“जड़ें हिलती हैं जब…” – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

(एक दृश्यात्मक पारिवारिक कहानी — भावों से भीगी, समय की सच्चाइयों से टकराती) बरामदे में बैठकर अख़बार पढ़ते-पढ़ते दादा जी का चेहरा सख्त हो गया था। चश्मे के पार से उनकी आँखें अख़बार के हर शब्द को जैसे चीरकर देख रही थीं। “आजकल का ज़माना… कोई किसी का नहीं रहा।” हाथ काँपे, कप चाय छलक … Read more

रिश्तों की मर्यादा – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

कमरे में हल्का अंधेरा था। बाहर बारिश की बूँदें, खिड़की पर थिरक रही थीं — जैसे हर बूँद पूछ रही हो, “क्या आज फिर कोई रिश्ता भीगने वाला है?” नैना ने आरव को देखा — उसकी पीठ अब भी मुड़ी हुई थी, जैसे उसने बात नहीं सुनी हो। लेकिन नैना जानती थी — आरव सब … Read more

कठपुतली – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

टीवी पर एक पुरानी फिल्म चल रही थी। उसमें एक सीन आया—कठपुतलियों का डांस। रंग-बिरंगे कपड़ों में बंधी डोरियों से नाचती कठपुतलियां, जैसे किसी अदृश्य हाथ की कमान पर थिरक रही हों। रीना और उसकी बहू रिंकी साथ बैठकर फिल्म देख रही थीं। अचानक रीना चुप हो गई, उसकी आंखों की चमक बुझ सी गई। … Read more

कठपुतली – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

‘बाबूजी आज भोपाल मेला चलिए न-राधा और मालती भी कह रही थी।-बहू चाय देते बोली। अच्छा,कहते महेश्वर दयाल जी चाय पीने लगे।वे टी वी भी देखने लगे। सुबह के सात बजे थे और ये अपनी चाय दुकान चलाकर आये थे।इनकी आंखों से सावन भादो झरने लगे। “ना बाबूजी,अब सब ठीक हो गया।-यह बहू यशोदा थी। … Read more

आसमान पर उड़ना – कमलेश राणा : Moral Stories in Hindi

निशि बेटा देखो तुम्हारा पार्सल आया है। हां मम्मी अभी आती हूं। बेटा क्या तुम्हें ऐसा नहीं लगता कि तुमने शॉपिंग की अति कर रखी है। नौकरी क्या लगी.. तुम तो आसमान पर ही उड़ने लगी।याद रखना अति हर चीज की बुरी होती है आज यह तुम्हारा पांचवां पार्सल है। मां पता नहीं क्यों आपको … Read more

कठपुतली – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

चारदीवारी के भीतर बड़ी सी कोठी, दर्जनों नौकर-चाकर। संसार की तमाम सुख-सुविधाएं जैसे कुबेर का खजाना इसी घर में हो। सुदर्शन पति आरव …अति व्यस्त , अहंकारी फैशनपरस्त,जरा सा भी  किसी काम में चूक बर्दाश्त नहीं है। आज बुजुर्ग सेवक के हाथों से कीमती विदेशी टी सेट गिरकर टूट गया। आरव ने झट थप्पड़ चला … Read more

ऊपर वाले की नज़र – प्रतिभा  सिन्हा : Moral Stories in Hindi

” बहु, मुझे चक्कर  आ रहे हैं ।  तुम्हारे पापा ( ससुर जी ) को एक ग्लास  गर्म  पानी दे देना । उन्हें दवा खाना  है ।” कहते हुए  जैसे ही रमा देवी किचन   की चौखट से जैसे ही  बाहर निकलीं , वे अपने-आप  को सम्हाल  नहीं पाईं और चक्कर  खाकर धड़ाम  से गिर … Read more

बहू! ये मत भूलो भगवान सब देख रहा है! – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“हमें अफसोस है लाख कोशिश कर के भी हम आपकी पत्नी को बचा नहीं सके”!आपरेशन थियेटर से निकल कर डाक्टर ने मुंह से मास्क उतार कर रमन से कहा! रमन हक्का बक्का सा कभी मां कमला जी को तो कभी अपनी दस साल की बेटी मानू को देख जमीन पर धम्म से बैठ गया!और मानू … Read more

कठपुतली – के आर अमित : Moral Stories in Hindi

नहर से बहती आ रही एक औरत की लाश पर जैसे ही आसपास के लोगों की नजर पड़ी लोग तुरन्त उस तरफ भागने लगे। लोगों ने देखा एक औरत जो कम उम्र की ही लग रही थी पानी की धाराओं में धीरे धीरे बहती जा रही थी। उनमे सी किसी ने तुरंत पुलिस को फ़ोन … Read more

हवाई यात्रा – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सभी यात्रियों से अनुरोध है सुरक्षा पेटी बांध लें।हमारा वायुयान उड़ान भरने वाला है… एयरहोस्टेस की मीठी आवाज सुन सुधा ने जल्दी से अपनी सीट की बेल्ट ढूंढी और लगाने की कोशिश करने लगी लेकिन बढ़ती घबराहट से उसे बेल्ट कसने में दिक्कत आने लगी…सहसा उसे वह दिन याद आ गया…! गांव की प्राथमिक पाठशाला … Read more

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