घाव हरा करना – लक्ष्मी त्यागी

शहर के कोने में बने एक पुराने से घर के बरामदे में, एक बूढ़ा व्यक्ति लकड़ी की पुराने डिजाइन की कुर्सी पर बैठा हुआ था। उसके चेहरे की झुर्रियों की गहराई में बीते हुए सालों का दर्द साफ झलक रहा था।उस व्यक्ति का नाम — ‘रामनारायण मिश्रा’था। ये घर कभी हंसी-खुशी से गूंजता था, मगर … Read more

भाई का बल – लतिका पल्लवी

    हैल्लो दीदी कैसी हो? जीजाजी कहाँ है? मै दस मिनट मे वीडियो कॉल करता हूँ।आप जीजाजी को बुला लो तब तक। फिर हम सभी तुमदोनो को एकसाथ एनीवरसरी विश करेंगे। माँ भी तब तक मंदिर से आ जाएगी। जीजाजी को जब भी फोन करो वह व्यस्त ही रहते है इसीलिए मैंने आपको पहले फोन कर … Read more

एक जोड़ी बूढ़ी आंखें और बूढ़े कान – शुभ्रा बैनर्जी

“अरे बहू !सुना तुमने।तुम्हारी बड़ी ननद के बेटे की शादी पक्की हो गई है।जय मां दुर्गा।कब से इन बूढ़ी आंखों में नवासे की दुल्हन देखने का सपना संजोए बैठी थी। तुम्हें भी चलना होगा पहले से।इकलौती मामी हो।अब बाबू(बेटा)तो है नहीं,तुम्हें ही मामा-मामी दोनों का दायित्व निभाना है।और सुनो,क्या कह रही थी प्रीति,मुझे आकर ले … Read more

दिखावटी रिश्ता – रेखा जैन

“अवनि मैंने सब्जी और दाल बना दी है। तुम रोटियां बना कर मम्मी पापा जी को खाना दे देना और सबकी रोटियां बना कर रख देना। मैं जरा मार्केट जा कर आती हूं। तुमने वो उस दिन साड़ी दिलाई थी न उसका ब्लाउज सिलने डाल आती हूं, बहुत दिन हो गए साड़ी ला कर रखी … Read more

“दिखावटी रिश्ता ” – कमलेश आहूजा

“नमस्ते बहन जी!कैसी हैं आप?आपको जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई।” “शुक्रिया जी..मैं ठीक हूँ,आप कैसी हैं?भाई साहब कैसे हैं?” “हम दोनों भी ठीक हैं।बस जी हम तो ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि आप हमेशा स्वस्थ रहें।आपका स्नेह और आशीर्वाद बच्चों के साथ हमेशा बना रहे।” समधन के बाद समधी जी ने भी रमा … Read more

फैसला – गीतू महाजन

“बड़ी टिप टॉप औरत है तेरी सास”, लड़के वालों के जाते ही सुहाना की मां झट से बोली।दरअसल सुहाना के रिश्ते के लिए लड़के वाले उसे देखने आए थे और जाते-जाते रिश्ता भी पक्का कर गए थे। सुहाना को ना करने की कोई बात भी नहीं थी।दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद एक नामी … Read more

हमें बस आपका आशीर्वाद चाहिए – मधु वशिष्ठ

अरुण और तरुण माता जी के दोनों बेटों का घर साथ साथ ही था। ननद लीला भी सोनीपत में ही रहती थी| अरुण दिल्ली में कोर्ट में नौकरी करता था और सुधा भी दिल्ली के ही स्कूल में टीचर थी। वह सोनीपत से ही रोजाना दिल्ली जाती थी। स्कूल समय पर पहुंचने के उद्देश्य से … Read more

हमे बस आपका आशीर्वाद चाहिए – विनीता सिंह

एक गांव के ए्क मध्यवर्गीय किसान राजकुमार की है वह खेती करते लेकिन उनके मन एक दुख था की वह ज्यादा पढे लिखे नहीं है लेकिन उनके दिल की इच्छा की वह अपने बच्चों को पढ़ाने शहर भेजे। राजकुमार जी और संध्या जी की दो संताने हैं उनका एक बेटा अनिल और  आरती दोनों बच्चों … Read more

दिखावटी रिश्ते – मंजू ओमर 

मम्मा आप कितनी अच्छी हो, मम्मा आप कितनी होशियार हो हर काम में, मम्मा आप कितना अच्छा खाना बनाती हो । बिना प्याज लहसुन के कैसे इतनी अच्छी सब्जी बना लेती हो।ये कहने वाली काव्या आज पति आयुष से कह रही थी की मैं तुम्हारी मम्मी की शक्ल नहीं देखना चाहतीं। उनकी छाया भी मैं … Read more

गोद ली बेटी – दिक्षा बागदरे

दीप्ति 6 भाई बहनों में सबसे छोटी बहन थी। उसकी चार बड़ी बहनें और एक भाई था। उसकी मौसी की अपनी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने दीप्ति के मम्मी और पापा से बात करके उसे बचपन में ही गोद ले लिया था। दीप्ति को बड़े नाजों से पाल पोसकर बड़ा किया। उसकी पढ़ाई-लिखाई में कोई … Read more

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