी बहु को सताने में इतनी व्यस्त हो गई की ,तुमको ये भी ध्यान नही  रहा की,तुम्हारी बेटी को भी बच्चे नही है ,, मैं तो भाभी से उम्र में भी बडी हूं | कुछ बोलो मां बोलती क्यों नही? मैं तो भाग के अपनी मां के पास आई गई | भाभी के तो मां बाप भी नही है  | वो किसके पास जाएगी ? बताओ? दिन रात बहुरानी बहुरानी करती हो ? और व्यवहार उनके साथ नौकरानी से भी ज्यादा बुरा कर रही हो आप | भगवान से डरो 

मां | भगवान से डरो | 

बहु को” रानी जितना नही ” कम से कम बहु जितना सम्मान तो दो  | कभी प्यार से भाभी से पूछा उसको क्या हुआ है? कभी डॉक्टर के पास ले गई उसको?कभी अपने बेटे से पूछा है कुछ? सीधी साधी भाभी है इस लिए इतना कुछ सह रही है ,दूसरी कोई होती तो पता नही क्या होता आपका ????

 

कमला जी को अपनी बेटी के  एक एक शब्द सही लग रहे थे | और अब अपनी बेटी और बहु दोनो का दुख साफ नजर आ रहा था | उन्होंने हाथ जोड़ा और भगवान से मन ही मन अपने गलती की  माफी मांगी | उनको लगा शायद उनके किए का फल उनको मिल गया हो | 

रंजीता पाण्डेय

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