छत वाला कमरा – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

मैं नेहा, पापा ने मेरा विवाह बहुत धूमधाम से करवाया। मेरे बड़े भाई विजय की शादी हो चुकी थी, उसकी पत्नी नैना, बहुत तेज स्वभाव की थी। उनके दो बच्चे थे, एक बेटा और एक बेटी।   मेरी मम्मी की मृत्यु हो चुकी थी। मम्मी के जाने के बाद पापा बिल्कुल अकेले हो गए थे। जब … Read more

ज़रूरी नहीं हर कहानी घर की कहानी एक जैसी हो – गीतू महाजन, : Moral Stories in Hindi

“सुनो जी,शिप्रा पांच बजे तक पहुंच जाएगी तो उसकी पसंद की प्याज़ की कचौड़ियां आ और गुड़ वाला हलवा याद से ले आए थे ना आप”,रीमा जी ने घड़ी में देखते हुए अपने पति रमाकांत जी से कहा। “तुमने मुझसे कब कहा यह सब लाने को..अब तो चार बज रहे हैं और तुम्हें पता है … Read more

समय रहते समझ आ गई- विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

    “ यूं रूठो न हसीना, मेरी जान पे बन जाएगी”        पार्क के एक कोने में पेड़ों की ओट में  बैठे आर्यन ने एकता के आने पर जब हौले से ये गीत गुनगुनाया तो वो धीमे से मुस्करा दी। सच में ही वो पिछले हफ्ते से आर्यन से नाराज चल रही थी। दोनों एक ही आफिस … Read more

दादी का मी टाइम – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“माँ, दादी कहाँ है? दिख नहीं रही है। पूजा कर रही है क्या?” रूही ने चारों तरफ नजरें दौड़ाते हुए अपनी माँ से पूछा। पुणे में एमबीए की पढ़ाई कर रही रुही अचानक हुए लॉकडाउन के कारण हॉस्टल में ही फंस गई थी और कल देर रात ही महीने भर बाद स्पेशल ट्रेन से घर … Read more

भला कर दिया – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“…सच कहती हूं अम्मा… आज सवेरे भी जब मैं अपने आंगन से फूल तोड़ती आई हूं, तो मंझले काका आपके आंगन से ही निकल रहे थे…!” ” पर बिन्नी बहू… उनको भला मेरे आंगन से क्या काम है री…!” ” यह तो अम्मा मैं क्या जानूं… मैंने तो जो देखा वह बता रही हूं…!”  एक … Read more

अपने ही गलत हो तो क्यों चुप रहना – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

सुबह से मुआयना हो रहा था। छान बीन की जा रही थी कि इतने बड़े आलीशान बंगला में अपनी बेटी के गायब होने की रिपोर्ट डॉक्टर शरमन ने लिखवाई,सर मेरी बेटी काव्या कल से नहीं आई। सभी तरह से छानबीन में जुटी पुलिस तहकीकात करने में लगी थी। उनसे पूछा गया कि बेटी काव्या कितने … Read more

कल आज और कल – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

रिया सुबह हो गयी, और उठ गयी… उसे कमरे से आते देख अरे कोई सामान से टकरा न जाना , इतना ही शुभी की सास ने बोला ही था कि तभी शुभी चौंकते हुए बोली- मम्मी जी आप ऐसा क्यों बोल रही हो ? तब रीना जी कहती – समय देख रही हो ,आठ बजे … Read more

मूर्ख नहीं मैं -लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

माँ कहाँ हो,कहते हुए चाँदनी नें घर मे प्रवेश किया। सामने अपनी छोटी भाभी को देखकर उसने पूछा भाभी माँ कहाँ है? यह सुनकर उसकी भाभी को बहुत ही बुरा लगा, फिर भी उसने हँसते हुए कहाँ अरे!दीदी घोड़े पर सवार क्यों हो?  थोड़ा रुको अपनी भाभी से भी तो परनामा पाती(अभिवादन और हालचाल लेना … Read more

सपनों का आसमां – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

अनिका वनिका दोनों बहनों की शादी एक ही शहर में हुई| दोनों के बच्चे भी सेम स्कूल में पढ़ते थे| अनिका का बेटा लक्ष्य दसवीं में और वनिका की बेटी सुमि आठवीं में|अनिका का घर स्कूल के पास था इसलिए लक्ष्य तो खुद ही घर आ जाता था| जबकि वनिका का घर दूर होने के … Read more

कहावत – काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

भव्या ने देखा – एक नया फ्रेंड रिक्वेस्ट आया है| मोबाइल स्क्रीन पर यह नोटिफिकेशन चमका और चेहरा भी चमकने लगा | आजकल उसकी दुनिया किताबों से ज्यादा मोबाइल में बसती थी | इंस्टा की रील, फेस बुक व्हाट्सअप  नये नये फ्रैंड रिक्वेस्ट  – यही रोज़ का रुटीन था | शुरुआत में तो अच्छा लगा … Read more

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