अनमोल तोहफा – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से ही वेदांत का दफ़्तर में मन नहीं लग रहा था।न जाने क्यों मूड उखड़ा सा है। जब आदमी का मन ठीक न हो तो न चाहते हुए भी किसी न किसी से बिना बात के ही लड़ाई झगड़ा, मन मुटाव सा हो जाता है। दफ़्तर के माहौल में चुप रहना पड़ता है … Read more

रिश्तों की मर्यादा – सरिता कुमार : Moral Stories in Hindi

कंपकंपाती सर्दी , निरंतर बर्फबारी कटागला की धरती पर मानो उतर आया हो दूधिया बादल और बिछ गया हो उनके स्वागत में । कैब से उतरते ही छू गया उन्हें रूई के फाहा जैसा बर्फ । उन्होंने झट से मुट्ठी भर उठाया  और गोला बनाकर उछाल दिया आकाश की ओर …. और हंस पड़ी अपनी … Read more

अस्तित्व की लड़ाई – रत्ना पांडे : Moral Stories in Hindi

आज अचानक मीना ने अपनी मालकिन अनुराधा के पास आकर कहा, “मैडम मैं कल से काम पर नहीं आऊंगी।” अनुराधा ने बड़े ही चिंतित स्वर में पूछा, “अरे मीना क्या हो गया? क्यों नहीं आएगी?” “मैडम मैं गाँव जा रही हूँ, मेरे मायके।” “लेकिन इस तरह अचानक? क्या कोई इमरजेंसी …?” “नहीं मैडम जी मेरा … Read more

पट्टी पढ़ाना – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

शर्मा जी के परिवार में कहने को दो बेटे रवि और किशन दोनों भाइयों का भरा पूरा परिवार था। दोनों भाई एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे मगर कुछ दिनों से रवि कुछ बदला बदला सा नजर आने लगा । उसके दोस्तों ने उसके घर की संपत्ति को लेकर ऐसी पट्टी पढ़ाई कि वह … Read more

रिश्तों की मर्यादा – रेनू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

चंदा की शादी को कुछ ही महीने हुए थे। वह एक शांत, सरल और सलीके से रहने वाली लड़की थी। अपने नए घर में उसने खुद को ढालने की पूरी कोशिश की। परिवार बड़ा नहीं था — सिर्फ उसके सास-ससुर थे, लेकिन उसकी सास का देहांत हो चुका था, और अब घर में सिर्फ उसके … Read more

अस्तित्व – रेनू अग्रवाल

“प्रीति, अगर तुम्हें मुझसे शादी करनी है तो तुम्हें ये नौकरी छोड़नी होगी!” आकाश फोन पर किसी से गुस्से में चिल्ला रहा था। उसकी माँ, सीता, पास के कमरे में यह सब सुन लेती हैं। घबराई हुई वह कमरे में आती हैं और पूछती हैं, “क्या हुआ आकाश?” आकाश गुस्से में जवाब देता है, “माँ, … Read more

पट्टी  पढ़ाना – महजबीं : Moral Stories in Hindi

मौसी जी मम्मी को पट्टी पढ़ा रही थी और  नेहा उनकी बातों को ध्यान से सुन रही थी। मौसी जी  अयान भैया  की शादी मे  किसी कारण वश नहीं आ पायी थी।  वो भोपाल मे रहती थीं और हम नागपुर में।  अब शादी के दो महीने के बाद वह भाभी को देखने आयी थीं। शादी … Read more

मायके सुख (अर्चना सिंह)

“उफ्फ …ये लड़की भी न ! थोड़ी देर हो जाए फोन उठाने में तो लगातार फोन करेगी जब तक उठा न लूँ । रसोई से आकर झूले पर बैठते हुए अनिता जी ने कहा । अनिता जी के पति अरुण जी  चाय की चुस्की लेते हुए बोले…”खाना बनाते हुए तो फोन उठा ही सकती हैं … Read more

अति मोह से पनपा स्वार्थ – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

शालिनी जी बेटी को एक लाख रुपये से भरा बैग देते हुए कहती है- देख दिव्या मैं तुझे ये बहू की नजरों से बचा कर दे रही हूं। देख तू उससे जिक्र न करना। शालिनी जी के पास हमेशा बेटी आती और किसी न किसी बहाने से पैसे ले जाती है। और दिव्या को पैसे … Read more

घर वापसी – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

कई दिनों से अम्मा को तैयारी करते देख रेखा बोली अब बस भी करो और कितनी तैयारियां करोगी अरे! हम सालों के लिए नही कुछ महीनों के लिए जा रहे हैं।फिर तुम्हें तो पता है ज्यादा सामान लेके फ्लाइट पर नही चढ़ सकते। कहते हुए अचार की बर्नी,जरूरत से ज्यादा कपड़े खाने का बहुत सारा … Read more

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