दिखावटी रिश्ता – प्राची गोयल गुप्ता
अक्टूबर की हल्की ठंडी ठंडी हवा में सारी औरतें सजी-धजी चांद का इतंज़ार कर रही थी।या यूं कह लो…. धरती का चांद आज आकाश के चांद का इंतजार कर रहा था! “चांद लगता है आज आसानी से नही निकलने वाला …??” निशि ने गुमसुम बैठी मधु से कहा! “हम्म…”,मधु ने बस इतना ही कहा! “कैसे … Read more