बहु ने ससुर जी पर चोरी का इल्जाम लगाकर उन्हें घर से निकाल दिया !- स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज दिवाली के मौके पर जब सभी वृद्ध दोस्त एक – दूसरे को दिवाली विश कर रहे थे , तो अचानक किशोर जी फुट – फुटकर रो पड़े। क्योकि उन्हे अपने घर की याद आ गई थी , आती भी क्यों ना… अभी वृद्धाश्रम आए एक महिना ही तो हुआ था किशोर जी को !!

                        सारे वृद्ध लोगों ने आज पहली बार किशोर जी के मुंह से रोने की आवाज सुनी थी, क्योंकि किशोर जी जब से यहां आए थे बस खोए – खोए से रहते… किसी से बात तक नहीं करते थे !! उन्हें रोता देख सभी उनके पास आकर उन्हें सांत्वना देने लगे !! प्रशांत जी, जो किशोर जी की उम्र के ही होंगे वे बोले भाई किशोर, तुम वृद्धाश्रम कैसे पहुंचे ?? 

आज किशोर जी ने भी अपने दिल में छुपे सारे राज सभी के सामने रख दिए। वे बोले मेरी पत्नी विमला का एक वर्ष पूर्व निधन हो गया… उसके बाद मैं भी नौकरी से रिटार्यड हो गया और पुरे दिन घर पर रहने लगा !!

एक दिन मेरी बहू ने मुझे तीन सौं रुपए दिए और बोली दूध और सब्जी ले आओ…. मेरा पोता मोनू भी मेरे साथ चलने की जिद करने लगा.. तो मैंने उसे भी अपने साथ ले लिया !!

रास्ते में मोनू के जिद करने पर मैंने उसे आरस्क्रिम खिला दी , आइस्क्रिम खाने के बाद मोनू बोला दादा जी मम्मा को मत बताना वर्ना वे मुझे मारेंगी , एक बार भी मेरे आईस्क्रिम खाने पर मम्मा ने मुझे बहुत मारा था इसलिए आपको मेरी कसम मम्मा को मत बताना !!

मैं भी पोते से हंसते हुए बोला नहीं बताऊंगा बेटा , तेरा दादा तुझे क्या एक आईस्क्रिम नहीं दिलवा सकता !!

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दूध और सब्जियां लेकर हम घर पहुंचे और बचे हुए पैसे मैंने वापस बहु सुधा को दे दिए… थोड़ी देर बाद सुधा चिल्लाकर बोली पापाजी इसमें से तीस रुपए कहां गए ?? मोनू की वजह से मैं चुप रहा फिर सुधा बोली पापाजी आपको शर्म नहीं आती इस उम्र में चोरी करते हुए ??  उसने तुरंत मेरे बेटे पकंज को फोन किया और बोली अब तो तुम्हारे पापा चोरी भी करने लगे हैं। पकंज , मैं तो तुम्हें पहले भी कहती थी कि कभी किचन में लडडू के डिब्बे में से लडडू गायब हो जाते हैं तो कभी पैसे !! मुझे इन पर पहले से ही शक था जो आज यकीन में साबित हो चुका हैं !!

बस तुम अभी की अभी घर आओ और इन्हें वृद्धाश्रम रख आओ… वर्ना इनकी संगत में मेरा बेटा मोनू भी इनके जैसा हो जाएगा !!

यह सब सुनते ही मोनू डर गया और वह बोला मम्मा , दादाजी ने कुछ नहीं किया हैं। मैंने ही इनसे आईस्क्रिम खिलाने को कहा था और आपको नहीं बताने को कहा था… और किचन में से लडडू भी मैं ही खाया करता था , दादाजी को मेरे किए की सजा मत देना मम्मा !!

सुधा चिल्लाकर बोली तु चुप कर, आया बडा दादाजी का चमचा… तु चुपचाप अंदर के कमरे में जा और वापस बाहर मत आना !! सच्चाई जानने के बाद भी सुधा पर कोई फर्क ना पड़ा और पकंज के घर आते ही उसने हंगामा मचा दिया कि मुझे कल ही वृद्धाश्रम छोड़ा जाए…  वर्ना मैं उसके बेटे मोनू को बिगाड़ दूंगा !!

पकंज ने भी बिना सच जाने मुझे अपने कपड़े पैक करने कह दिया और बस फिर दूसरे दिन ही मुझे यहां छोड़ दिया गया !!  जब से विमला मुझे छोड़कर चली गई थी , बहु सुधा को मेरे काम करने में बहुत जोर आता था, यह बात मैं जानता था मगर यह नहीं जानता था कि वह मुझे घर से निकालने के लिए मुझ पर चोरी जैसा घिनौना इल्जाम लगा देगी !! आज मुझे मेरे पोते मोनू की बहुत याद आ रही हैं। हम दोनों ऐसे ही हर दिवाली साथ में मनाते थे , मोनू और मैं मिलकर फुलझड़ी और फटाके जलाते थे !!

उनकी यह दुःखभरी कहानी सुनकर सारे वृदध लोग रो पड़े !!

दोस्तों , आज बहुत घरों में वृदध लोगो के साथ यहीं हो रहा हैं, घर में पोते – पोती को बिगाड़ने का इल्जाम बेटे – बहू बूढे लोगों पर लगा देते हैं। जबकि सच तो यह हैं कि वे बेचारे तो अपने पोते – पोतियों से बहुत प्यार करते हैं क्योंकि अक्सर सूत से प्यारा व्याज होता हैं , यह उनका पोते – पोतियों के प्रति प्यार होता हैं !!

स्वाती जैन

#इल्जाम

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