हर बहू एक जैसी नहीं होती – मुकेश पटेल

सास बड़ी बहू की ज्यादतियों की सजा छोटी बहु को दे रही थी.. फिर हुआ कुछ ऐसा रसोई घर के बर्तनों की खड़खड़ाहट के बीच भी सावित्री देवी की तीखी नज़रों से कुछ नहीं छुपता था। जैसे ही उनकी छोटी बहू, वंदना, ने फ्रिज खोला, सावित्री देवी हॉल से ही चिल्लाईं, “वंदना! दूध का पैकेट … Read more

जब पिता ने बेटों से मांग लिया.. मकान में रहने का किराया : मुकेश पटेल

“माँ, आज फिर परांठे में घी ज्यादा है। आपको पता है न मैं डाइट पर हूँ? और यह वाई-फाई (Wi-Fi) फिर से अटक रहा है। पापा से कहिए न कि प्लान अपग्रेड करवाएं। मेरा वर्क फ्राम होम डिस्टर्ब होता है,” बड़े बेटे, नमन ने चिढ़ते हुए कहा। वह एक एमएनसी में सीनियर मैनेजर था, उम्र … Read more

दर्द रिश्तो का – मुकेश पटेल 

रामनाथ जी दिल्ली के एक सरकारी बैंक में मैनेजर थे  उनकी शादी के 20 साल गुजर चुके थे  लेकिन अभी तक उन्होंने संतान सुख की प्राप्ति नहीं की थी  उनकी पत्नी सुनंदा इस बात को लेकर हमेशा चिंतित रहती थी कि भगवान उनकी कोख में भी एक बेटा या बेटी दे दे इसके लिए सुनंदा … Read more

मां की घर वापसी – मुकेश पटेल

सुषमा जी का सपना था पति के  रिटायर होने के बाद पूरे भारत के तीर्थ यात्रा करेंगी।  एक बेटा और बेटी थी जिसकी शादी पहले ही कर दी थी।  बेटा हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था।  बेटी की शादी चार्टर्ड अकाउंटेंट से किया था जो दिल्ली में रहती थी। जीवन हंसी खुशी बित रही थी।   … Read more

हम थे जिनके सहारे वो हुए ना हमारे – मुकेश पटेल

संतोष जी बैंक में मैनेजर थे। उनको  दो बेटा और एक बेटी थी  बड़ा बेटा और बेटी की शादी हो गई थी,बड़ा बेटा अपनी पत्नी के साथ अलग फ्लैट लेकर रहता था।  एक दिन उनकी पत्नी राधा जी  का बाथरूम में पैर फिसला और कमर में काफी चोट आ गई डॉक्टर को दिखाया गया तो … Read more

काश हमने सारे पैसे अपने बेटे बहू को नहीं दिए होते – मुकेश पटेल

साहिल  अपने पापा से गुस्से में कह रहा था, “पापा आप ऐसा कैसे कर सकते हैं कोई बाप  क्या अपने बेटे के ऊपर केस करता है. एक बाप अपने बेटे के लिए जो करता है वह उसका फर्ज होता है मैं भी तो अपने बेटे को पढ़ा रहा हूं उसका खर्चा चला रहा हूं इसका … Read more

बहू नहीं लक्ष्मी आई है

अंकिता अपने मां-बाप की इकलौती बेटी थी बड़ी नाजो से उसके मां बाप ने पाला था। अंकिता के पापा का सपना था कि अंकिता बड़ी होकर डॉक्टर बने। लेकिन अंकिता देखने में बहुत खूबसूरत थी तो उसकी मां चाहती थी कि मेरी बेटी बड़ी होकर एक्ट्रेस बने लेकिन किस्मत को जो मंजूर होता है वही … Read more

अतिथि तुम कब जाओगे – मुकेश पटेल

चांदनी अपने भाई बहनों में सबसे छोटी थी,  मां बचपन में ही गुजर गई थी, चांदनी को  ठीक से याद भी नहीं  की मां कैसी दिखती थी, मां की जगह पर चांदनी की बड़ी बहन कुसुम का प्यार मिला और  साथ ही पिता और भाइयों का प्यार मिला लेकिन वह मां की प्यार से मरहूम … Read more

बिखरते सपने-मुकेश कुमार

आरती दिल्ली के एक कॉलेज में हिंदी के सहायक प्रोफेसर थी। रंग रूप से भी सांवली थी और देखने में भी ज्यादा सुंदर नहीं थी लेकिन  आंतरिक सुंदरता की बात की जाए तो बहुत सुंदर थी, बड़ों का आदर करना, सबसे प्यार से मिलकर रहना, गरीब बच्चों को घर में ट्यूशन पढ़ाना, यह सब उसके … Read more

सौतेली सही पर सगी बहन से कम नहीं हूँ-मुकेश कुमार

निशा अपनी बड़ी बहन गीता से कह रही थी “दीदी जल्दी से ब्यूटी  पार्लर चलो लड़के वालो ने 4:00 बजे तक टाइम दिया है घर पर तुम्हें देखने आने के लिए फिर पार्लर में भी तो टाइम लगता है.”  दरअसल बात यह है कि आज गीता को लड़के वाले देखने आ रहे थे गीता और … Read more

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