एक रिश्ता ऐसा भी – मधु वशिष्ठ
दादी की आवाज जोर-जोर से आ रही थी वह चाची से बात कर रही थी और कह रही थी अरे काहे को अभी से बिटिया के लिए वर ढूंढे है, छोरी को पढने दो और फिर बिट्टो वाले मेहमान जैसा ही कोई लड़का देख लियो।” “क्याआआआआ? दादी ऐसा बोल रही है?” नाचती हुई बिट्टो रुक … Read more