इस गुनाह की माफी नही – प्रतिभा परांजपे
पुष्पा ऑफिस जाने के लिए निकल ही रही थी तो,उसने बाबूजी को मां से कहते हुए सुना “कुंडली मिलान हो गया है। एक-दो दिन में वे लोग पुष्पा को देखने आ सकते हैं । पुष्पा ने सुन तो लिया पर मन ही मन झुंझला गई ,फिर वही देखने दिखाने का नाटक। रात में भोजन के … Read more